बलूचिस्तान में एक और बलूच युवक की हत्या, मानवाधिकार संगठन का दावा
क्वेटा, 14 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में नागरिकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच शनिवार को एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने एक और बलूच युवक की कथित हत्या का मामला सामने लाया है।
इन घटनाओं को प्रांत में बढ़ती लक्षित हत्याओं और जबरन गुमशुदगियों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
मानवाधिकार संगठन बलोच एकजुटता समिति ने खुलासा किया कि 25 वर्षीय कमाल दाद, जो पेशे से चालक था, की 12 फरवरी को बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के कंटानी क्षेत्र में कथित रूप से पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड द्वारा हत्या कर दी गई।
संगठन के अनुसार, कमाल दाद को 2025 में पहले भी जबरन गायब कर दिया गया था और एक महीने की अवैध हिरासत के बाद रिहा किया गया था। रिहाई के बाद फकीर कॉलोनी में उन पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसमें वह घायल हो गए थे।
संगठन ने कहा कि पहले हुए हमले के बावजूद उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी गई और न ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
बलोच एकजुटता समिति ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि कमाल दाद की हत्या उन लोगों के खिलाफ जारी हिंसा का उदाहरण है, जो पहले जबरन गुमशुदगी का शिकार हो चुके हैं।
संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय नागरिक और राजनीतिक अधिकार संधि (आईसीसीपीआर) के अनुच्छेद 6 का उल्लंघन बताया, जो जीवन के अधिकार की गारंटी देता है और मनमाने ढंग से जीवन से वंचित करने पर रोक लगाता है।
संगठन ने संयुक्त राष्ट्र तंत्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक नागरिक समाज से अपील की है कि वे बलूचिस्तान में जारी मानवाधिकार उल्लंघनों का संज्ञान लें और निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए हस्तक्षेप करें।
इस बीच, मानवाधिकार संगठन पांक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘ए ईयर ऑफ रिप्रेशन: बलूचिस्तान 2025’ में प्रांत में व्यापक मानवाधिकार उल्लंघनों का दस्तावेजीकरण किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में जबरन गुमशुदगी के 1,355 मामले और 225 न्यायेतर हत्याएं दर्ज की गईं। इसके अलावा नागरिक इलाकों पर हवाई हमलों और शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक उपायों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जबरन गुमशुदगी बलूचिस्तान में राज्य प्रायोजित आतंक का प्रमुख माध्यम बनी हुई है।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि 2025 में पहले लापता किए गए 225 लोगों के शव बरामद हुए, जिससे तथाकथित ‘किल एंड डंप’ नीति की पुष्टि होती है। इस नीति के तहत हिरासत में लिए गए लोगों की हत्या कर उनके शव सुनसान इलाकों में फेंक दिए जाते हैं और बाद में उन्हें ‘आतंकवादी’ या ‘उग्रवादी’ बताकर मौत को जायज ठहराने की कोशिश की जाती है।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान की सैन्य और खुफिया एजेंसियों तथा अर्धसैनिक बलों ने बलूच आबादी के खिलाफ जबरन गुमशुदगी, न्यायेतर हत्याओं और आधुनिक हवाई हमलों के जरिए कार्रवाई तेज कर दी है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
श्मशानघाट में नशा करते पकड़ा गया युवक! पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ मुहिम की बड़ी सफलता
Punjab News: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. गुरदासपुर जिले के कलानौर का रहने वाला गुरकीरत सिंह श्मशानघाट के अंदर कथित तौर पर नशा करते हुए पकड़ा गया है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया.
आरोपी के थे राजनीतिक संबंध
चीमा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का संबंध कांग्रेस पार्टी से जुड़ता है. उसकी कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें वह Congress Party के नेताओं के साथ दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि पहले के समय में कुछ राजनीतिक संरक्षण के कारण पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी.
AAP उठा रही ठोस कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में जब पहले Shiromani Akali Dal और कांग्रेस की सरकारें रहीं, उस दौरान नशे की समस्या ने गंभीर रूप लिया. अब मौजूदा सरकार इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठा रही है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार लगातार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. इसके परिणामस्वरूप कई तस्कर या तो पंजाब छोड़कर भाग रहे हैं या फिर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं.
खुद पंजाब के लोग मुहिम का कर रहे खुलकर समर्थन
सरकार का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि जो लोग नशे की लत में फंसे हैं, उनका इलाज कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी है. चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग इस मुहिम का खुलकर समर्थन कर रहे हैं. यह अभियान अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है. बड़ी संख्या में लोग सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर Aam Aadmi Party से जुड़ रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाए और युवाओं को सुरक्षित भविष्य दिया जाए.
यह भी पढ़ें: AAP ने हरियाणा सरकार पर लगाया आरोप, पंजाब में विधायकों को खरीदने की रच रही साजिश
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
















.jpg)


