Responsive Scrollable Menu

फ्रांस के विरोध प्रदर्शनों में पुलिसिया कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हुए कई छात्र, किसी के हाथ टूटे तो किसी के जबड़े

फ्रांस में स्कूलों की खराब स्थिति, शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन हो रहे हैं. इस दौरान की गई पुलिसिया कार्रवाई विवादों में घिर गई है. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में कई नाबालिग छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए. कुछ छात्रों को ऐसी चोटें आईं हैं, जिसका असर उनकी जिंदगी पर लंबे वक्त तक रह सकता है. मानवाधिकार संगठनों और वकीलों ने पुलिस की भीड़ नियंत्रण रणनीति और हथियारों के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए हैं.

किसी का हाथ उड़ा, किसी के जबड़े में गंभीर चोट

रिपोर्टों के अनुसार, उत्तरी फ्रांस के लेंस शहर में 5 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान, 15 साल के छात्र का हाथ स्टेन ग्रेनेड की वजह से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के बाद फ्रांस के गृहमंत्री लॉरेंट नुनेट ने छात्र प्रदर्शन के दौरान संबंधित प्रकार के ग्रेनेड के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. 

वहीं, एक अन्य केस में 14 साल के छात्र ईडन के चेहरे पर पुलिस की ओर से दागा गया आंसू गैस का गोला लगने की वजह से उसके जबड़े और दांतों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है. इस घटना में शामिल पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी जांच शुरू हुई. टूर शहर में 16 वर्षीय एक छात्र की आंख की रोशनी प्रभावित होने का मामला भी सामने आया. इन घटनाओं की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई की जांच की जा रही है.

स्कूलों की बदहाली के खिलाफ प्रदर्शन

फ्रांस में छात्रों का आंदोलन सितंबर 2026 से तेज हुआ. प्रदर्शनकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर इमारतों, भीड़भाड़ वाली कक्षाओं और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि खराब बुनियादी ढांचे और पर्याप्त शिक्षकों की अनुपलब्धता का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है.

प्रदर्शन कई शहरों तक फैल गए और कुछ स्थानों पर स्कूलों के प्रवेश द्वार बंद किए गए. कुछ प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी हुआ. सरकार ने जहां हिंसा और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की घटनाओं का हवाला दिया, वहीं आलोचकों ने पुलिस के बल प्रयोग को जरूरत से ज्यादा कठोर बताया. 

हजारों लोगों को हिरासत में लेने पर सवाल

एसोसिएटेड प्रेस की 8 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, आंदोलन शुरू होने के बाद पुलिस 6,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी. इनमें बड़ी संख्या 18 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की बताई गई. पुलिस हिरासत और कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं.

गंभीर चोटों के मामलों में जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पुलिस ने नियमों के मुताबिक बल प्रयोग किया या नहीं. फ्रांस के गृह मंत्री ने भी कहा है कि छात्रों के आंदोलन से निपटने का तरीका वयस्क प्रदर्शनकारियों से अलग होना चाहिए. 

मैक्रों सरकार पर बढ़ा दबाव

इन घटनाओं ने फ्रांस में पुलिस की जवाबदेही, प्रदर्शन करने के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है. सरकार के सामने एक ओर हिंसक घटनाओं को रोकने की चुनौती है, तो दूसरी ओर छात्रों की शिक्षा संबंधी मांगों और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी भी है. आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कदम यह तय करने में अहम होंगे कि छात्रों का आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है.

 

Continue reading on the app

अंधे कत्ल का पर्दाफाश, 20% ब्याज और धमकियों से थे परेशान, पुलिस ने चारों आरोपी गिरफ्तार किये

ग्वालियर पुलिस ने ग्राम पिपरौली के खेत में मिले शव की गुत्थी को सुलझा लिया है और इया अंधे क़त्ल को अंजाम देने वाले काह्रों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, शुरूआती पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक ब्याज पर पैसे उधार देता था, आरोपियों ने भी उससे पैसे लाखों रुपये लिए थे जिसकी वसूली मृतक 20 प्रतिशत ब्याज की दर से कर रहा था और नहीं देने पर रोज टोकाटोकी करता था और धमकियाँ देता था जिससे परेशान होकर उसकी कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।

ग्वालियर पुलिस ने आज कंट्रोल रूम में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 14 अक्टूबर को डायल 112 को सूचना मिली कि झाँसी रोड थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरौली में भागीरथ गुर्जर के खेत में एक शव पड़ा है, पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची आसपास मालूम किया तो मृतक की पहचान पुरुषोत्तम गुर्जर के रूप में हुई जिसे उसके सगे भाई जितेन्द्र ने पहचाना, पुरुषोत्तम छोटी मडईयां केदारपुर थाना झांसीरोड का रहने वाला था। मृतक के सिर और गार्डन पर धारदार हथियार से चोट के निशान से पुलिस ने मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी।

5 टीमों ने 72 घंटे में सभी आरोपी गिरफ्तार किये 

एसपी धर्मवीर सिंह के निर्देश पर अंधे क़त्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए 5 टीमें गठित की गई, टीमों में  लगातार घटनास्थल और आसपास के निवासियों, मृतक के परिजनों, संदेहियों से पूछताछ की, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए  और करीब 72 घंटे में हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या करने वाले चरों आरोपियों रमन गुर्जर, राधाकृष्ण गुर्जर, छोटू उर्फ राहुल गुर्जर और विजय उर्फ खैरी गुर्जर निवासीगण छोटी मडईयां केदारपुर थाना झॉसीरोड़ जिला ग्वालियर को गिरफ्तार कर लिया ।

मृतक 20% ब्याज पर कर्ज देता था नहीं चुकाने पर धमकी देता था 

शुरूआती पूछताछ में सामने आया कि पुरुषोत्तम गुर्जर ब्याज पर पैसे उधार देता था, रमन गुर्जर, राधाकृष्ण गुर्जर, छोटू उर्फ राहुल गुर्जर, विजय उर्फ खेरी गुर्जर ने मृतक पुरुषोत्तम गुर्जर से 20% ब्याज पर लाखों रुपये का कर्ज ले रखा था। मृतक पुरुषोत्तम ब्याज की वसूली के लिये इन लोगों पर विभिन्न प्रकार से दबाब बनाता था, और धमकियाँ देता था, जिससे परेशान होकर चारों ने पुरुषोत्तम की हत्या की योजना बनाई।

खेत में ले जाकर चारों ने कुल्हाड़ी मारकर की हत्या 

इन लोगों ने पुरुषोत्तम गुर्जर को रास्ते से हटाने की प्लानिंग की और उन्हें इसका जल्दी मौका भी मिल गया, पुरुषोत्तम के साले की एक्सीडेंट में मौत हो गई तो उसकी पत्नी अपने मायके चली गई, 13 अक्टूबर को को रात करीब 11 बजे रमन गुर्जर ने पुरुषोत्तम को उसके घर जाकर सोते से जगाया और ब्याज देने की बात कहकर घर के बाहर चलने के लिए कहा वो उसे भागीरथ के खेत में ले गया और बातचीत के दौरान उसपर अचानक हमला कर दिया, वहां खेत में पहले से मौजूद अन्य तीनों ने भी पुरुषोत्तम पर हमला कर उसकी हत्या कर दी, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

Continue reading on the app

  Sports

उम्र नहीं फिटनेस और फॉर्म देखें, Sunil Gavaskar ने Team India के लिए की Krunal Pandya की वकालत

भारतीय क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी को लेकर चर्चा तेज है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी की है, जिसके बाद अब दूसरे सीनियर खिलाड़ियों को भी दोबारा मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और पूरी तरह फिट है, तो उसकी उम्र को टीम में चयन के रास्ते में नहीं आने देना चाहिए।

भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर करीब 1,425 दिन बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उनके चयन से यह संकेत मिला है कि चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों को फिर से मौका देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की संभावित वापसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सुनील गावस्कर ने इस चर्चा के बीच क्रुणाल पांड्या का नाम आगे रखा है, जो पिछले कुछ समय से अपने खेल से प्रभावित कर रहे हैं।

क्रुणाल ने 2026 के आईपीएल सत्र में गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान दिया। उन्होंने 16 मैचों में 14 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनकी गेंदबाजी औसत 30.35 और रन देने की दर 8.45 रही। बल्लेबाजी में भी उन्होंने 226 रन बनाए। इसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली गई मैच जिताने वाली अर्धशतकीय पारी भी शामिल है। बता दें कि क्रुणाल अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पिछली 2 खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

जियोस्टार से बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने क्रुणाल की गेंदबाजी को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि क्रुणाल गेंद को बहुत ज्यादा घुमाने वाले गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन वह अपनी लाइन और लेंथ में लगातार बदलाव करते हैं। वह बल्लेबाज के इरादे को समझकर गेंदबाजी करते हैं और कभी पैड की तरफ गेंद डालते हैं, तो कभी बाउंसर का इस्तेमाल करते हैं। उनका मकसद केवल विकेट लेना ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने से रोकना भी होता है।

गावस्कर के मुताबिक, क्रुणाल खेल को समझने वाले खिलाड़ी हैं और मैदान पर हमेशा कोई न कोई योजना बनाकर उतरते हैं। उन्होंने बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी क्रुणाल के योगदान की सराहना की। गावस्कर का मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए टीम में उन खिलाड़ियों को शामिल करना जरूरी है, जो अपने प्रदर्शन से जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान ने साफ कहा कि टीम चुनते समय खिलाड़ियों की उम्र के बजाय उनके प्रदर्शन और फिटनेस को महत्व दिया जाना चाहिए। अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेल रहा है और शारीरिक रूप से फिट है, तो उसे भारतीय टीम में मौका देने पर विचार होना चाहिए। उनके अनुसार, बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए चयन का आधार खिलाड़ी की उपयोगिता होनी चाहिए, न कि उसकी उम्र।

गौरतलब है कि क्रुणाल पांड्या ने आखिरी बार 2021 में श्रीलंका दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं। अब गावस्कर के समर्थन के बाद उनके दोबारा भारतीय टीम में चुने जाने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनकी वापसी को लेकर चयनकर्ताओं की ओर से कोई फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका प्रदर्शन आगे की राह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Sun, 18 Oct 2026 23:24:00 +0530

  Videos
See all

Strait of Hormuz Latest News | होर्मुज स्ट्रेट पर आया बड़ा अपडेट! | Iran US Breaking News | Hormuz #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-18T21:30:22+00:00

Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग का सबसे ताजा़ VIDEO, सामने से चलीं गोलियां #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-18T21:30:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers