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Bareilly में माता-पिता के विवाद से आहत 10वीं की छात्रा दिव्यांशी ने लगाई फांसी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कथित रूप से माता-पिता के बीच लंबे समय से जारी विवाद से परेशान दसवीं कक्षा की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि घटना बारादरी थाना क्षेत्र के आजाद नगर की है, जहां 15 वर्षीय छात्रा दिव्यांशी अपनी मां श्यामलता के साथ रहती थी।

सूत्रों के मुताबिक परिजनों का कहना है कि दिव्यांशी अपने माता-पिता के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर परेशान थी और चाहती थी कि उसकी मां वापस पिता के साथ रहने लगे। सूत्रों ने बताया कि दिव्यांशी की मां आशा कार्यकर्ता हैं, जबकि उसके पिता वेदपाल भुता क्षेत्र के मैकूपुर गांव में रहते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले दिव्यांशी अपने पिता के घर गई थी और उसने पिता से कहा था कि वह अपनी मां को मनाकर उनके साथ वापस ले आएगी, मगर वह अपनी कोशिश में सफल नहीं हो सकी और घटना से एक दिन पहले ही पिता के घर से मां के पास लौट आई थी।

पुलिस क्षेत्राधिकारी (तृतीय) शिवम आशुतोष ने बताया कि किशोरी ने बृहस्पतिवार को घर में फांसी लगा ली। उन्होंने बताया कि घटना के समय उसकी मां काम पर गई थी और उसका छोटा भाई भी घर से बाहर था। आशुतोष ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की है।

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Sanjay Raut के आचरण पर Supreme Court सख्त, Election Commission से Voter List पर मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके प्रमुख ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' में गड़बड़ी के आरोपों वाली एक याचिका पर दिया गया है। कोर्ट ने कहा है कि शिवसेना-UBT नेता संजय राउत को अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा। यह याचिका कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राउत सहित 12 अन्य विपक्षी नेताओं ने दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि वह राउत की ओर से दायर इस याचिका को फिलहाल स्वीकार कर रहा है, लेकिन यह उनके स्पष्टीकरण देने की शर्त पर निर्भर करेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने गुरुवार को कहा WP (C) संख्या 1351/2026 (आइटम 25, जिसे गांधी ने दायर किया है) में, याचिकाकर्ता संख्या 6 (राउत) की ओर से दायर याचिका को फिलहाल स्वीकार किया जा रहा है, लेकिन उन्हें अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा। सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि हम अगली सुनवाई की तारीख पर याचिकाकर्ताओं में से एक से उनके आचरण के बारे में पूछेंगे।

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मुख्य न्यायाधीश ने तब कड़ा रुख अपनाया, जब कुछ वकीलों ने आरोप लगाया कि 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने वाले गांधी और विपक्ष के अन्य नेता न्यायपालिका पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे थे। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोई भी हमें (न्यायपालिका को) डरा-धमका नहीं सकता। हम कोई अलग-थलग दुनिया में नहीं बैठे हैं। हमें पता है कि वे बाहर क्या बयान दे रहे हैं और अदालत में क्या कह रहे हैं। हमें सब कुछ पता है। खबरों के अनुसार, हाल ही में राउत ने मुख्य न्यायाधीश की आलोचना की थी, क्योंकि उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने से इनकार कर दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी - को इस याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया है। याचिका में एक ऐसी स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की गई है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करें और जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ तथा अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हों। इसमें यह भी कहा गया है कि यह समिति एक तय समय-सीमा के भीतर, मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision) के दौरान किए गए नामों को हटाने और बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट करे। इसलिए, कोर्ट ने राउत की याचिका को फिलहाल स्वीकार करते हुए चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों से जवाब मांगा है। साथ ही, कोर्ट ने राउत से उनके आचरण को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा है।

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  Sports

दिल्ली की दम तोड़ती खेल संस्कृति: क्रिकेट के अलावा कहां हैं दर्शक, टूर्नामेंट और भविष्य की ठोस योजना?

राजधानी दिल्ली में खेल संस्कृति क्रिकेट तक सिमटती जा रही है. फुटबॉल और हॉकी जैसे खेलों के लिए नियमित टूर्नामेंट, दर्शकों की भागीदारी और मजबूत जमीनी ढांचे की कमी चिंता बढ़ाती है. कभी डूरंड कप दिल्ली की फुटबॉल पहचान था, लेकिन इसके बाहर जाने से राजधानी ने बड़ा आकर्षण खोया. सुब्रतो कप और नेहरू हॉकी टूर्नामेंट जैसे आयोजनों को स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय क्लबों से जोड़ना जरूरी है. दिल्ली सरकार, खेल महासंघों और स्थानीय संस्थाओं को सालभर का खेल कैलेंडर बनाकर जवाबदेही तय करनी चाहिए. क्रिकेट की लोकप्रियता बरकरार रहे, लेकिन राजधानी की खेल पहचान बहुआयामी भी बने. Fri, 16 Oct 2026 17:50:02 +0530

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