बल्लेबाज की सोच पढ़कर विकेट निकालते हैं नमन धीर:टी-20 इंटरनेशनल में 5 विकेट; डेब्यू पर छक्का खाने के बाद अगली गेंद पर विकेट लिया
भारत के बैटिंग ऑलराउंडर नमन धीर ने गेंद से अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है। उनकी खासियत सिर्फ ऑफ स्पिन नहीं, बल्कि बल्लेबाज की सोच को पढ़कर उसके खिलाफ योजना बनाना है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों में वह अब तक 5 विकेट ले चुके हैं। उनके प्रदर्शन में एक दिलचस्प पैटर्न भी दिखा है। डेब्यू मैच में जिन बल्लेबाजों ने उनकी गेंद पर छक्का लगाया, नमन ने उनमें से कुछ को अगली ही गेंद पर आउट कर दिया। इंदौर में कामिल पूरन के खिलाफ भी उन्होंने तीन छक्के खाने के बाद विकेट हासिल किया। लखनऊ में डेब्यू किया 26 साल के नमन ने 6 अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। पहले ही मैच में उन्होंने 31 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद सीरीज के तीसरे टी-20 में इंदौर के होलकर स्टेडियम में 39 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। भारत ने यह मैच 14 रन से जीता और पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। नमन की गेंदबाजी की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है, क्योंकि वह खुद को मुख्य रूप से बल्लेबाज मानते हैं। उनका कहना है कि बल्लेबाजी करने से उन्हें गेंदबाजी के दौरान सामने वाले खिलाड़ी की तकनीक समझने में मदद मिलती है। बल्लेबाज का स्टांस, बैकलिफ्ट, गार्ड और पसंदीदा शॉट देखकर वह अंदाजा लगाने की कोशिश करते हैं कि अगली गेंद पर वह क्या करना चाहेगा। सिक्स लगने के बाद अगली गेंद पर विकेट नमन ने अपने पहले टी-20 में वेस्टइंडीज की पारी के दौरान कप्तान शाई होप, रोमारियो शेफर्ड और मैथ्यू फोर्ड के विकेट लिए। इस मैच में उनके प्रदर्शन की खास बात यह रही कि छक्का खाने के बाद भी उन्होंने अपनी रणनीति पर भरोसा बनाए रखा और जवाब में विकेट हासिल किए। पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी नमन की इस खूबी पर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि नमन लाइन, लेंथ और गति में बदलाव करके बल्लेबाज को चौंकाने की कोशिश करते हैं। पूरन ने एक ओवर में तीन छक्के लगाए, फिर भी नमन ने विकेट लिया हेटमायर को भी किया बोल्ड तीसरे टी-20 में नमन ने शिमरोन हेटमायर को भी आउट किया। हेटमायर 26 गेंदों पर 43 रन बनाकर तेजी से रन बना रहे थे। नमन की गेंद पर वह शॉट खेलने से चूके और बोल्ड हो गए। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए थे। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 7 विकेट पर 209 रन ही बना सकी। अर्शदीप सिंह ने 3 विकेट लिए, जबकि नमन के खाते में 2 विकेट आए। बल्लेबाजी पहली जिम्मेदारी, गेंद से 2-3 ओवर किफायती डालना लक्ष्य नमन खुद को बैटिंग ऑलराउंडर मानते हैं। भारतीय टीम में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी बल्लेबाजी है, जबकि गेंद से जरूरत पड़ने पर दो या तीन ओवर किफायती डालना उनका लक्ष्य रहता है। इंदौर में उन्हें बल्लेबाजी का मौका मिला, लेकिन वह उसका पूरा फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने 5 गेंदों पर 10 रन बनाए और गुडाकेश मोती की गेंद पर लॉन्ग-ऑफ में कैच आउट हुए। उन्होंने यह भी बताया कि IPL में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण उन्हें गेंदबाजी के मौके कम मिले। इसके बावजूद गेंदबाजी हमेशा उनके खेल का हिस्सा रही है। आगे के लक्ष्य तय नहीं, फिलहाल क्रिकेट का आनंद ले रहे लगातार विकेट मिलने के बावजूद नमन भविष्य को लेकर बड़े दावे नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वह बहुत आगे की योजना बनाकर नहीं चलते और फिलहाल उनका कोई खास व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं है। वह क्रिकेट खेलने, उसका आनंद लेने और मिलने वाले अवसरों का पूरा इस्तेमाल करने पर ध्यान दे रहे हैं।
माया ने तोड़ा सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड:17 साल में महिला प्रो-टेनिस चैंपियन, सबसे युवा भारतीय बनीं
17 साल की भारतीय टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने रविवार को पुर्तगाल के लागोस में ITF W35 टूर्नामेंट जीत लिया है। वे यह टाइटल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय बनी हैं। 17 साल 3 महीने की माया ने विमेंस सिंगल्स के फाइनल में स्पेन की सीलिया सरविनो को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। सानिया मिर्जा ने 2004 में 17 साल 10 महीने की उम्र में खिताब जीता था। पहले राउंड में 0-5 से पिछड़ने के बाद टॉप सीड को हराया दुनिया की 1038वें नंबर की खिलाड़ी माया ने मुख्य ड्रॉ के पहले राउंड में टॉप सीड और वर्ल्ड नंबर-246 जुस्तिना मिकुलस्काइट को 7-6(1), 6-1 से हराया। पहले सेट में वह 0-5 से पिछड़ गई थीं, लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए सेट टाईब्रेकर में जीत लिया। दूसरे राउंड में माया ने अर्जेंटीना की बर्टा बोनार्डी को 6-2, 6-0 से हराया। दबाव कम करने के लिए मन में गाना गुनगुनाया फाइनल में पहला सेट जीतने के बाद माया ने मन ही मन गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया। मैच के बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि मैं बहुत ज्यादा दबाव ले रही हूं। तनाव कम करने के लिए मैंने मन में गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘पहला खिताब हमेशा खास होता है। इस हफ्ते की कई अच्छी यादें मेरे साथ रहेंगी। इस जीत से मुझे कॉन्फिडेंस मिला है कि मैं बड़े स्तर पर मुकाबला कर सकती हूं।’ विमेंस डबल्स में भी चैंपियन बनीं माया ने यूक्रेन की येलिजवेता कोट्लियार के साथ डबल्स खिताब भी अपने नाम किया। उन्होंने अपनी जोड़ी दार के साथ फाइनल में मिन लियू और कार्लोटा मोचिया को 0-6, 6-2, 10-7 से हराया। पहला सेट 0-6 से गंवाने के बाद माया और कोट्लियार ने दूसरे सेट में वापसी की। इसके बाद निर्णायक सुपर टाईब्रेकर 10-7 से जीतकर खिताब अपने नाम किया। सानिया और माया ने लागोस में ही जीते खिताब माया और सानिया ने 17 साल की उम्र में लागोस में खिताब ही जीते। हालांकि, सानिया ने 10 अक्टूबर 2004 को नाइजीरिया के लागोस में खिताब जीता था, जबकि माया ने 11 अक्टूबर 2026 को पुर्तगाल के लागोस में टाइटल जीता है। ------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान का टी-20 इंटरनेशनल में अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर:श्रीलंका को 82 रन से हराया: माज सदाकत शतक से चूके; सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त पाकिस्तान ने दूसरे टी-20 इंटरनेशनल में श्रीलंका को 82 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। रविवार को टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 215 रन बनाए। यह टी-20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। टीम का सर्वोच्च स्कोर 232/6 है, जो उसने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। पूरी खबर
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