आज ‘एकरंगा’ बनाम ‘तिरंगा’ का दिन...मार्च को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कसा तंज
दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन ने एक नया मोड़ ले लिया है। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित मार्च से पहले, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया है। CJP ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च का आह्वान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की है। यह प्रदर्शन, मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे अभियान का हिस्सा है। तिरंगा मार्च को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आज ‘एकरंगा’ बनाम ‘तिरंगा’ का दिन है!
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सत्ता परिवर्तन वाली टिप्पणी से विपक्ष का एजेंडा साफ हो गया है: नितिन नबीन
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि विपक्ष द्वारा 'सत्ता परिवर्तन' जैसे शब्दों का इस्तेमाल उनके उस एजेंडे को साफ कर देता है, जिसके तहत वे "विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करना" चाहते हैं। नबीन ने एक पोस्ट में कहा सत्ता परिवर्तन' जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने देश के सामने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है। विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने की यह नापाक कोशिश, 'अर्बन नक्सलियों' के एजेंडे का ही हिस्सा है।
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सेंट्रल पार्क के पास सुरक्षा कड़ी, 'मोदी-मोदी' के नारे लगे
राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 6 के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई है। एक तरफ "मोदी-मोदी" के नारे लग रहे हैं, तो दूसरी तरफ तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। CAPF के जवानों ने इलाके को घेर लिया है, जबकि तिरंगा लिए लोग सेंट्रल पार्क के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं (सेंट्रल पार्क अभी आम लोगों के लिए बंद है)। संसद मार्ग और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं, जहाँ अर्धसैनिक बलों के जवान और महिला कांस्टेबल तैनात हैं। यहाँ धारा 144 लागू होने का बोर्ड भी लगा है। हालाँकि, बैरिकेड के बगल वाली सड़क खुली है, जहाँ कनॉट प्लेस के इनर सर्कल से ट्रैफिक धीमी गति से चल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच, पुलिस लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
दिल्ली के बाहर विदेशी मेहमानों की मेजबानी स्थापित परंपरा, Rahul Gandhi को MEA का जवाब
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुंबई में भारतीय सरकारी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित मुलाकात पर तंज कसा था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करना एक स्थापित परंपरा रही है। मंत्रालय ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के आगामी कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ-साथ मार्को रुबियो के साथ उनकी मुलाकातें शामिल हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा पिछले एक दशक से भारत के अलग-अलग शहरों में समय-समय पर विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करने की परंपरा रही है।" मंत्रालय ने कई ऐसे उदाहरण दिए जब भारत ने राष्ट्रीय राजधानी के बाहर विदेशी नेताओं और अधिकारियों की मेजबानी की।
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मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में स्पेन के प्रधानमंत्री, अहमदाबाद में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री की मेजबानी की थी। इसके अलावा, विदेश मंत्री जयशंकर के कार्यक्रमों का भी जिक्र किया गया, जिनमें गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक, केवड़िया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री के साथ मुलाकात और अमृतसर में 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन शामिल हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) का यह जवाब तब आया, जब राहुल गांधी ने मुंबई में भारतीय अधिकारियों के साथ रुबियो की प्रस्तावित मुलाकात को लेकर सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी विदेश मंत्री की इस यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय के भीतर ही भ्रम की स्थिति है।
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शुक्रवार को 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा मिस्टर रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है। मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है। बेहतर होगा कि आप ही स्पष्ट कर दें। या फिर, अगर आप चाहें तो मैं भी बता सकता हूँ। राहुल गांधी की यह टिप्पणी, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' के एक सत्र के दौरान रुबियो की आगामी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। सर्जियो गोर ने बताया कि रुबियो मुंबई में भारतीय सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। साथ ही, दिल्ली से आने वाले अन्य अधिकारियों के साथ विदेश मंत्री जयशंकर के भी इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।
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