Solar Panels के इस्तेमाल से कैसे कर सकते हैं बिजली की कमी को पूरा, जाने यहां
मौजूदा समय में बिजली एक ऐसा जरूरत बन गई है, जिसके बिना रहना काफी मुश्किल साबित हो जाता है. ऐसे में बिजली बनाने के लिए कई तरह के तरीके मौजूद है, जिनमें से आजकल सोलर पैनल काफी चलन में है. Solar Panels बिजली बनाने का काम सूरज की रोशनी से करते है. इनका इस्तेमाल बड़े फ्राम में ही नहीं बल्कि घरों की बिजली बनाने के लिए ही किया जा सकता हैं.
सोलर पैनल कितने तरह के होते हैं?
पतली फिल्म: ये पैनल पतली परतों जैसे कि अनाकार सिलिकॉन, कैडमियम टेल्यूराइड या कॉपर इंडियम गैलियम सेलेनाइड से बने होते हैं. ये सोलर पैनल पतले और हल्के होते हैं.
पॉलीक्रिस्टलाइन: पॉलीक्रिस्टलाइन को मल्टी-क्रिस्टलाइन सोलर पैनल के नाम से भी जाना जाता है. इस पैनल को बनाने के लिए सिलिकॉन के कई छोटे-छोटे टुकड़ों को एक साथ पिघलाया जाता है.
मोनोक्रिस्टलाइन: यह सोलर पैनल बिजली बनाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, जिसकी वजह से यह बाकियों से 15-20% ज़्यादा रेंज देता है. गर्मियों में मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल बहुत अच्छे माने जाते हैं.
1. WAAREE II TOPCON N-Type 575-580 Watt
वारे ब्रांड का यह सोलर पैनल मॉडल 44 सेल फ़्रेमयुक्त डुअल ग्लास है, जो इसको काफी मजबूत बनने का काम करता है. तेजी से बिजली बनाने वाला यह शानदार सोलर पैनल मॉडल N-टाइप सेल का उपयोग करता है. यह मॉडल 575-580 वॉट पावर आउटपुट के साथ आता है. 2 का पैक में आने वाले वाले ये सोलर पैनल में डुअल ग्लास कंस्ट्रक्शन दोनों तरफ से सूरज की रोशनी को कैप्चर करने का काम कर सकता है. इस सोलर पैनल को Topcon बाइफ़ेशियल मेटीरियल के साथ बनाया गया है. यह सोलर पैनल तेज हवाओं से लेकर भारी बर्फ तक के वजन को आराम से झेल सकता है. 35L x 1200W x 2400H मिलीमीटर में आने वाला यह सोलर पैनल 54 kg वेट में आता है.
2. Loom Solar Panel Shark 575W
यह सोलर पैनल डुअल ग्लास ब्लैक फ्रेम के साथ आता है, जिसमें 144 सेल हाफ-कट शामिल है. यह सोलर पैनल मॉडल 575W आउट पावर के साथ मिल रहा है. साथ ही, यह काफी मजबूत है, जो काफी टिकाऊ है. इसके साथ ही इस पैनल को 1.5 मीटर की ऊंचाई पर लगाने वाला है. 575-700W सोलर पैनल मजबूत काले एल्युमीनियम फ्रेम और 2.0mm/2.0mm के मजबूत ग्लास से बना है, जो इसे हर मौसम के लिए उपयुक्त रखता है. यह N-टाइप पैनल कॉम्पैक्ट और लाइट वेट में आता है. लूम सोलर शार्क सौर पैनल BIS प्रमाणित हैं. यह Solar Panel Price में भी बढ़िया विकल्प लग सकते हैं.
3. WAAREE Solar Panel 535 Watt
वारे ब्रांड का यह सोलर पैनल 2 के पैक में मिल रहा है, जो 535 वाट के पावर आउटपुट के साथ आते हैं. ये सोलर पैनल बड़ी मात्रा में बिजली बनाने में सक्षम हैं. यह सोलर पैनल मॉडल टेम्पर्ड और लो आयरन ग्लास से बना है, जो इसको मजबूत बनता है. हाफकट 24 वोल्ट वाला सोलर पैनल 144 सेल के साथ बना है. मोनो पर्क बाइफेसियल सोलर पैनल IP 65 रेटेड और बाईपास डायोड के साथ वेदरप्रूफ PPO एनक्लोजर की सुविधा के साथ आ रहा है, जो इसको हर मौसम के लिए तैयार करता है. यह सोलर पैनल मॉडल 2.28L x 1.14W x 0.04H मीटर में मिल रहा है.
4. Loom Solar Panel 225W-12V 3 Star Rated Module
यह लूम सोलर पैनल 225W-12V में आता है, जो तेजी से बिजली बनाने का काम करती है. साथ ही यह सोलर पैनल 3 स्टार रेटेड मॉड्यूल इनवर्टर बैटरी (80Ah-150Ah) चार्जिंग के साथ आता है. इस शानदार सोनल पैनल मॉडल में 72 सेल हाफ कट डिजाइन है, जो इसको अंदर से काफी मजबूत बनाने का काम करता है. साथ ही, यह पैसिवेटिंग कॉन्टैक्ट सेल तकनीक की बदौलत यह ज्यादा तापमान (-40°C से +85°C) में बहुत सारे बिजली बनने का काम करता है. 225W सोलर पैनल मॉडल एक मजबूत काले एल्यूमीनियम फ्रेम और 2.0 मिमी/2.0 मिमी कठोर ग्लास से बना है, जो इसको भारी चोटों से बचता है. 159L x 70W x 3H सेंटीमीटर में आने वाला सोलर पैनल 28 किलोग्राम क्षमता के साथ मिल रहा है.
5. WAAREE (Pack of 2, 590W) Bifacial 590W Bifacial Solar Panel
590W बाइफेसियल सोलर पैनल 2 का पैक में मिल रहा है, जिसमें दोनों की पावर 590 X 590 होती है. साथ ही, यह मॉडल 2.0 mm लो आयरन ग्लास मेटीरियल में आता है, जो इसको काफी मजबूत बनता है. यह सोलर पैनल मॉडल वेदरप्रूफ PPO और IP68 रेटेड की सुविधा के साथ आता है, जो इसको हर मौसम के लिए बढ़िया बनता है. यह पैनल पैनल में दो-तरफ से सूर्य के प्रकाश को कैप्चर कर सकता है. इसके साथ ही, यह Sun Panel मॉडल 70 किलोग्राम के साथ आता है, जिसको आसानी से सेट किया जा सकता है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील संतुलित, निर्यात केंद्रित वृद्धि को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल
मुंबई, 14 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को विपक्ष के उन दावों को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता घरेलू हितों को नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता संप्रभुता को छोड़े बिना उपभोक्ता हितों और निर्यात-आधारित विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए तैयार किया गया है।
गोयल ने कहा कि 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने के चलते हमने इस समझौते में मजबूत स्थिति में डील की है और अपने देश के आत्मनिर्भर सेक्टर्स को सुरक्षित रखा है।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आंतरिक समझौते को निष्पक्ष और संतुलित बताते हुए कहा कि पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान (ऊर्जा, विमान, प्रौद्योगिकी) खरीदने का लक्ष्य केवल एक इरादा है, बाध्यकारी दायित्व नहीं, और यह भारत की वास्तविक व्यावसायिक आवश्यकताओं से प्रेरित है।
उन्होंने आगे कहा, अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर रेसिप्रोकल टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे भारत को चीन (35 प्रतिशत) और बांग्लादेश/वियतनाम (20 प्रतिशत) जैसे प्रतिस्पर्धियों पर स्पष्ट लाभ प्राप्त होता है। कई प्रमुख भारतीय क्षेत्रों को अब शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा और दुग्ध जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि इस ट्रेड डील का कोई नकारात्मक असर न हो।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, अमेरिका को दुग्ध, मुर्गी पालन, मांस, गेहूं, चावल, मक्का और सोयाबीन पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा, भारत ने केवल उन वस्तुओं के लिए चुनिंदा पहुंच की अनुमति दी है जिनकी उसे आवश्यकता है या जिनका वह अधिशेष उत्पादन नहीं करता है, जैसे अखरोट, पिस्ता और कुछ विशेष प्रकार की शराब, जिन पर न्यूनतम आयात मूल्य लागू है।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने भारतीय कपास उद्योग के लिए विशाल और उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि व्यापार समझौता उत्पादकों को नुकसान पहुंचाने के बजाय मांग को बढ़ाएगा।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने बताया कि भारत को अगले पांच वर्षों में लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के बोइंग विमान, इंजन और स्पेयर पार्ट्स आयात करने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में इस वृद्धि से दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और संभवतः भारतीय नागरिकों के लिए हवाई किराया कम हो जाएगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
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