चीन, जर्मनी और फ्रांस के विदेश मंत्रियों की त्रिपक्षीय बैठक आयोजित
बीजिंग, 14 फरवरी (आईएएनएस)। जर्मनी के म्यूनिख में सीपीसी केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने जर्मन विदेश मंत्री जॉन वेडफुल और फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ त्रिपक्षीय विदेश मंत्रियों की बैठक की।
वांग यी ने कहा कि चीन, जर्मनी और फ्रांस के विदेश मंत्रियों के बीच यह पहली त्रिपक्षीय बैठक बदलती परिस्थितियों के जवाब में एक अभिनव कदम होने के साथ-साथ रणनीतिक संचार का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे गहन और जटिल परिवर्तनों से गुजर रहा है, और विश्व शांति और विकास अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जिम्मेदार प्रमुख शक्तियों और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, तीनों देशों पर विश्व शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। हमें पारस्परिक सम्मान के मूल सिद्धांत का पालन करना चाहिए, मतभेदों को सुरक्षित रखते हुए आम सहमति तलाशने के सिद्धांत को कायम रखना चाहिए, एक खुले और सहयोगात्मक मूल्य अभिविन्यास की वकालत करनी चाहिए और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे चीन-यूरोपीय संघ सम्बंधों के विकास की दिशा स्पष्ट हो सके और जटिल और अस्थिर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को अधिक स्थिरता और निश्चितता प्रदान की जा सके।
वांग यी ने इस बात पर जोर दिया कि चीन और यूरोपीय संघ के बीच 50 वर्षों के आदान-प्रदान और सहयोग ने यह सिद्ध कर दिया है कि दोनों पक्ष साझेदार हैं, शत्रु नहीं, परस्पर निर्भरता कोई जोखिम नहीं है, परस्पर जुड़े हित कोई खतरा नहीं हैं, और खुला सहयोग सुरक्षा को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। चीन का विकास यूरोप के लिए एक अवसर है, और यूरोप की चुनौतियां चीन से नहीं आतीं। हम आशा करते हैं कि जर्मनी और फ्रांस, यूरोपीय संघ की प्रमुख शक्तियों के रूप में, अपने हितों और यूरोपीय संघ के समग्र हितों के अनुरूप कार्य करेंगे, और यूरोपीय संघ से चीन की वस्तुनिष्ठ और व्यापक समझ स्थापित करने, चीन के प्रति तर्कसंगत और व्यावहारिक नीति अपनाने और यूरोपीय संघ-चीन साझेदारी को बनाए रखने के लिए दृढ़ रहने का आग्रह करेंगे। दोनों पक्षों को एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं का सम्मान करना चाहिए, मतभेदों और टकरावों को उचित रूप से संभालना चाहिए, व्यावहारिक सहयोग को गहरा करना चाहिए और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए।
जर्मन विदेश मंत्री जॉन वेडफुल ने कहा कि अशांत वैश्विक परिस्थितियों में, जर्मनी और फ्रांस को चीन के साथ पहले से कहीं अधिक संवाद और बातचीत करने की आवश्यकता है, ताकि आपसी विश्वास को बढ़ाया जा सके, गलतफहमियों को दूर किया जा सके, प्रमुख शक्तियों के रूप में अपनी भूमिका निभाई जा सके और एक एकीकृत आवाज उठाई जा सके। जर्मनी वैश्विक मामलों में चीन की महत्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका को महत्व देता है और चीन के साथ संचार और समन्वय को मजबूत करने के लिए तत्पर है। जर्मनी और फ्रांस एक-चीन नीति के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता और चीन के साथ दीर्घकालिक और स्थिर संबंध विकसित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। वे मुक्त व्यापार का समर्थन करते हैं, अलगाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान का विरोध करते हैं, और व्यापारिक तनावों को दूर करने और यूरोपीय संघ-चीन आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के संतुलित विकास को बढ़ावा देने के लिए चीन के साथ परामर्श करने के लिए तत्पर हैं।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि आज विश्व में अस्थिरता बढ़ रही है, बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था खतरे में हैं, और दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष जारी हैं। फ्रांस, चीन और जर्मनी को विश्व शांति को बढ़ावा देने और वैश्विक शासन में सुधार लाने में संयुक्त रूप से भूमिका निभानी चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय स्थिति जितनी अधिक अस्थिर होगी, साझेदारी की आवश्यकता उतनी ही अधिक होगी। फ्रांस स्थिर और सकारात्मक यूरोपीय संघ-चीन संबंधों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध है। फ्रांस राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित वैश्विक प्रशासन पहल का स्वागत करता है और बहुपक्षीय मंचों के बीच मजबूत समन्वय को बढ़ावा देने और बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार को कायम रखने के लिए चीन के साथ संवाद और बातचीत के लिए तत्पर है। फ्रांस का मानना है कि फ्रांस-चीन, जर्मनी-चीन और यूरोपीय संघ-चीन संबंध बिना किसी संघर्ष के समानांतर रूप से आगे बढ़ सकते हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चीन को मिली ऐतिहासिक उपलब्धियां
बीजिंग, 14 फरवरी (आईएएनएस)। इस सप्ताह चीन के अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें पहली बार, पहला और पहला उपग्रह जैसे मील के पत्थर शामिल हैं।
चीन के मानव चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम ने एक महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की। 11 फरवरी को लॉन्ग मार्च-10 वाहक रॉकेट के कम ऊंचाई वाले प्रदर्शन परीक्षण और मेंगचोउ मानव अंतरिक्ष यान के अधिकतम गतिक दबाव पर पलायन परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किए गए।
इसके अलावा, चीन ने पहली बार समुद्र पर मानवयुक्त अंतरिक्ष यान के रिटर्न कैप्सूल और रॉकेट के पहले चरण की खोज और बरामदगी का कार्य पूरा किया, जो भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करता है।
एआई प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, चीन ने सीयूएचके-1 नामक दुनिया के पहले एआई बड़े मॉडल उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया, जो शहरी सतत विकास के लिए समर्पित है। वहीं, चीन के थ्यानक्वान (आइंस्टाइन प्रोब) उपग्रह ने एक अभूतपूर्व उच्च-ऊर्जा ब्रह्मांडीय विस्फोट का पता लगाया, जिससे ब्लैक होल शोध को नई दिशा मिल सकती है।
इसके अतिरिक्त, चीन के शोधकर्ताओं ने 3-डी प्रिंटिंग तकनीक में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मिलीमीटर आकार की जटिल संरचनाओं को मात्र 0.6 सेकंड में प्रिंट करने की क्षमता विकसित की है, जो चिकित्सा और सूक्ष्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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