Mecca Pact वालों को दौड़ा-दौड़ा कर मार रहे हूती, सऊदी ने खुद ही कबूल लिया सबसे बड़ा सच!
सऊदी अरब और हूतियों के बीच जंग अब भीषण शक्ल ले चुकी है और यही वजह है कि बेहद डरावनी तस्वीरें अलग-अलग मोर्चों से सामने आ रही हैं। तस्वीरों में भागती-दौड़ती गाड़ियां दिखाई दे रही हैं, जिन पर लगातार तोप के गोले और रॉकेट दागे जा रहे हैं जिससे गाड़ियां तबाह हो रही हैं। हूतियों ने इसकी तस्वीरें जारी कर बताया है कि वे किस तरह सऊदी समर्थित बलों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। सऊदी अरब और हूती हमलों को लेकर जिस तरह से तनाव बढ़ा है, उस बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने स्वीकार किया है कि हूती विद्रोहियों के हमले में उसे भारी नुकसान हुआ है। सड़क किनारे खड़े वाहन से काला धुआं उठता नजर आया, कुछ लड़ाके इलाके से आगे बढ़ते नजर आते हैं और इसके बाद हमलों व विस्फोटों जैसे दृश्य भी सामने आते हैं। हूती विद्रोही इस इलाके में पूरी ताकत के साथ सऊदी अरब पर हमले बढ़ा रहे हैं और यमनी सरकार की सेना को समर्थन देने वाले सऊदी अरब को भारी हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
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सऊदी अरब को हो रहे नुकसान का कबूलनामा खुद सामने आया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने स्वीकार किया है कि हूती विद्रोहियों ने रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर अक्टूबर महीने में करीब 20 हमले किए हैं, जिनमें 17 लोगों की मौत हुई है। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ब्योरा देते हुए बताया कि 1 से 11 अक्टूबर के दौरान किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 20 हमले किए गए। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत सुरक्षित इस नागरिक ठिकाने को निशाना बनाने के लिए 10 ड्रोन, 4 बैलिस्टिक मिसाइलें, 4 क्रूज मिसाइलें और 2 अज्ञात प्रोजेक्टाइल इस्तेमाल किए गए। इन हमलों के विवरण के मुताबिक, 7 अक्टूबर को 1 मौत और 8 लोग घायल हुए; 8 अक्टूबर को 3 मौतें और 5 लोग घायल हुए; 10 अक्टूबर को सबसे बड़ा हमला हुआ जिसमें 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए; जबकि 11 अक्टूबर को टर्मिनल नंबर 3 पर हुए हमले में 1 मौत और 11 लोग घायल हुए। इस तरह कुल 17 लोगों की जान गई। गठबंधन प्रवक्ता ने बताया कि इसके जवाब में गठबंधन सेना ने पहाड़ी इलाकों में हूतियों के 127 हथियारों के गोदामों और कई लॉन्च पैड्स को तबाह किया है। साथ ही, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, तेल प्रतिष्ठानों और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हूती हमलों के जवाब में विशेष सैन्य अभियान चलाया गया है।
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गठबंधन के मुताबिक, अकेले 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 12 लोगों की जान गई थी, जबकि इससे पहले भी लगातार लोग मारे जा रहे थे। सऊदी अरब पर हूतियों के हमले लगातार बढ़ गए हैं, जिसने सऊदी अरब की सुरक्षा और उसकी आर्थिक योजनाओं को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान देश की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने और तेल पर निर्भरता घटाने के लिए जिस बड़े बदलाव और विज़न पर काम कर रहे हैं, मौजूदा तनाव ने उनके सामने एक साथ कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
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