केंद्रीय बजट 2027 में एमएसएमई पर खास जोर, प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक पहुंच के लिए उठाए गए अहम कदम
नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। रविवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को देश की आर्थिक विकास योजना के केंद्र में रखा गया है। सरकार ने ऐसे कई कदमों की घोषणा की है, जिनसे ये छोटे उद्योग बड़े बन सकें, अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें और देश-विदेश के बाजारों से बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
बयान में कहा गया है कि बजट में सरकार ने साफ किया है कि एमएसएमई देश की आर्थिक वृद्धि और रोजगार के मुख्य आधार हैं। वर्तमान में एमएसएमई भारत के कुल विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) उत्पादन का लगभग 35.4 प्रतिशत हिस्सा देते हैं। देश के कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी करीब 48.58 प्रतिशत है और जीडीपी में इनका योगदान 31.1 प्रतिशत है।
देश में 7.47 करोड़ से ज्यादा एमएसएमई इकाइयां हैं, जो लगभग 32.82 करोड़ लोगों को रोजगार देती हैं। कृषि के बाद यह क्षेत्र सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाला क्षेत्र है।
बजट में तीन मुख्य कर्तव्य (लक्ष्य) तय किए गए हैं, जिनका उद्देश्य तेजी से विकास करना, लोगों की उम्मीदों को पूरा करना और देश के अलग-अलग क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाना है।
पहले कर्तव्य के तहत सरकार ने एमएसएमई को आगे बढ़ाने के लिए तीन मुख्य उपाय बताए हैं - पूंजी (इक्विटी) सहायता देना, नकदी की उपलब्धता बढ़ाना और पेशेवर सलाह व सहायता उपलब्ध कराना।
इक्विटी सहायता बढ़ाने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपए का विशेष एसएमई ग्रोथ फंड बनाने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य योग्य छोटे उद्योगों को बढ़ने और विस्तार करने में मदद करना है।
इसके अलावा, 2021 में शुरू किए गए आत्मनिर्भर भारत फंड को 2,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, ताकि छोटे उद्योगों को जोखिम पूंजी (रिस्क कैपिटल) मिल सके। 30 नवंबर 2025 तक इस फंड ने 682 एमएसएमई को 15,442 करोड़ रुपए का निवेश समर्थन दिया है।
नकदी की समस्या को हल करने के लिए सरकार ने बताया कि ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) के माध्यम से एमएसएमई के लिए 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। अब केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए यह अनिवार्य किया जाएगा कि वे एमएसएमई को भुगतान करने के लिए टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म का उपयोग करें।
इसके साथ ही सीजीटीएमएसई योजना के तहत बिल छूट (इनवॉइस डिस्काउंटिंग) के लिए क्रेडिट गारंटी सहायता भी दी जाएगी।
सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) को टीआरईडीएस से जोड़ा जाएगा, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को बेहतर जानकारी मिलेगी और एमएसएमई को जल्दी और सस्ता ऋण मिल सकेगा।
सरकार टीआरईडीएस से जुड़े बिलों को एसेट बैक्ड सिक्योरिटीज के रूप में पेश करने की भी योजना बना रही है, जिससे बाजार में नकदी और बढ़ेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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US Attack on Syria: अमेरिका का सीरिया में बड़ा हमला, ISIS के 30 से ज्यादा ठिकाने तबाह
US Attack on Syria: अमेरिका ने सीरिया में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है. अमेरिकी सेना ने पिछले 15 दिनों में कई हवाई हमले किए हैं, जिनमें आतंकियों के ठिकानों, हथियारों के गोदाम और संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया. इन हमलों से ISIS के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और कई आतंकियों के मारे जाने या पकड़े जाने की खबर है.
ऑपरेशन ‘हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत कार्रवाई
अमेरिकी सेना की क्षेत्रीय कमान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत की जा रही है. इस अभियान की शुरुआत 19 दिसंबर 2025 को हुई थी. इससे पहले 13 दिसंबर को सीरिया के पलमायरा शहर में एक हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक इंटरप्रेटर की मौत हो गई थी. अमेरिका ने कहा कि यह अभियान उसी हमले का जवाब है.
US army launches retaliatory strikes on dozens of ISIL targets in Syria https://t.co/zeGBhgBM3d pic.twitter.com/WWBmNXcZ87
— Al Jazeera English (@AJEnglish) February 14, 2026
30 से ज्यादा ठिकाने नष्ट
सेंटकॉम के अनुसार, 3 फरवरी से 12 फरवरी के बीच नए चरण में 10 सटीक हवाई हमले किए गए. इन हमलों में ISIS के 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें हथियारों के भंडार, रसद केंद्र और संचार प्रणाली शामिल थे, जो संगठन की गतिविधियों को चलाने में मदद कर रहे थे.
अमेरिका ने विमानों और ड्रोन से किया हमला
इस अभियान में अमेरिका ने कई आधुनिक लड़ाकू विमानों और ड्रोन का इस्तेमाल किया. इनमें एफ-15ई स्ट्राइक ईगल, ए-10 वार्थॉग, एसी-130जे घोस्टराइडर और एमक्यू-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं. इसके अलावा जॉर्डन के एफ-16 विमानों ने भी इस अभियान में सहयोग दिया. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 50 ISIS लड़ाके मारे गए हैं और कई गिरफ्तार किए गए हैं.
आतंकियों को कमजोर करने की कोशिश
अमेरिका ने साफ संदेश दिया है कि उसके सैनिकों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. सेंटकॉम ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने के लिए सीरिया की जेलों में बंद 5,700 से ज्यादा ISIS संदिग्धों को इराक भेजा गया है. अमेरिका का कहना है कि उसका लक्ष्य ISIS को फिर से मजबूत होने से रोकना और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है.
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