पलाश मुच्छल पर धोखाधड़ी-बेवफाई के आरोप पर हाईकोर्ट सख्त, विद्यान माने को लगाई फटकार- 'परिवार को घसीटना गलत'
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर विद्यान माने को पलाश मुच्छल के खिलाफ मानहानि बयान देने से रोक दिया. यह विवाद स्मृति मंधाना और पलाश की शादी टूटने के बाद शुरू हुआ, जब विद्यान ने पलाश पर 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी और बेवफाई के गंभीर आरोप लगाए. पलाश के वकीलों ने इन दावों को मनगढ़ंत और सबूत रहित बताया. जस्टिस मिलिंद जाधव ने साफ कहा कि पैसों के विवाद में निजी जीवन और परिवार को घसीटना अपमानजनक है. कोर्ट ने विद्यान को पलाश और उनकी मां की इमेज खराब करने वाले किसी भी बयान से बचने का आदेश दिया है.
मेंटल हेल्थ:हर बात पर अफसोस बन सकता है चिंता और गुस्से का कारण, जानें कैसे निपटे
क्या आपको दिन भर छोटी-छोटी बातों पर गिल्ट या अफसोस होता है-जैसे किसी का कॉल मिस कर देना, दोस्त का जन्मदिन भूल जाना या किसी कार्यक्रम में न जा पाना? गिल्ट एक सामान्य भावना है, लेकिन यह जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो एंग्जायटी और गुस्से का कारण बन सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जेनिफर रीड के अनुसार, गिल्ट कभी-कभी हमें बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन अनहेल्दी होने पर यह हमें मानसिक रूप से नीचे खींच सकता है। इससे निपटने के आसान तरीके 1. गलती को देखें, खुद को नहीं हम अपनी गलती को व्यक्तित्व से जोड़ लेते हैं। ‘मैंने कुछ प्रोडक्टिव नहीं किया’ को ‘मैं आलसी हूं’ मानना कॉग्निटिव डिस्टॉर्शन है। खुद को जज न करके काम पर ध्यान दें। 2. जो अच्छा किया है, उसे याद करें न्यूयॉर्क की साइकोलॉजिस्ट डेल एटकिंस सलाह देती हैं कि गिल्ट ज्यादा हो, तो कुछ मिनट अपने अच्छे कामों पर ध्यान दें। इससे गुस्सा और तनाव कम हो सकता है। 3. हर किसी को खुश करना जरूरी नहीं डॉ. रीड के अनुसार, सभी को खुश रखना नामुमकिन है। अपने फैसलों की जिम्मेदारी लें, सामने वाले की भावनाओं को समझें, लेकिन खुद को बेवजह दोष न दें।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18













/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)





