Jeff Bezos ने Blue Origin में लगाए 30 अरब डॉलर, SpaceX को मिलेगी कड़ी टक्कर
दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल जेफ बेजोस अपनी अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी रकम लगा रहे हैं। अमेजन के संस्थापक अब तक अपनी निजी संपत्ति से इस कंपनी में करीब 30 अरब डॉलर का निवेश कर चुके हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में कंपनी के लिए 2 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि देने का फैसला किया है। इसका मकसद अंतरिक्ष कारोबार में एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को कड़ी टक्कर देने की तैयारी को मजबूत करना है।
साल 2000 में शुरू हुई ब्लू ओरिजिन अब एक बड़ी अंतरिक्ष कंपनी बन चुकी है। रिपोर्ट में बताए गए दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी में करीब 15,000 कर्मचारी काम करते हैं और इसके कारोबार को तेजी से बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। बेजोस लंबे समय से अपनी निजी संपत्ति का बड़ा हिस्सा अंतरिक्ष से जुड़ी तकनीक, रॉकेट और दूसरे कारोबार को विकसित करने में लगा रहे हैं। इसके लिए वह पहले भी अमेजन के शेयर बेचकर पैसा जुटा चुके हैं।
बेजोस की ओर से दिया जा रहा नया 2 अरब डॉलर का निवेश कंपनी के पहले बाहरी निवेश अभियान का हिस्सा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस निवेश अभियान के तहत ब्लू ओरिजिन को अब तक 10 अरब डॉलर की राशि मिल चुकी है। इस दौर में कंपनी का अनुमानित मूल्य करीब 140 अरब डॉलर आंका गया है। सितंबर के आखिर में ब्लूमबर्ग अरबपतियों की सूची के मुताबिक, बेजोस की कुल संपत्ति लगभग 275 अरब डॉलर थी। ऐसे में अंतरिक्ष कारोबार में उनका लगातार बढ़ता निवेश उनकी लंबी अवधि की योजना को दिखाता है।
ब्लू ओरिजिन की योजना केवल रॉकेट भेजने तक सीमित नहीं है। कंपनी उपग्रह संचार, अंतरिक्ष सेवाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी तकनीक में भी बड़ा कारोबार खड़ा करना चाहती है। रिपोर्ट में शामिल दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी ने 2025 में करीब 800 मिलियन डॉलर का राजस्व कमाया था। इस साल इसके बढ़कर लगभग 1.4 अरब डॉलर होने का अनुमान है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सालाना राजस्व 30 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचाने का है।
इस लक्ष्य को हासिल करने में उपग्रह संचार कारोबार की अहम भूमिका हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस कारोबार के लिए जरूरी उपग्रहों को कक्षा में नहीं भेजा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े कामों के लिए उपग्रहों का एक अलग बेड़ा तैयार करने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके अलावा, रॉकेट प्रक्षेपण सेवाओं से भी कंपनी को बड़ी कमाई की उम्मीद है।
कंपनी ने अपने कामकाज को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए कुछ बदलाव भी किए हैं। पिछले साल बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की गई और अंतरिक्ष की छोटी यात्राओं से जुड़ी उड़ानें बंद कर दी गईं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेव लिम्प, जिन्होंने करीब 3 साल पहले यह जिम्मेदारी संभाली थी, तकनीकी विकास और मिशनों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। कंपनी नासा जैसे ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने की भी कोशिश कर रही है।
ब्लू ओरिजिन के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्पेसएक्स से मुकाबला करना है। कंपनी का मानना है कि उसका न्यू ग्लेन रॉकेट इस अंतर को कम करने में मदद कर सकता है। यह एक बड़ा रॉकेट है, जिसका पहला चरण दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। न्यू ग्लेन अब तक 3 अभियानों में उड़ान भर चुका है, लेकिन मई में फ्लोरिडा के प्रक्षेपण स्थल पर एक रॉकेट के विस्फोट के बाद से इसकी उड़ान नहीं हुई है। कंपनी इस जटिल समस्या को ठीक करने पर काम कर रही है।
गौरतलब है कि जेफ बेजोस ने पिछले साल कहा था कि अंतरिक्ष कारोबार में कई कंपनियों के सफल होने की गुंजाइश है। उनका मानना है कि स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन दोनों आगे बढ़ सकती हैं और भविष्य में शुरू होने वाली नई कंपनियां भी इस क्षेत्र में अपनी जगह बना सकती हैं। ऐसे में बेजोस का बड़ा निवेश अंतरिक्ष कारोबार में लंबी दौड़ की तैयारी को दिखाता है, जहां तकनीक, लागत और ग्राहकों का भरोसा सफलता तय करने वाले अहम कारक हैं।
Sensex 414 अंक उछलकर 74,729 पर बंद, IT शेयरों में जोरदार बढ़त से Nifty भी चढ़ा
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में तगड़ी खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 414 अंक चढ़ गया, जबकि निफ्टी में करीब 149 अंक की तेजी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 413.66 अंक यानी 0.56 प्रतिशत बढ़कर 74,729.27 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान एक समय यह 463.17 अंक चढ़कर 74,778.78 अंक तक पहुंच गया था। एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 148.80 अंक यानी 0.65 प्रतिशत बढ़कर 23,146.15 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से टेक महिंद्रा का शेयर सबसे अधिक 8.45 प्रतिशत चढ़ा।
कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 32.74 प्रतिशत बढ़कर 1,585.6 करोड़ रुपये रहने की सूचना दी थी। इसके अलावा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एचसीएलटेक के शेयरों में भी तेजी रही। दूसरी तरफ, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में कुल 2,256.94 अंक यानी 3.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई जबकि एनएसई निफ्टी 625.7 अंक यानी 2.77 प्रतिशत चढ़ गया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, तिमाही नतीजों और कंपनियों के प्रबंधन की सकारात्मक टिप्पणियों से आईटी क्षेत्र की आय संभावनाओं को लेकर भरोसा बढ़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये में मजबूती से भी बाजार धारणा को समर्थन मिला।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.30 प्रतिशत गिरकर 105.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि व्यापक बाजार में गिरावट का रुख देखा गया। मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.37 प्रतिशत गिर गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.14 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में आईटी खंड ने सर्वाधिक 3.38 प्रतिशत की छलांग लगाई जबकि फोकस आईटी खंड में 3.29 प्रतिशत की तेजी रही। दूरसंचार खंड में 1.56 प्रतिशत, धातु खंड में 0.78 प्रतिशत और वाहन खंड में 0.77 प्रतिशत की बढ़त रही। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,404 कंपनियों के शेयर चढ़कर बंद हुए जबकि 1,962 कंपनियों में गिरावट रही और 250 अन्य अपरिवर्तित रहीं।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, शुक्रवार को बाजार में लगातार दूसरे सत्र में तेजी रही। तिमाही नतीजों के बाद आईटी शेयरों में खरीदारी बाजार की बढ़त का प्रमुख कारण रही, जबकि अन्य क्षेत्रों ने भी समर्थन दिया। रुपये में मजबूती जारी रहने से भी घरेलू बाजार की धारणा को बल मिला।
इस बीच, बाजार नियामक सेबी ने समापन नीलामी सत्र (सीएएस) के ढांचे में संशोधन कर दिया है। नए नियमों के तहत 10 मिनट का समापन नीलामी सत्र सभी कारोबारी सत्रों में अपराह्न 3.30 बजे से 3.40 बजे तक चलेगा, जबकि सूचकांक और शेयर डेरिवेटिव में कारोबार कुछ अपवादों को छोड़कर 3.45 बजे तक जारी रहेगा। एक अहम बदलाव वायदा एवं विकल्प अनुबंधों की समाप्ति पर उनके निपटान से जुड़ा है।
अब निपटान के लिए लगातार कारोबार के अंतिम 30 मिनट के दौरान के कारोबार के मात्रा-भारित औसत मूल्य (वीडब्ल्यूएपी) पद्धति का इस्तेमाल किया जाएगा। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 5,285.37 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोप के अधिकांश बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 1,533.72 अंक उछलकर 74,315.61 अंक पर और निफ्टी 374.65 अंक चढ़कर 22,997.35 अंक पर बंद हुआ था।
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