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Uddhav Thackeray को बड़ा झटका, Shiv Sena UBT छोड़ Shinde कैंप में आए Anand Dubey

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) से इस्तीफा देने वाले आनंद दुबे, शुक्रवार को ठाणे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। उद्धव ठाकरे गुट के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में, आनंद दुबे ने इस हफ्ते की शुरुआत में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। कई सालों तक, वे पार्टी के एक मुखर रक्षक रहे, जिन्होंने स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में पार्टी की नीतियों का बचाव किया। लेकिन अब यह बचाव खत्म हो गया है। भारी मन और दृढ़ स्वर में, उन्होंने तुरंत पार्टी छोड़ने की घोषणा की: "मैं अपनी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) से इस्तीफा दे रहा हूँ। मैं अपनी प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद, दोनों से पूरी तरह से अलग हो रहा हूँ।

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उनका इस्तीफा पार्टी के कामकाज को लेकर चल रही नाराजगी के बीच आया है। उनके पार्टी छोड़ने से शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लग सकता है, खासकर महाराष्ट्र में हिंदी भाषी मतदाताओं तक पहुंचने के मामले में। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब महा विकास अघाड़ी (MVA) - जिसमें शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं - अपने घटकों के बीच एकता पर जोर दे रही है।

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दुबे ने शिवसेना (यूबीटी) से इस्तीफा देने के पीछे का कारण बताया


अपने इस फैसले की गंभीरता को समझाते हुए, दुबे ने बताया कि यह कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं था, बल्कि लंबे समय से चल रहे आंतरिक संघर्ष का नतीजा था। कई सालों तक, उन्होंने बदलते राजनीतिक समीकरणों का बोझ चुपचाप ढोया था। पिछले चार-पांच सालों से, मैंने महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मामलों तक, हर विषय पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा है। तो फिर, क्या बदल गया? कुछ भी रातों-रात नहीं होता। कई महीनों से, मैं चुपचाप तकलीफ सह रहा था और बहुत ज्यादा परेशान थाहा।

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आज ‘एकरंगा’ बनाम ‘तिरंगा’ का दिन...मार्च को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कसा तंज

दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन ने एक नया मोड़ ले लिया है। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित मार्च से पहले, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया है। CJP ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च का आह्वान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की है। यह प्रदर्शन, मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे अभियान का हिस्सा है। तिरंगा मार्च को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आज ‘एकरंगा’ बनाम ‘तिरंगा’ का दिन है!

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सत्ता परिवर्तन वाली टिप्पणी से विपक्ष का एजेंडा साफ हो गया है: नितिन नबीन


बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि विपक्ष द्वारा 'सत्ता परिवर्तन' जैसे शब्दों का इस्तेमाल उनके उस एजेंडे को साफ कर देता है, जिसके तहत वे "विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करना" चाहते हैं। नबीन ने एक पोस्ट में कहा सत्ता परिवर्तन' जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने देश के सामने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है। विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने की यह नापाक कोशिश, 'अर्बन नक्सलियों' के एजेंडे का ही हिस्सा है।

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सेंट्रल पार्क के पास सुरक्षा कड़ी, 'मोदी-मोदी' के नारे लगे


राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 6 के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई है। एक तरफ "मोदी-मोदी" के नारे लग रहे हैं, तो दूसरी तरफ तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। CAPF के जवानों ने इलाके को घेर लिया है, जबकि तिरंगा लिए लोग सेंट्रल पार्क के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं (सेंट्रल पार्क अभी आम लोगों के लिए बंद है)। संसद मार्ग और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं, जहाँ अर्धसैनिक बलों के जवान और महिला कांस्टेबल तैनात हैं। यहाँ धारा 144 लागू होने का बोर्ड भी लगा है। हालाँकि, बैरिकेड के बगल वाली सड़क खुली है, जहाँ कनॉट प्लेस के इनर सर्कल से ट्रैफिक धीमी गति से चल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच, पुलिस लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।

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  Sports

उम्र नहीं फिटनेस और फॉर्म देखें, Sunil Gavaskar ने Team India के लिए की Krunal Pandya की वकालत

भारतीय क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी को लेकर चर्चा तेज है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी की है, जिसके बाद अब दूसरे सीनियर खिलाड़ियों को भी दोबारा मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और पूरी तरह फिट है, तो उसकी उम्र को टीम में चयन के रास्ते में नहीं आने देना चाहिए।

भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर करीब 1,425 दिन बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उनके चयन से यह संकेत मिला है कि चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों को फिर से मौका देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की संभावित वापसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सुनील गावस्कर ने इस चर्चा के बीच क्रुणाल पांड्या का नाम आगे रखा है, जो पिछले कुछ समय से अपने खेल से प्रभावित कर रहे हैं।

क्रुणाल ने 2026 के आईपीएल सत्र में गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान दिया। उन्होंने 16 मैचों में 14 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनकी गेंदबाजी औसत 30.35 और रन देने की दर 8.45 रही। बल्लेबाजी में भी उन्होंने 226 रन बनाए। इसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली गई मैच जिताने वाली अर्धशतकीय पारी भी शामिल है। बता दें कि क्रुणाल अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पिछली 2 खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

जियोस्टार से बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने क्रुणाल की गेंदबाजी को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि क्रुणाल गेंद को बहुत ज्यादा घुमाने वाले गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन वह अपनी लाइन और लेंथ में लगातार बदलाव करते हैं। वह बल्लेबाज के इरादे को समझकर गेंदबाजी करते हैं और कभी पैड की तरफ गेंद डालते हैं, तो कभी बाउंसर का इस्तेमाल करते हैं। उनका मकसद केवल विकेट लेना ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने से रोकना भी होता है।

गावस्कर के मुताबिक, क्रुणाल खेल को समझने वाले खिलाड़ी हैं और मैदान पर हमेशा कोई न कोई योजना बनाकर उतरते हैं। उन्होंने बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी क्रुणाल के योगदान की सराहना की। गावस्कर का मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए टीम में उन खिलाड़ियों को शामिल करना जरूरी है, जो अपने प्रदर्शन से जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान ने साफ कहा कि टीम चुनते समय खिलाड़ियों की उम्र के बजाय उनके प्रदर्शन और फिटनेस को महत्व दिया जाना चाहिए। अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेल रहा है और शारीरिक रूप से फिट है, तो उसे भारतीय टीम में मौका देने पर विचार होना चाहिए। उनके अनुसार, बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए चयन का आधार खिलाड़ी की उपयोगिता होनी चाहिए, न कि उसकी उम्र।

गौरतलब है कि क्रुणाल पांड्या ने आखिरी बार 2021 में श्रीलंका दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं। अब गावस्कर के समर्थन के बाद उनके दोबारा भारतीय टीम में चुने जाने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनकी वापसी को लेकर चयनकर्ताओं की ओर से कोई फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका प्रदर्शन आगे की राह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Sun, 18 Oct 2026 23:24:00 +0530

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