Explainer: 86 तारीखें, 12 गवाह और पोस्टमार्टम से खुला राज! मेरठ के सांप कांड में रविता-अमरदीप को फांसी सुनाते हुए जज ने सावित्री का क्यों किया जिक्र?
Meerut Snake Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड ने एक बार फिर सबका ध्यान खींचा है. पति की हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश के इस मामले में अदालत ने 16 अक्टूबर को उसकी पत्नी रविता और अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया है. अदालत ने अपराध को दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी का माना है. फैसले के दौरान पत्नी के रिश्ते और पौराणिक पात्र सावित्री का जिक्र भी चर्चा में रहा. बता दें करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई में 12 गवाहों के बयान दर्ज हुए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच की अहम कड़ी बनी थी.
अमित कश्यप हत्याकांड में जज ने सावित्री का जिक्र क्यों किया?
सजा सुनाते समय अदालत ने पत्नी को पति की अर्धांगिनी बताते हुए सावित्री के प्रसंग का उल्लेख किया. पौराणिक कथा में सावित्री अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाने के लिए यमराज से संघर्ष करती हैं.यह टिप्पणी मामले की सुनवाई के दौरान चर्चा का विषय बनी. बता दें मृत्युदंड का कानूनी आधार केवल इस सांस्कृतिक संदर्भ को नहीं माना जा सकता है.
Meerut, Uttar Pradesh: Meerut court has sentenced Ravita, wife of Amit Kashyap, and her lover, Amardeep, to death for his murder. ADJ-12 Judge Jaiveer Singh Nagar pronounced the verdict. The prosecution alleged that Amit was strangled and a snake was placed near his body to make… pic.twitter.com/np1UTRsR4g
— IANS (@ians_india) October 16, 2026
क्या था मेरठ का सांप कांड?
यह मामला बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है. 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप की हत्या हुई थी. शुरुआती तौर पर परिवार को लगा कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है क्योंकि शव के पास सांप मिला था. जांच में रविता और अमरदीप की भूमिका सामने आई. अभियोजन पक्ष के मुताबिक अमित की हत्या के बाद शव के पास सांप छोड़ने की योजना बनाई गई थी ताकि मौत को प्राकृतिक घटना समझा जाए. अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हत्या का दोषी ठहराया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कैसे बदली जांच की दिशा?
शुरुआत में सर्पदंश की आशंका के बीच पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया. रिपोर्ट में मौत की वजह सांप का काटना नहीं बल्कि गला दबाने से दम घुटना सामने आया. इसके बाद मामला हत्या के तौर पर जांच के दायरे में आया. फिर शव का पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया गया. जो इस मामले की जांच में निर्णायक साबित हुआ.
मोबाइल कॉल डिटेल से क्या सुराग मिला?
इस मामले में मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी अहम साक्ष्य बनी. अभियोजन पक्ष के हवाले से बताया गया है कि रविता और अमरदीप के बीच वारदात के आसपास लगातार बातचीत हुई थी. कुछ रिपोर्टों में हत्या वाली रात दोनों के बीच 50 से ज्यादा बार बातचीत होने का उल्लेख है. जांच में कॉल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर अभियोजन ने अपना पक्ष कोर्ट में रखा.
कितने दिन चली सुनवाई और कब दोषी ठहराए गए?
मामले में अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया था. इसके बाद सजा के सवाल पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं. अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए मृत्युदंड की मांग की थी. जबकि बचाव पक्ष ने नरमी बरतने की अपील की थी.सुनवाई के दौरान 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों की गवाही दर्ज हुई. आखिरकार 16 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई.
पति को गला घोंट कर मारा, शव के पास जिंदा सांप रखा#MeerutSnakeCase #snakebite #newsnatio pic.twitter.com/9xF6lJekPS
— News Nation (@NewsNationTV) October 16, 2026
क्या फांसी की सजा सुनते ही दोषियों को फांसी हो जाएगी?
सत्र अदालत से मृत्युदंड मिलने के बाद भी फांसी का आदेश अपने आप अंतिम नहीं हो जाता है. कानून के तहत हाईकोर्ट से मृत्युदंड की पुष्टि जरूरी होती है. दोषियों के पास लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार अपील और अन्य उपलब्ध उपायों का विकल्प भी है.
एक शहर... दो कातिल पत्नी... एक सजा- मृत्युदंड#meerutnews #snakebite #muskancase #newsnation pic.twitter.com/NsoWV7PW13
— News Nation (@NewsNationTV) October 16, 2026
दोषियों के बच्चों के भविष्य पर भी हुई चर्चा
इस मामले का एक मानवीय पहलू परिवार के बच्चों का भविष्य भी है. सजा सुनाते समय न्यायाधीश ने जिला प्रशासन को दोनों के बच्चों की देखभाल और भविष्य पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं.
पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट, फिर सांप से कटवाकर रची खौफनाक साजिश; जानिए कैसे हुआ हत्याकांड का खुलासा
Meerut Snake Bite Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सर्पदंश हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. पति अमित कश्यप की हत्या करने और इसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश करने के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी पाया. इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए थे. दोनों आरोपियों की पेशी मेरठ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई. बता दें कि सात अक्टूबर को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था. इसके बाद शुक्रवार (16 अक्टूबर) को सजा सुनाई गई. करीब 13 महीने तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद इस चर्चित हत्याकांड में फैसला आया है. तो चलिए जानते हैं इस हत्याकांड से जुड़ी सारी बातें.
नौ साल पहले हुई थी अमित और रविता की शादी
अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का रहने वाला था. वह टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था. करीब नौ साल पहले उसकी शादी मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के सैदपुर गांव की रहने वाली रविता से हुई थी. दोनों के तीन बच्चे हैं. अमित के साथ काम करने वाला अमरदीप उसके पड़ोस में रहता था. वह रविता को चाची कहकर बुलाता था. इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और करीब ढाई साल पहले उनके बीच प्रेम संबंध बन गए. पुलिस जांच के मुताबिक, इसके बाद दोनों ने अमित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
Uttar Pradesh | Amit Kashyap murder case | A Meerut court has sentenced the accused Ravita and Amardeep to death for murdering her husband and staging the crime scene to make it appear as a natural snakebite death
— ANI (@ANI) October 16, 2026
गला दबाकर हत्या की, फिर बिस्तर पर छोड़ा सांप
घटना 12 अप्रैल 2025 की है. उस दिन अमित, रविता और उनके तीन बच्चे शाकंभरी देवी के दर्शन करने गए थे. लौटते समय बहसूमा बस स्टैंड पर रविता ने अमित से नजर बचाकर अमरदीप से बात की. पुलिस के अनुसार, दोनों ने उसी रात हत्या करने का फैसला किया और सांप की व्यवस्था कर ली. रात करीब दस बजे खाना खाने के बाद अमित चारपाई पर सो गया. आरोप है कि अमरदीप थैले में सांप लेकर घर पहुंचा. रविता ने अमित के हाथ पकड़े और अमरदीप ने उसका गला दबा दिया. अमित की मौत के बाद दोनों ने उसके बिस्तर पर सांप छोड़ दिया, ताकि मामला सर्पदंश का लगे.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
13 अप्रैल की सुबह रविता ने बेटे को अमित के पास भेजा. चारपाई पर सांप देखकर बच्चे ने शोर मचाया. परिवार को लगा कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है. इसके बाद शव को झाड़फूंक के लिए बुलंदशहर के गुलावटी ले जाया गया. परिवार पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहता था, लेकिन पुलिस ने जांच के लिए पोस्टमार्टम कराया. तीन दिन बाद आई रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर पूछताछ की. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया था. तब से दोनों जेल में बंद थे. अब अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है.
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