रिटेल महंगाई लगातार 11वें महीने बढ़ी:सितंबर में 0.72% बढ़कर 5.54% पर पहुंची; आलू, प्याज, टमाटर महंगे हुए; चांदी के गहने सस्ते
सितंबर में रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% पर पहुंच गई है। अगस्त में यह 4.82% थी। आलू, प्याज, टमाटर जैसी सब्जियों और खाने-पीने की चीजों के दाम चढ़े हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से कच्चा तेल भी महंगा हुआ है। इन कारणों से महंगाई लगातार 11वें महीने बढ़ी है। महंगाई रोकने के लिए RBI ने ब्याज दर बढ़ाई थी महंगाई पर लगाम लगाने के लिए RBI ने इसी महीने 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। आरबीआई ने साफ कर दिया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की कोई संभावना नहीं है। बैंक की आगे की नीति या तो ब्याज दरें बढ़ाने की होगी या फिर इन्हें इसी स्तर पर बरकरार रखा जाएगा। खाने-पीने की चीजों, ग्रामीण और शहरी महंगाई शहर और गांव की महंगाई में क्या अंतर है? सरकार महंगाई दर तय करने के लिए एक बास्केट बनाती है। इसमें खाना, राशन, कपड़ा, मकान का किराया, पढ़ाई और इलाज जैसी चीजें शामिल होती हैं। लेकिन गांव और शहर के लोगों का खर्च करने का तरीका अलग होता है, इसलिए दोनों जगह महंगाई की तय करने के लिए बास्केट में सामानों का वेटेज अलग-अलग होता है। महंगाई कैसे घटती-बढ़ती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 5% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि सितंबर 2026 में महंगाई 5.54% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना सितंबर 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 5.54% एक औसत नंबर है जिसे 'कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स' कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: 2. ₹100 की चीज अब ₹105.54 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर सितंबर 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान सितंबर 2026 में ₹105.54 का हो गया है। --------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सितंबर में SIP में ₹32,490 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश:अगस्त से ₹193 करोड़ ज्यादा; म्यूचुअली फंड इंडस्ट्री का AUM 5.1% घटा सितंबर 2026 में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेन्ट प्लान यानी SIP के जरिए मंथली कंट्रीब्यूशन यानी निवेश ₹32,490 करोड़ के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। इससे पहले अगस्त में यह आंकड़ा ₹32,297 करोड़ रहा था। पूरी खबर पढ़ें…
सेंसेक्स 548 अंक गिरकर 71,925 पर बंद:निफ्टी भी 157 अंक नीचे आया, IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही
शेयर बाजार में आज यानी 12 अक्टूबर को गिरावट रही। सेंसेक्स 548 अंक नीचे 71,925 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 157 अंक की गिरावट रही, ये 22,363 पर बंद हुआ। IT, बैंकिंग और FMCG शेयर्स में आज ज्यादा बिकवाली रही। बाजार में गिरावट के 4 बड़े कारण 1. RBI का आगे और दरें बढ़ाने का संकेत लगभग 4 साल में पहली बार दरें बढ़ाने के साथ आरबीआई ने अपना रुख 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है। ऐसे में आने वाले कुछ महीनों में आरबीआई ब्याज दर में 1% तक की बढ़ोतरी कर सकता है। इस वजह से बाजार में गिरावट है। 2. बॉन्ड यील्ड 24 साल के रिकॉर्ड स्तर पर ग्लोबल मार्केट में बॉन्ड सेल-ऑफ तेज होने से अमेरिका की 30-साल वाली बॉन्ड की यील्ड 5.71% के पार पहुंच गई है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड भी 5.3% से ऊपर चली गई है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशक शेयर मार्केट से पैसा निकालकर डेट मार्केट की ओर रुख करते हैं। 3. कच्चा तेल 102 डॉलर प्रति बैरल के पार निकला मिडिल ईस्ट में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर बढ़ते हमलों के चलते ब्रेंट क्रूड 2% चढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। सप्लाई बाधित होने की आशंका और क्रूड इन्वेंट्री में 3.2 मिलियन बैरल की कमी आने से तेल की कीमतों में यह तेजी आई है। 4. विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजारों में बिकवाली कर रहे हैं। पिछले 7 कारोबारी दिनों में FIIs ने करीब 26 हजार करोड़ रुपए के शेयर बेचे। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में 9 अक्टूबर को बढ़त रही विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 7 दिनों में 26 हजार करोड़ रुपए के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। पिछले हफ्ते बाजार में रही थी बढ़त इससे पहले पिछले हफ्ते के आखिरी यानी 9 अक्टूबर को सेंसेक्स 879 अंक या 1.23% की तेजी के साथ 72,472 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 289 अंक की तेजी रही, ये 22,520 के स्तर पर बंद हुआ था।
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