भारत-जापान स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स में बढ़ाएंगे सहयोग: निर्मला सीतारमण
बैंकॉक, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यहां विश्व बैंक-आईएमएफ की वार्षिक बैठकों के इतर जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के गवर्नर काजुहिको अमाकावा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देने पर चर्चा की।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि बैठक के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा परिवर्तन, उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। चर्चा में 60 करोड़ डॉलर के भारत-जापान फंड और राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) में जापानी भागीदारी का भी उल्लेख किया गया।
बैठक के दौरान काजुहिको अमाकावा ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बायोएथेनॉल क्षेत्रों में भारत-जापान फंड की सफलता का जिक्र किया और भविष्य में एक नए फंड की उम्मीद भी जताई।
उन्होंने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) में जेबीआईसी की हिस्सेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि जापानी कंपनियों की सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रुचि लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विशेष रूप से धोलेरा में अवसरों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया।
वित्त मंत्री ने जापानी कंपनियों को विशाखापत्तनम जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए निवेश बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिल सके।
दोनों पक्षों ने माना कि भारत और जापान के बीच आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग को और गहरा करने तथा एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।
इससे पहले दिन में निर्मला सीतारमण ने विश्व बैंक-आईएमएफ की वार्षिक बैठकों के इतर आयोजित कार्यक्रम में वर्किंग टुगेदर टू मेक सिटीज इन्वेस्टेबल - मोबिलाइजिंग प्राइवेट कैपिटल फॉर अर्बन एंड वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने भारत के महत्वाकांक्षी शहरी विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
अटलांटिक काउंसिल के साथ बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि मध्यम आय वर्ग वाले कई देश अचानक भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट्स) के गंभीर संकट में फंस जाते हैं और उन्हें आईएमएफ की सहायता की जरूरत पड़ती है।
उन्होंने कहा, ऐसी स्थितियों में प्रतिक्रिया कई वर्षों बाद नहीं आनी चाहिए। देश मजबूरी में सहायता मांगते हैं, लेकिन तीन-चार वर्षों तक भी कोई समाधान नहीं मिलता।
सीतारमण ने कहा कि अब इस प्रकार की कमियों को दूर करने की दिशा में सुधार किए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Explainer: तनुश्री दत्ता के बयानों पर नाना पाटेकर के बेटे ने दिया करारा जवाब, जानें क्या है ये पूरा विवाद?
Tanushree Dutta on Nana Patekar Death Controversy: बॉलीवुड में एक बार फिर तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर से जुड़ा पुराना विवाद चर्चा में है. 8 अक्टूबर 2026 को नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री ने उनके बारे में कई बयान दिए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. अब नाना के बेटे मल्हार पाटेकर ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि जिस मामले का बार-बार जिक्र हो रहा है, वो कानूनी तौर पर खत्म हो चुका है. आखिर 2008 में क्या हुआ था, तनुश्री ने नाना के निधन के बाद क्या-क्या कहा और अब उनके बेटे ने क्या जवाब दिया है, आइए जानते हैं पूरा मामला.
नाना के निधन को तनुश्री ने बताया इविल डैड
वहीं, नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता ने उनकी मौत को लेकर कई विवादित बयान दिए. एक्ट्रेस ने सबसे पहले नाना की मौत को इविल डैड बताया एक्ट्रेस ने कहा- 'मैंने खबर सुनी है. आज मेरा वर्क डे है. मैं एक इवेंट के लिए लखनऊ जा रही हूं और मैं उसी पर फोकस करना चाहती हूं. इन सबके होने के लिए आज का दिन कितना अजीब है. मैंने अपना पूरा दिन प्लान किया हुआ था, कि सभी लाइव करूंगा और कंटेंट पोस्ट करूंगी और अब मुझे चिंता हो रही है कि शाम तक मीडिया की दिलचस्पी सिर्फ 'इविल डेड' (Evil Dead) में ही होगी.' उनके इस बयान के बाद एक्ट्रेस को काफी ट्रोल किया गया.
नाना के सपोटर्स पर भड़कीं तनुश्री
तनुश्री यही नहीं रूकीं, उन्होंने बाद में इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर कर नाना के सपोटर्स पर गुस्सा निकाला है. उन्होंने लिखा- 'सोचिए जिस इंसान ने पब्लिकली दो दशकों तक एक सच्ची आत्मा को अब्यूज, टॉर्चर और ट्रॉमा दिया हो, उसकी पूरी कम्यूनिटी सराहना करती है. ऐसे घिनौने लोगों को खुद ही डूबकर मर जाना चाहिए या फिर खुद को आग लगा देनी चाहिए. मैं नाना के सभी सपोटर्स को राख में बदलते देखूंगी. उनकी एक अब्यूजर के लिए निकली तारीफों ने मेरे दिल में उनकी इज्जत को खत्म कर दिया है. मैं इन सबकी आत्मा को नाना के पास भेजूंगी.'
ये भी पढ़ें- 'नाना पाटेकर जिंदा है, प्लास्टिक सर्जरी करवा ली', तनुश्री दत्ता ने जताई शंका, एक्टर के निधन पर उठाए कई सवाल
नाना की मौत पर जताई शंका
इसके बाद तनुश्री ने नाना के निधन पर शंका भी जताई. उन्होंने कहा कि एक्टर जिंदा हैं और विदेश चले गए हैं. उन्होंने ये भी कहा कि एक्टर ने प्लास्टिक सर्जरी करवा ली है. वहीं, नाना के अंतिम संस्कार पर भी तनुश्री ने सवाल उठाए थे. एक्ट्रेस ने कहा था- ''बॉलीवुड इंडस्ट्री और मीडिया में किसी ने भी नाना पाटेकर का शव नहीं देखा. इतनी जल्दी क्या थी कि आधी रात को अंतिम संस्कार कर दिया गया? हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, लेकिन उनका अंतिम संस्कार रात 11:28 बजे किया गया. इतनी रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार करने की क्या जल्दी थी? क्या उनके परिवार ने भी उनका चेहरा ठीक से देखा था?' तनुश्री ने नाना पाटेकर को अस्पताल ले जाने से जुड़ी कोई तस्वीर या वीडियो सामने न आने पर भी सवाल खड़े किए.
अब बेटे मल्हार का बयान आया सामने
इस विवाद के बीच अब नाना के बेटे मल्हार का बयान सामने आया है. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि जिस मामले को बार-बार उठाया जा रहा है, वह पहले ही बंद हो चुका है और इस पर उनके पास कहने के लिए कुछ और नहीं है. उन्होंने कहा, 'किसी का नाम लिए बिना मैं ये कहना चाहता हूं कि जिस मामले को लोग बेवजह उछाल रहे हैं, वह पहले ही खत्म हो चुका है. कोर्ट से सब साफ हो चुका है, केस खत्म हो चुका है. फिर भी लोग बोले जा रहे हैं. ऐसे लोगों को मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा, सच हमेशा सच ही रहेगा. भगवान उनका भला करे, मैं उन्हें बस यही कहना चाहूंगा.'
क्या था तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर का विवाद?
दरअसल, तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच विवाद करीब 18 साल पुराना है. साल 2008 में फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' की शूटिंग के दौरान तनुश्री ने नाना पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया था. उस समय फिल्म के एक गाने की शूटिंग चल रही थी. तनुश्री का आरोप था कि गाने की शूटिंग के दौरान नाना ने उनके साथ गलत तरीके से व्यवहार किया और ऐसे स्टेप्स करने के लिए कहा, जिन पर उन्हें आपत्ति थी. इसके बाद फिल्म के सेट पर विवाद हुआ और उन्होंने शूटिंग छोड़ दी।. इस मामले को लेकर उस समय भी काफी चर्चा हुई थी, लेकिन कुछ साल बाद ये फिर से सुर्खियों में आया.
2018 में शुरू हुआ #MeToo विवाद
साल 2018 में भारत में #MeToo अभियान के दौरान तनुश्री दत्ता ने एक बार फिर इस मामले पर खुलकर बात की. उन्होंने नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. उनके बयान के बाद बॉलीवुड में काम करने वाली महिलाओं के साथ होने वाले कथित गलत व्यवहार पर बहस तेज हो गई. इस दौरान कई लोगों फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे. तनुश्री के आरोपों के बाद नाना पाटेकर का नाम भी इस अभियान से जुड़ गया था. हालांकि, नाना ने तनुश्री के आरोपों को गलत बताया था.
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
तनुश्री की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच की जून 2019 में पुलिस ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. पुलिस का कहना था कि जांच के दौरान उसे ऐसे पर्याप्त सबूत नहीं मिले, जिनके आधार पर नाना पाटेकर के खिलाफ आरोप साबित किए जा सकें. पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गवाहों के बयानों का भी जिक्र किया था. हालांकि तनुश्री ने जांच पर सवाल उठाए थे और कहा था कि उनके पक्ष के गवाहों की बात को ठीक से नहीं सुना गया. फिर साल 2025 में मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने नाना पाटेकर और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मामले को बंद कर दिया था.
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