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Jailer 2 Day 1 Box Office Report: रजनीकांत की ‘जेलर 2’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर दमदार शुरुआत की है। तमिल वर्जन सबसे आगे है, लेकिन क्या फिल्म 100 करोड़ की ओपनिंग तक पहुंचेगी?
Prashant Bhushan के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर भड़की BJP, Sambit Patra बोले- यह देश किसी की जागीर नहीं
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को वकील प्रशांत भूषण और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने 'सत्ता परिवर्तन' की मांग को लेकर उन पर आरोप लगाया कि उनके ये बयान चुनी हुई सरकार को कमजोर करने की कोशिश की ओर इशारा करते हैं। पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष का अभियान केवल मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) तक सीमित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और अन्य लोग राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उन पर 'तख्तापलट' करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि यह देश किसी एक व्यक्ति का नहीं है, और न ही यह किसी एक इंसान या एक परिवार का है। यह देश इसके 1.4 अरब लोगों का है।
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उन्होंने कहा कि प्रशांत भूषण ने कहा कि यह संघर्ष सत्ता परिवर्तन के लिए है। मैं बिल्कुल स्पष्ट कर दूं: यह देश किसी की निजी संपत्ति नहीं है। यह किसी एक परिवार की जागीर नहीं है। यह 1.4 अरब लोगों का देश है। जब वे कहते हैं कि वे सत्ता परिवर्तन के लिए लड़ रहे हैं, तो इससे वही बात साबित होती है जो भारतीय जनता पार्टी और देश के आम नागरिक हमेशा से कहते आए हैं: राहुल गांधी और उनके साथियों का असली मकसद SIR (एसआईआर) मुद्दे से जुड़ा नहीं है, और न ही वे हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता परिवर्तन करना, सत्ता पर कब्जा करना और किसी भी कीमत पर अपनी सरकार बनाना है—बिना चुनाव लड़े या बिना कोई मेहनत किए—क्योंकि जनता बार-बार उन्हें नकारती रही है। हमारा संविधान सरकार बदलने की एक स्पष्ट प्रक्रिया तय करता है।
पात्रा ने कहा कि इस देश में हर पांच साल में चुनाव होते हैं, जहां लोग अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हैं। सत्ता में बदलाव के लिए यही वैध तरीके हैं। लेकिन आप इस प्रक्रिया में विश्वास नहीं करते। आप अराजकता और अव्यवस्था में विश्वास करते हैं। आज, प्रशांत भूषण ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर यह बात स्वीकार कर ली है। यह स्पष्ट है और माना भी जा चुका है कि यह मानसिकता—चाहे वह राहुल गांधी की हो, प्रशांत भूषण की हो, या उनके पूरे समूह की—एक खास तरह की सोच को दर्शाती है। मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि वे अपने खुद के नेता को भी नहीं बदल पाए हैं। जब से राहुल गांधी उनके नेता बने हैं, तब से वे एक भी चुनाव नहीं जीत पाए हैं। गुजरात और मध्य प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों तक, कांग्रेस सालों से सत्ता से बाहर है। वे अपने नेता को तो बदल नहीं सकते, लेकिन सत्ता परिवर्तन करने निकल पड़े हैं। यही राहुल गांधी और गांधी परिवार की सच्चाई है। इन गद्दारों ने खुद को विदेशी ताकतों के हाथों बेच दिया है।
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पात्रा की ये टिप्पणियां भूषण की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आईं। भूषण ने सरकार बदलने की मांग का बचाव करते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसी मांग करना जायज है। गुरुवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए भूषण ने कहा कि नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार बदलने की मांग करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन तो ज़रूर होगा। हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। क्या इसमें कुछ गलत है?” भूषण ने यह भी सवाल उठाया कि बीजेपी सत्ता परिवर्तन की मांग पर आपत्ति क्यों जता रही है, जबकि पार्टी ने खुद भी अतीत में सरकारों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सत्ता परिवर्तन के लिए कई बार विरोध-प्रदर्शन किए हैं, और अब वे कह रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन के लिए साजिश रची जा रही है। भूषण ने आगे तर्क दिया कि केवल सरकार बदलने की मांग करना कोई अपराध नहीं माना जा सकता। राजद्रोह (sedition) के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना तब तक अपराध नहीं है, जब तक कि उसमें हिंसा शामिल न हो या सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश न की गई हो।
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