IND VS WI: बड़ा झटका! अर्शदीप सिंह हुए पांचवें टी-20 सीरीज से बाहर, स्क्वाड में हुई 36 साल के खतरनाक गेंदबाज की वापसी
Arshdeep Singh: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज के निर्णायक मैच से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. हैदराबाद में खेले गए चौथे मैच के दौरान भारत के स्टार पेसर अर्शदीप सिंह को इंजरी हुई थी, जिसके बाद वह अब पांचवें टी-20 मैच से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह लेने के लिए सिलेक्टर्स ने एक अनुभवी दिग्गज पेसर की वापसी कराई है, जिसने भारत के लिए 90 T20I विकेट झटके हैं. आपको बता दें, हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में खेले गए चौथे टी-20 मैच में अर्शदीप सिंह को चोट लगी थी, जिसकी वजह से ही वह बाहर हो गए हैं.
अर्शदीप सिंह हुए पांचवें टी-20 मैच से बाहर
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले पांचवें और निर्णायक टी-20 मैच से पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बीसीसीआई ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए जानकारी दी है कि अर्शदीप सिंह बाहर हो गए हैं और उनकी जगह भारत के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी हो गई है.
बुधवार को हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के चौथे T20I मैच के दौरान, अर्शदीप सिंह के गेंदबाजी वाले कंधे पर चोट लग गई थी, जिसके बाद भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया गया. आखिरी T20I में उनके खेलने को लेकर फैसला मैच से पहले उनकी रिकवरी के आधार पर लिया जाएगा.
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— BCCI (@BCCI) October 16, 2026
Arshdeep Singh sustains blow to bowling shoulder; Bhuvneshwar Kumar added to #TeamIndia’s squad for the Bengaluru T20I.
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कैसे लगी थी अर्शदीप सिंह को चोट?
हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए चौथे टी-20 मैच में अर्शदीप सिंह को चोट लगी थी. उन्होंने 20वें ओवर की पहली गेंद पर चौका मारा, फिर दूसरी गेंद उन्होंने डॉट खेली. फिर, इसके बाद शमार जोसेफ ने बाउंसर गेंद डाली, जो उनकी बाएं हाथ के कंधे में लगी, जिसके बाद फिजियो मैदान पर आए और उपचार दिया. इसके बाद अर्शदीप सिंह ने अगली गेंद खेलने का फैसला किया, लेकिन शमार ने फिर एक घातक बाउंसर डाली, लेकिन वो वाइड चौके के लिए चली गई. उसके बाद अर्शदीप दर्द से कराहने लगे और घुटनों पर बैठ गए और रूल्ड आउट हो गए.
भुवनेश्वर कुमार की हुई वापसी
अर्शदीप सिंह के इंजर्ड होने के बाद सिलेक्टर्स ने 36 साल के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को टीम इंडिया में शामिल कर लिया है. प्रेस रिलीज में बताया गया कि, पुरुष चयन समिति ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें T20I के लिए भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया है. आपको बता दें, भुवनेश्वर कुमार को अपकमिंग न्यूजीलैंड टी-20 सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में शामिल किया गया है. ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि भुवनेश्वर को चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले मैच में यकीनन शामिल किया जाएगा.
चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलने का भुवनेश्वर के पास है अनुभव
चिन्नास्वामी स्टेडियम में भुवनेश्वर कुमार ने अब तक 2 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 3 विकेट लिए हैं. लेकिन, इस मैदान पर भुवी ने आईपीएल में इस मैदान पर काफी वक्त बिताया है. वह मौजूदा समय में आरसीबी का हिस्सा हैं और ये RCB का होमग्राउंड है. ऐसे में भुवनेश्वर कुमार के आईपीएल रिकॉर्ड्स पर गौर करें, तो उन्होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल के दौरान 13 मैच खेले हैं, जिसकी13 पारियों में उन्होंने 45 के औसत से 8 विकेट लिए हैं.
भारत की अपडेटेड T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर], संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव, नमन धीर, भुवनेश्वर कुमार.
भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 27 में 7.1-7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद, निजी निवेश और मांग रहेगी मजबूत
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 27 में 7.1-7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनाता है। इस दौरान देश की जीडीपी को निजी निवेश और घरेलू मांग से सहारा मिलेगा। यह जानकारी डेलॉइट इंडिया की ओर से शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
डेलॉइट ने अपने ताजा इकोनॉमिक आउटलुक में कहा कि पिछले एक दशक में देश की विकास दर को मुख्य रूप से मजबूत घरेलू खपत और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर लगातार किए गए खर्च का समर्थन मिला है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बेहतर होते कारोबारी हालात, मजबूत कॉर्पोरेट बैलेंस शीट, बेहतर कनेक्टिविटी और क्षमता के बढ़ते उपयोग से अब एक ऐसा अनुकूल माहौल बन रहा है, जिसमें निजी क्षेत्र का निवेश आर्थिक विस्तार को गति देने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
डेलॉइट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि हाल के आर्थिक संकेतक निजी निवेश गतिविधियों में तेजी आने का संकेत दे रहे हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सकल स्थिर पूंजी निर्माण में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह पिछले चार वर्षों में सबसे तेज वृद्धि है, जो व्यवसायों के बीच बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 27 में भारत की अर्थव्यवस्था के 7.1 से 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, और इसके बाद वित्त वर्ष 28 में 6.6 से 7.0 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। निजी पूंजी व्यय में लगातार तेजी आने से मांग का एक अतिरिक्त स्रोत तैयार होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे दीर्घकालिक विकास के लिए देश की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
डेलॉइट के अनुसार, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश से निजी पूंजी व्यय चक्र और मजबूत हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन उद्योगों में शुरुआत में बड़े निवेश की आवश्यकता होती है और ये दीर्घकालिक विकास के अवसर प्रदान करते हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुकावटें आर्थिक दृष्टिकोण के लिए प्रमुख जोखिम बनी हुई हैं। यदि ये समस्याएं और बढ़ती हैं, तो इनका असर विकास की संभावनाओं पर पड़ सकता है।
वित्त वर्ष 27 के लिए डेलॉइट का विकास अनुमान, कई वैश्विक और घरेलू संस्थानों के अनुमानों के काफी करीब है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) ने 7.1 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), एशियाई विकास बैंक (एडीबी), एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स और मूडीज ने लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया है।
--आईएएनएस
एबीएस
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