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अंतरिक्ष से धरती पर रोशनी भेजेगी Reflect Orbital, Skyroot के विक्रम रॉकेट करेंगे उपग्रह प्रक्षेपित

(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 16 अक्टूबर जरा सोचिए, क्या रात के घने अंधेरे में भी धरती के किसी खास हिस्से को सूरज की रोशनी से जगमगाया जा सकता है? एक अमेरिकी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी इस कल्पना को हकीकत में बदलने की तैयारी कर रही है और वह भी भारतीय कंपनी की मदद से। कैलिफोर्निया स्थित स्टार्ट-अप ‘रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल’ ने अंतरिक्ष में विशाल दर्पण स्थापित कर पृथ्वी पर मांग के अनुरूप ‘धूप’ बेचने की अनोखी योजना बनाई है।

इस महत्वाकांक्षी मिशन के लिए कंपनी ने भारत की निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ की प्रक्षेपण सेवाएं लेने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल’ कंपनी उपग्रहों का एक ऐसा समूह तैयार कर रही है, जो रात के समय आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव कार्यों के लिए तत्काल रोशनी मुहैया करा सकेगा। इससे सौर ऊर्जा संयंत्रों में बिजली उत्पादन की अवधि भी बढ़ाई जा सकेगी।

कंपनी ने अपने दो उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए हैदराबाद स्थित ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ के साथ अनुबंध किया है। इन उपग्रहों को स्काईरूट के ‘विक्रम’ रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा। ‘रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल’ ने एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिका में तय हमारे अन्य प्रक्षेपण अभियानों के साथ-साथ इन दो प्रक्षेपण से हमें एक निश्चित समयसीमा और अतिरिक्त क्षमता मिलेगी।’’ ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पवन चंदना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘पृथ्वी पर नयी संभावनाओं के द्वार खोलने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का बेहद अनूठे तरीके से इस्तेमाल कर रही कंपनी ‘रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल’ के साथ साझेदारी करके हम बहुत उत्साहित हैं।

स्काईरूट के रॉकेट के जरिए मांग के अनुरूप धूप उपलब्ध कराने के उनके सपने को साकार करने का हमें इंतजार है।’’ इससे पहले जुलाई में कंपनी को अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) से एक प्रोटोटाइप उपग्रह (शुरुआती नमूना उपग्रह, जिसे किसी नयी प्रौद्योगिकी का परीक्षण करने के लिए बनाया जाता है) बनाने, उसे अंतरिक्ष में भेजने और संचालित करने की मंजूरी मिली थी। इस स्टार्ट-अप का लक्ष्य पृथ्वी पर पांच किलोमीटर क्षेत्र में जरूरत के अनुसार सूरज की रोशनी पहुंचाना है। इस रोशनी की चमक को कम या ज्यादा किया जा सकेगा और जरूरत न होने पर इसे बंद भी किया जा सकेगा।

कंपनी के मुताबिक, मांग के अनुरूप मिलने वाली इस ‘धूप’ के कई फायदे होंगे। इससे दूरदराज के औद्योगिक क्षेत्रों में देर तक काम किया जा सकेगा, महत्वपूर्ण स्थलों को रोशन कर रक्षा अभियानों में मदद मिलेगी और सार्वजनिक आयोजनों को और आकर्षक बनाया जा सकेगा। ‘रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल’ के सह-संस्थापक एवं सीईओ बेन नोवाक ने कहा, ‘‘अंतरिक्ष तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नयी प्रक्षेपण सेवा प्रदाता कंपनी ‘स्काईरूट’ के साथ काम करने को लेकर हम बेहद उत्साहित हैं।’’ इस समझौते के तहत पहला उपग्रह ‘विक्रम-1’ रॉकेट से भेजा जाएगा, जबकि दूसरे उपग्रह को स्काईरूट के निर्माणाधीन ‘विक्रम-1यू’ प्रक्षेपण यान से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

बयान के अनुसार, ‘विक्रम-1यू’ में पहले चरण के अतिरिक्त बूस्टर लगाए गए हैं और इसकी क्षमता भी पहले से बेहतर है। नोवाक ने कहा, ‘‘हाल में हमें अपने पहले अंतरिक्ष यान के संचालन के लिए एफसीसी से लाइसेंस मिला है। इस सेवा का विस्तार करने की अनुमति हासिल करने के लिए हम खगोलविदों, स्थानीय समुदायों और नियामक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।’’ अंतरिक्ष से पृथ्वी पर रोशनी पहुंचाने का यह पहला प्रयास नहीं है।

रूसी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने 1993 में अंतरिक्ष की कक्षा में 65 फुट चौड़ा दर्पण स्थापित कर पृथ्वी पर सूरज की रोशनी की एक किरण भेजी थी। ‘जनामया’ नाम का यह प्रयोग सफल रहा था, लेकिन धन की कमी के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। हालांकि, ‘रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल’ की इस योजना को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है।

कई पर्यावरण संगठनों ने एफसीसी से प्रोटोटाइप उपग्रह के लिए दी गई मंजूरी रद्द करने का अनुरोध किया है। पर्यावरणविदों का कहना है कि रात के समय अंतरिक्ष से आने वाली तेज रोशनी से वन्यजीवों का जीवन प्रभावित हो सकता है, खगोलीय अध्ययनों में बाधा आ सकती है और मनुष्यों की प्राकृतिक जैविक घड़ी को नुकसान पहुंच सकता है।

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Kuch Kuch Hota Hai 28 Years: 'कुछ कुछ होता है' के वो 7 पल, हंसाया भी-रुलाया भी, जो आज भी करता है प्यार पर यकीन

Kuch Kuch Hota Hai 28 Years: करण जौहर के निर्देशन में बनी 'कुछ कुछ होता है' ने दोस्ती, एकतरफा प्यार, बिछड़ने और दूसरी बार प्यार पाने जैसे एहसासों को एक साथ पिरोया था. शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की अदाकारी के साथ फिल्म के गाने भी इसकी पहचान बन गए. 28 साल बाद भी इस फिल्म की यादें इसलिए ताजा हैं, क्योंकि इसके किरदार सिर्फ पर्दे पर प्यार नहीं करते, बल्कि गलतियां भी करते हैं, बिछड़ते हैं और जिंदगी से सीखते हैं. शायद यही वजह है कि 'कुछ कुछ होता है' के ये सात पल आज भी पुराने नहीं लगते.

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गेंदबाजी में रणनीतियां लागू नहीं कर पाए, चौथे T20I में हार पर बोले कप्तान Shreyas Iyer

टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच चल रही T20I सीरीज का चौथा मुकाबला खेला गया। 15 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में दोनों टीमें आमने-सामने थीं, जहाँ वेस्टइंडीज ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। मैच की शुरुआत विंडीज़ की बल्लेबाज़ी से हुई। शानदार फॉर्म में चल रहे शाई होप ने पारी की शुरुआत की और 102 रन बनाए। शेरफेन रदरफोर्ड 49 रन बनाकर नाबाद रहे, जिससे मेहमान टीम ने पहली पारी में कुल 247 रन बनाए।

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लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 223 रनों पर ही सिमट गई। कीमो पॉल ने 5 विकेट लिए, जिससे भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और अंततः मेज़बान टीम को हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद, भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम की कमियों पर बात की। पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अय्यर ने कहा, "सब कुछ गेंदबाजी से शुरू हुआ। मुझे लगता है कि हम अपनी लाइन और लेंथ को सही से लागू नहीं कर पाए। 250 रन का पीछा करते समय आपको एक खास रणनीति के साथ आगे बढ़ना होता है। मुझे हमारी चेज़िंग अप्रोच अच्छी लगी, लेकिन बदकिस्मती से हम गेंदबाजी में अपनी योजनाओं को सही से लागू नहीं कर सके, और यहीं हम थोड़े पीछे रह गए।"

इस सवाल पर कि क्या शुरुआत में अभिषेक शर्मा के स्ट्राइक पर न होने से भारत की शुरुआत पर असर पड़ा, उन्होंने आगे कहा कि ऐसा नहीं है, उस समय भी हमारा रन रेट 12 प्रति ओवर चल रहा था। बात बस इतनी है कि उन्होंने अपनी योजनाओं को बहुत अच्छे से लागू किया, और विकेट का बर्ताव भी थोड़ा अलग था। गेंद थोड़ी उछल रही थी और उन्होंने फील्डिंग का भी बहुत अच्छा इस्तेमाल किया। इसलिए उन्हें पूरा श्रेय मिलना चाहिए; उनका काम एकदम सटीक था।

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यह ध्यान देने वाली बात है कि भारत और वेस्टइंडीज अब इस सीरीज के पांचवें और आखिरी T20I मैच की तैयारी कर रहे हैं। सीरीज 2-2 से बराबर है, इसलिए आने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए बहुत अहम होगा। इस मुकाबले के लिए दोनों टीमें 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों टीमें कैसा प्रदर्शन करती हैं।
 

Fri, 16 Oct 2026 12:19:00 +0530

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