Explainer: कनॉट प्लेस में धारा 163 और 21 रास्तों पर ट्रैफिक की मार! CJP के तिरंगा मार्च पर पुलिस क्या कर सकती है और प्रदर्शनकारियों के पास क्या हैं अधिकार?
CJP Tiranga March Delhi: राजधानी के दिल कनॉट प्लेस में आज शाम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 'लहरा दो तिरंगा' मार्च प्रस्तावित है. पुलिस ने इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, सेंट्रल पार्क दो दिन के लिए बंद है और कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल है कि पुलिस इस स्थिति में क्या कर सकती है और प्रदर्शन करने वालों के पास कानूनी तौर पर कौन-से अधिकार हैं?
CJP का यह प्रदर्शन आखिर क्यों हो रहा है?
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में यह मार्च बुलाया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दोनों को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. पुलिस ने अतिक्रमण, निषेधाज्ञा के उल्लंघन और सरकारी कामकाज में बाधा जैसे आरोप गिनाए हैं. CJP का कहना है कि तिरंगा लहराना अपराध नहीं है. बता दें यह पार्टी 16 मई 2026 को ऑनलाइन व्यंग्यात्मक मंच के रूप में शुरू हुई थी.
#WATCH | Ranchi, Jharkhand | On CJP's ‘Lehra Do Tiranga’ protest at Central Park in Delhi, BJP leader Pratul Shahdeo says, "The Delhi Police has not granted permission for this march under various sections of the BNS (Bharatiya Nyaya Sanhita). If you truly have such love for the… pic.twitter.com/T1EbkBQKM7
— ANI (@ANI) October 16, 2026
पुलिस और प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कनॉट प्लेस कोई तय प्रदर्शन स्थल नहीं है और वहां इस समय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है. पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है. मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि पुलिस ने सीमित संख्या में लोगों को तय जगह पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन दिपके ने इसे ठुकरा दिया. इसके बाद एनडीएमसी ने सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर के लिए आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है.
ट्रैफिक पर क्या असर पड़ेगा?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक आज दोपहर तीन बजे से कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के आसपास करीब 21 रास्तों पर यातायात प्रभावित हो सकता है. इनमें संसद मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग और बाराखंभा रोड जैसे व्यस्त रास्ते शामिल बताए गए हैं. मौके की स्थिति देखकर डायवर्जन किया जा सकता है.
CJP activist Abhijeet Dipke calls for Tiranga march at Delhi’s Connaught Place on Oct 16
— ANI Digital (@ani_digital) October 14, 2026
Read @ANI Story | https://t.co/lkGnHxp4DR#AbhijeetDipke #TirangaMarch #ConnaughtPlace #CJP pic.twitter.com/mbsyZ9HMGe
धारा 163 और निषेधाज्ञा का मतलब क्या है?
धारा 163 वही प्रावधान है, जिसे पहले सीआरपीसी की धारा 144 के नाम से जाना जाता था. नए कानून BNSS में यह उसकी जगह आई है. इसके तहत अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट या संबंधित अधिकारी किसी इलाके में खतरे, उपद्रव या शांति भंग की आशंका होने पर लोगों के इकट्ठा होने जैसी गतिविधियों पर रोक लगा सकता है. ऐसा आदेश आमतौर पर सीमित समय के लिए होता है और जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है.
क्या निषेधाज्ञा का मतलब हर प्रदर्शन पर पूरा प्रतिबंध है?
कानून के जानकारों के मुताबिक निषेधाज्ञा आम तौर पर तय संख्या से ज्यादा लोगों के जमा होने, रैली या जुलूस निकालने जैसी चीजों को रोकती है. लेकिन यह आदेश मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की ठोस आशंका के आधार पर ही लगना चाहिए. अगर किसी को लगे कि आदेश अनुचित है तो वह अदालत में इसे चुनौती दे सकता है.
#WATCH | Delhi Police personnel arrive at the residence of NCP-SCP spokesperson Anish Gawande, where CJP Founder Abhijeet Dipke is staying.
— ANI (@ANI) October 16, 2026
Abhijeet Dipke has called for a ‘Lehra Do Tiranga’ protest at Connaught Place’s Central Park today. pic.twitter.com/kCdkGpUDJU
पुलिस कब रोक सकती है या हिरासत में ले सकती है?
जानकारी के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति निषेधाज्ञा के बावजूद इकट्ठा होता है या आदेश का उल्लंघन करता है तो पुलिस उसे रोक सकती है और भीड़ को हटाने के लिए नागरिक बल का इस्तेमाल कर सकती है. नए कानूनों में अपराध रोकने के लिए एहतियातन हिरासत में लेने का प्रावधान भी है. ऐसे मामलों में आम तौर पर हिरासत में लिए गए लोगों को कुछ घंटे बाद छोड़ दिया जाता है और बिना किसी दूसरे कानूनी आधार के उन्हें 24 घंटे से ज्यादा रोका नहीं जा सकता है.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और गैरकानूनी जमावड़े में अंतर क्या है?
संविधान का अनुच्छेद 19(1)(b) हर नागरिक को बिना हथियार के शांतिपूर्वक इकट्ठा होने का अधिकार देता है. लेकिन यह अधिकार असीमित नहीं है और सार्वजनिक व्यवस्था या देश की सुरक्षा जैसे आधार पर इस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. भारतीय न्याय संहिता में पांच या उससे ज्यादा लोगों का ऐसा समूह गैरकानूनी जमावड़ा माना जाता है जो किसी गैरकानूनी साझा मकसद से इकट्ठा हुआ हो या जिसका इरादा हिंसा या जबरदस्ती का हो.
अगर निषेधाज्ञा के बावजूद कोई शांतिपूर्वक झंडा लेकर खड़ा हो जाए तो?
कानून के जानकारों के मुताबिक ऐसी स्थिति में भी पुलिस निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आधार पर कार्रवाई कर सकती है, क्योंकि आदेश जारी होने के बाद उसे मानना बाध्यकारी होता है. यही वजह है कि अदालतें अक्सर कहती हैं कि विरोध का अधिकार है लेकिन उसे निर्धारित तरीके और जगह पर ही इस्तेमाल करना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या कह चुका है?
रामलीला मैदान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्वक इकट्ठा होने और प्रदर्शन के अधिकार को मौलिक अधिकार माना था. वहीं, मजदूर किसान शक्ति संगठन मामले में अदालत ने कहा कि प्रदर्शन का अधिकार नियमन के दायरे में रहेगा यानी जगह और समय को लेकर पुलिस नियम बना सकती है. इसी तरह शाहीन बाग मामले में अदालत ने साफ कहा था कि सार्वजनिक रास्ते पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता. इन फैसलों का सार यही है कि अधिकार भी है और उस पर सीमाएं भी हैं.
हिरासत में लिए जाने पर क्या अधिकार हैं?
हिरासत या गिरफ्तारी के वक्त व्यक्ति को उसका कारण बताया जाना चाहिए. उसे परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को सूचना देने और वकील से मिलने का अधिकार होता है. गिरफ्तार होने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना जरूरी होता है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के डीके बसु दिशा-निर्देश गिरफ्तारी के दौरान मेमो बनाने और मेडिकल जांच जैसी प्रक्रियाओं पर जोर देते हैं.
व्यापारियों और आम लोगों की क्या शिकायत है?
कनॉट प्लेस के कुछ व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि त्योहारी सीजन में ऐसे प्रदर्शन से उनका कारोबार प्रभावित होता है और विरोध के लिए यही जगह क्यों चुनी गई. पुलिस ने भी अपनी अपील में आम लोगों से इलाके से दूर रहने को कहा है.
IND VS WI: बड़ा झटका! अर्शदीप सिंह हुए पांचवें टी-20 सीरीज से बाहर, स्क्वाड में हुई 36 साल के खतरनाक गेंदबाज की वापसी
Arshdeep Singh: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज के निर्णायक मैच से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. हैदराबाद में खेले गए चौथे मैच के दौरान भारत के स्टार पेसर अर्शदीप सिंह को इंजरी हुई थी, जिसके बाद वह अब पांचवें टी-20 मैच से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह लेने के लिए सिलेक्टर्स ने एक अनुभवी दिग्गज पेसर की वापसी कराई है, जिसने भारत के लिए 90 T20I विकेट झटके हैं. आपको बता दें, हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में खेले गए चौथे टी-20 मैच में अर्शदीप सिंह को चोट लगी थी, जिसकी वजह से ही वह बाहर हो गए हैं.
अर्शदीप सिंह हुए पांचवें टी-20 मैच से बाहर
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले पांचवें और निर्णायक टी-20 मैच से पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बीसीसीआई ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए जानकारी दी है कि अर्शदीप सिंह बाहर हो गए हैं और उनकी जगह भारत के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी हो गई है.
बुधवार को हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के चौथे T20I मैच के दौरान, अर्शदीप सिंह के गेंदबाजी वाले कंधे पर चोट लग गई थी, जिसके बाद भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया गया. आखिरी T20I में उनके खेलने को लेकर फैसला मैच से पहले उनकी रिकवरी के आधार पर लिया जाएगा.
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— BCCI (@BCCI) October 16, 2026
Arshdeep Singh sustains blow to bowling shoulder; Bhuvneshwar Kumar added to #TeamIndia’s squad for the Bengaluru T20I.
More Details ▶️ https://t.co/D6nH8QZsti #INDvWI | @mflone_
कैसे लगी थी अर्शदीप सिंह को चोट?
हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए चौथे टी-20 मैच में अर्शदीप सिंह को चोट लगी थी. उन्होंने 20वें ओवर की पहली गेंद पर चौका मारा, फिर दूसरी गेंद उन्होंने डॉट खेली. फिर, इसके बाद शमार जोसेफ ने बाउंसर गेंद डाली, जो उनकी बाएं हाथ के कंधे में लगी, जिसके बाद फिजियो मैदान पर आए और उपचार दिया. इसके बाद अर्शदीप सिंह ने अगली गेंद खेलने का फैसला किया, लेकिन शमार ने फिर एक घातक बाउंसर डाली, लेकिन वो वाइड चौके के लिए चली गई. उसके बाद अर्शदीप दर्द से कराहने लगे और घुटनों पर बैठ गए और रूल्ड आउट हो गए.
भुवनेश्वर कुमार की हुई वापसी
अर्शदीप सिंह के इंजर्ड होने के बाद सिलेक्टर्स ने 36 साल के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को टीम इंडिया में शामिल कर लिया है. प्रेस रिलीज में बताया गया कि, पुरुष चयन समिति ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें T20I के लिए भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया है. आपको बता दें, भुवनेश्वर कुमार को अपकमिंग न्यूजीलैंड टी-20 सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में शामिल किया गया है. ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि भुवनेश्वर को चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले मैच में यकीनन शामिल किया जाएगा.
चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलने का भुवनेश्वर के पास है अनुभव
चिन्नास्वामी स्टेडियम में भुवनेश्वर कुमार ने अब तक 2 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 3 विकेट लिए हैं. लेकिन, इस मैदान पर भुवी ने आईपीएल में इस मैदान पर काफी वक्त बिताया है. वह मौजूदा समय में आरसीबी का हिस्सा हैं और ये RCB का होमग्राउंड है. ऐसे में भुवनेश्वर कुमार के आईपीएल रिकॉर्ड्स पर गौर करें, तो उन्होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल के दौरान 13 मैच खेले हैं, जिसकी13 पारियों में उन्होंने 45 के औसत से 8 विकेट लिए हैं.
भारत की अपडेटेड T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर], संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव, नमन धीर, भुवनेश्वर कुमार.
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