IND vs NZ: न्यूजीलैंड दौरे के लिए शुभमन गिल का बड़ा फैसला, नेट बॉलर्स को अपनी जेब से देंगे पैसा, क्या है वजह
पिता चलाते थे रिक्शा, बेटा 48वीं रैंक हासिल कर बना IAS, अब जम्मू कश्मीर में मिली ये बड़ी जिम्मेदारी
गोविंद के पिता चाहते थे कि अब बेटा भी ऑटो चलाने लगे तो कुछ पैसे घर में आने लगेंगे। उन्होंने सोचा कि मैं रिक्शा चलाता हूं और बेटा ऑटो चलाएगा तो कमाई होगी और ऐसे बहनों की शादी कर पाएंगे। हालांकि, गोविंद पढ़कर कुछ बनना चाहते थे वह रिक्शा नहीं चलाना चाहते थे।
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