भविष्यवाणी! पांचवें टी20 मैच में खेलेंगे वैभव सूर्यवंशी, टीम इंडिया की प्लेइंग-11 पर पूर्व कोच का आया बड़ा बयान
Vaibhav Sooryavanshi : भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला और आखिरी मुकाबला 17 अक्टूबर यानी शनिवार को खेला जाने वाला है. इस मुकाबला फैसला करेगा कि इस सीरीज को कौन जीतेगा क्योंकि सीरीज अभी तक सिर्फ 2-2 की बराबरी पर है. इस सीरीज का पहला और दूसरा मुकाबला भारत ने जीता तो वहीं, दूसरे और चौथे मैच में वेस्टइंडीज को जीत मिली. इस पांच मैचों की सीरीज में अब तक भारत के सबसे छोटे बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला है. अब पांचवें टी20 में क्या उन्हें मौका मिलेगा. इस पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने वैभव को प्लेइंग-11 में शामिल करने पर क्या कहा है, आइए जानते हैं.
इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने 15 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 में वैभव को मौका देने की वकालत की है. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक ऐसी शर्त भी रख दी है, जिससे उन्हें एक अजीब हालत को जन्म दे दिया है. उन्होंने टॉप ऑर्डर में किसी तरह का बदलाव नहीं किए बगैर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में मौका देने की बात की है.
Two powerhouse teams, 4 intense games, and it all comes down to one last match! ????#TeamIndia aims to stake their claim in the ultimate high-stakes decider against the West Indies! ????#INDvWI | 5th T20I ???? SAT, OCT 17, 6 PM pic.twitter.com/d1u4FWyHOo
— Star Sports (@StarSportsIndia) October 15, 2026
मैं वैभव खेलते हुए देखना चाहता हूं - अभिषेक नायर
अभिषेक नायर ने कहा कि, 'सूर्यवंशी के बारे में तभी सोचा जाना चाहिए जब भारत उन्हें ओपनर के तौर पर उनकी नैचुरल पोजीशन पर इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो. अगर वैभव सूर्यवंशी खेलते हैं, तो उन्हें उनकी सबसे मजबूत पोजीशन पर खेलना चाहिए, जो कि ओपनिंग है. अगर वह ओपनिंग करते हैं, तो जो नंबर 3 पर खेल रहा है, उसे अपनी सबसे मजबूत पोजीशन पर खेलना चाहिए. मैं वैभव सूर्यवंशी को बेंगलुरु में देखना चाहता हूं, लेकिन मैं बॉलिंग में बदलाव करूंगा, बैटिंग में नहीं'.
Abhishek Nayar on Vaibhav Suryavanshi for the 5th T20I – Tempted but wouldn’t play him out of position
— Cricket Hub (@Anurag9793) October 16, 2026
Abhishek Nayar said:
"I am very tempted. Are you going to play Vaibhav Suryavanshi out of position? I wouldn't want to see that. If Vaibhav Suryavanshi plays, he should play… pic.twitter.com/GmyFDrsK2Q
आपको बता दें कि, वैभव सूर्यवंशी ने 4 जुलाई को मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था. इस सीरीज के तीन मैचों में उनका बल्ला नहीं चला लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव का प्रदर्शन अच्छा रहा था. तीन मैचों में 2 अर्धशतक के साथ 151 रन बनाकर वो प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे. इसके बाद अफगानिस्तान सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला था. एशियन गेम्स में श्रीलंका के खिलाफ 21 गेंदों पर 38 और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ नौ गेंदों पर 15 रन उनके बल्ले से निकले. अब फिर वैभव सूर्यवंशी वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी का करियर
वैभव ने अब तक कुल 8 टी20 मैच टीम इंडिया के लिए खेल पाए हैं. उन्होंने 8 मैचों की 8 पारियों में 2 हाफ सेंचुरी की मदद से 246 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 22 चौके और 18 छ्कके निकले हैं. उनका औसत 30.75 का है, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 186.32 का है.
A fiery cameo by Vaibhav Sooryavanshi up top ????
— BCCI (@BCCI) October 1, 2026
He walks back for 38(21) and #TeamIndia are 62/3 after 7 overs.
Updates ▶️ https://t.co/DjHV9q6htT#AsianGames pic.twitter.com/bmBm1W8Acn
वेस्टइंडीज सीरीज में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है. अभिषेक ने 4 पारियों में 139 रन बनाए हैं. इसमें 30 गेंदों पर खेली गई एक 69 रन की पारी शामिल है, जबकि सैमसन ने 152 रन बनाए हैं, जिसमें रांची में 41 गेंदों पर 82 और हैदराबाद में 23 गेंदों पर 56 रन शामिल हैं. ऐसे में वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह देना कोच गंभीर और कप्तान अय्यर के लिए मुश्किल हो गया है. क्योंकि इन दोनों बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है.
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भारत-जापान स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स में बढ़ाएंगे सहयोग: निर्मला सीतारमण
बैंकॉक, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यहां विश्व बैंक-आईएमएफ की वार्षिक बैठकों के इतर जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के गवर्नर काजुहिको अमाकावा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देने पर चर्चा की।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि बैठक के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा परिवर्तन, उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। चर्चा में 60 करोड़ डॉलर के भारत-जापान फंड और राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) में जापानी भागीदारी का भी उल्लेख किया गया।
बैठक के दौरान काजुहिको अमाकावा ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बायोएथेनॉल क्षेत्रों में भारत-जापान फंड की सफलता का जिक्र किया और भविष्य में एक नए फंड की उम्मीद भी जताई।
उन्होंने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) में जेबीआईसी की हिस्सेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि जापानी कंपनियों की सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रुचि लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विशेष रूप से धोलेरा में अवसरों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया।
वित्त मंत्री ने जापानी कंपनियों को विशाखापत्तनम जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए निवेश बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिल सके।
दोनों पक्षों ने माना कि भारत और जापान के बीच आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग को और गहरा करने तथा एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।
इससे पहले दिन में निर्मला सीतारमण ने विश्व बैंक-आईएमएफ की वार्षिक बैठकों के इतर आयोजित कार्यक्रम में वर्किंग टुगेदर टू मेक सिटीज इन्वेस्टेबल - मोबिलाइजिंग प्राइवेट कैपिटल फॉर अर्बन एंड वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने भारत के महत्वाकांक्षी शहरी विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
अटलांटिक काउंसिल के साथ बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि मध्यम आय वर्ग वाले कई देश अचानक भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट्स) के गंभीर संकट में फंस जाते हैं और उन्हें आईएमएफ की सहायता की जरूरत पड़ती है।
उन्होंने कहा, ऐसी स्थितियों में प्रतिक्रिया कई वर्षों बाद नहीं आनी चाहिए। देश मजबूरी में सहायता मांगते हैं, लेकिन तीन-चार वर्षों तक भी कोई समाधान नहीं मिलता।
सीतारमण ने कहा कि अब इस प्रकार की कमियों को दूर करने की दिशा में सुधार किए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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