ब्रेन डेड शिवानी के अंगदान से तीन लोगों को मिला नया जीवन, नर्मदापुरम के पैतृक गांव में पुलिस ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के छोटे से गांव खापा खुर्द की रहने वाली बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) दुनिया से विदा होकर भी तीन लोगों को नया जीवन दे गईं। सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित होने पर उनके परिजनों ने अंगदान का फैसला लिया। भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुए अंगदान से तीन लोगों को जीवन का नया अवसर मिला। दुख की घड़ी में शिवानी के परिजनों के इस फैसले ने मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की मिसाल पेश की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवानी के अंगदान और उनके परिजनों के फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि असहनीय दुख की घड़ी में परिवार ने अंगदान का निर्णय लेकर ऐसी मिसाल पेश की है, जो समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगी।
पैतृक गांव में गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया सम्मानित
शिवानी नर्मदापुरम जिले की बनखेड़ी तहसील के ग्राम खापा खुर्द की निवासी थीं। सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड होने के बाद उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन पाने का अवसर मिला। राज्य शासन के निर्णय के अनुसार, शिवानी को उनके पैतृक गांव खापा खुर्द में मध्यप्रदेश पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड होने पर उनके परिजनों द्वारा अंगदान का निर्णय लिए जाने के बाद यह सम्मान दिया गया। शिवानी के अंगदान से तीन लोगों को नया जीवन मिलने के साथ ही उनके परिवार के इस फैसले ने समाज को मानवता और परोपकार का संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने अंगदान को बताया मानवता की मिसाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिवानी का अंगदान तीन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद बनकर आया है। उनका योगदान मानवता के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी अपने को खोने के गहरे दुख के बीच अंगदान का निर्णय लेना दूसरों की जिंदगी बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम ने कहा कि शिवानी का अंगदान ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही जागरूकता को दर्शाता है। अब गांवों में भी जीवन बचाने वाले इस कार्य के प्रति सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिवानी के परिजनों का यह फैसला दूसरे परिवारों को भी अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक करने में मदद करेगा।
सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड हुईं नर्मदापुरम जिले में बनखेड़ी के ग्राम खापा खुर्द निवासी श्रीमती बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) के एम्स, भोपाल में अंगदान से तीन लोगों को जीवन का अनमोल उपहार मिला है। असहनीय दुःख की घड़ी में उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लेकर मानवता, संवेदनशीलता और… pic.twitter.com/AZcl7Yftnf
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 16, 2026
उज्जैन में गरबा आयोजनों में विवाद, कहीं पास बेचने पर हंगामा, कहीं भीड़ के चलते इवेंट निरस्त
उज्जैन में एक तरफ जहां दशहरा आयोजन समितियों को रावण दहन न करने को लेकर नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ गरबा आयोजन को लेकर भी हंगामा देखने को मिल रहा है। हिंदू जागरण मंच की ओर से नवरात्रि शुरू होने से पहले ही यह बोल दिया गया था कि जहां पर माता जी की स्थापना कर पारंपरिक गरबे करवाए जाते हैं वहीं आयोजन किए जाने चाहिए। पैसे लेकर पास बेचकर अगर आयोजन करवाया जाएगा तो इसका विरोध होगा।
मंच द्वारा की गई इस घोषणा के बाद शहर में होने वाले आयोजनों को लेकर असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही थी। हालांकि नवरात्रि शुरू होते हैं गरबा और डांडिया का दौर भी शुरू हो गया। मित्तल होटल में भी गरबा आयोजित किया गया था जिसे हिंदू जागरण मंच में कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। गुरुवार की रात यहां पर प्रवेश के लिए डेढ़ सौ रुपए से 1500 रुपए तक के पास बेचे जाने की शिकायत सामने आई। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद आयोजक ने सभी को निशुल्क एंट्री देने की बात कही।
जमकर मचा हंगामा
जब हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता मित्तल होटल पहुंचे तो कुछ लोगों ने उन्हें अपने एंट्री पास दिखाएं। मालूम चला कि यहां पर प्रवेश के लिए 150 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक के पास बेचे जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि आयोजकों ने यहां पर दो गेट बनाए थे। एक से निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा था जबकि दूसरे गेट से पास खरीदने वालों को एंट्री दी जा रही थी। जब विरोध किया गया तो सभी के लिए निशुल्क प्रवेश कराने की बात कही गई। इस मामले को लेकर मित्तल होटल में केसरिया रास का आयोजन करवाने वाले आयोजक का कहना है कि सभी को निशुल्क पास बांटे गए थे।
राजाराम में भीड़ के बाद आयोजन निरस्त
शहर के राजा राम रिसोर्ट में डांडिया बीट के नाम से गरबा का आयोजन किया जा रहा था। यहां पर भी निशुल्क आयोजन की शर्त पर प्रशासन द्वारा अनुमति दी गई थी। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों के यहां पहुंचने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। इस पर पुलिस ने आयोजन बंद करवा दिया था और बाकी के दो दिनों की अनुमति को भी निरस्त कर दिया गया था। ये आयोजन पास को लेकर नहीं बल्कि भीड़ जुटने और प्रवेश व्यवस्था में गड़बड़ी के चलते निरस्त हुआ है।
एसडीएम का क्या कहना
बता दें कि शहर में मित्तल एवेन्यू, राजाराम रिसॉर्ट, आस्था गार्डन, परमेश्वरी गार्डन, श्री राम वन और राजमहल जैसी जगहों पर गरबा के लिए प्रवेश देने के लिए शुल्क लेने की शिकायत सामने आई है। दूसरी तरफ एसडीएम एलएन गर्ग का कहना है कि गरबा आयोजन के लिए दिए गए आवेदनों में शुल्क या निशुल्क प्रवेश का उल्लेख नहीं था। सभी को शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। कोई भी सशुल्क आयोजन नहीं कर सकता। अगर कोई पास बेच रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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