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Prashant Bhushan के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर भड़की BJP, Sambit Patra बोले- यह देश किसी की जागीर नहीं

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को वकील प्रशांत भूषण और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने 'सत्ता परिवर्तन' की मांग को लेकर उन पर आरोप लगाया कि उनके ये बयान चुनी हुई सरकार को कमजोर करने की कोशिश की ओर इशारा करते हैं। पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष का अभियान केवल मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) तक सीमित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और अन्य लोग राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उन पर 'तख्तापलट' करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि यह देश किसी एक व्यक्ति का नहीं है, और न ही यह किसी एक इंसान या एक परिवार का है। यह देश इसके 1.4 अरब लोगों का है।

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उन्होंने कहा कि प्रशांत भूषण ने कहा कि यह संघर्ष सत्ता परिवर्तन के लिए है। मैं बिल्कुल स्पष्ट कर दूं: यह देश किसी की निजी संपत्ति नहीं है। यह किसी एक परिवार की जागीर नहीं है। यह 1.4 अरब लोगों का देश है। जब वे कहते हैं कि वे सत्ता परिवर्तन के लिए लड़ रहे हैं, तो इससे वही बात साबित होती है जो भारतीय जनता पार्टी और देश के आम नागरिक हमेशा से कहते आए हैं: राहुल गांधी और उनके साथियों का असली मकसद SIR (एसआईआर) मुद्दे से जुड़ा नहीं है, और न ही वे हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता परिवर्तन करना, सत्ता पर कब्जा करना और किसी भी कीमत पर अपनी सरकार बनाना है—बिना चुनाव लड़े या बिना कोई मेहनत किए—क्योंकि जनता बार-बार उन्हें नकारती रही है। हमारा संविधान सरकार बदलने की एक स्पष्ट प्रक्रिया तय करता है।

पात्रा ने कहा कि इस देश में हर पांच साल में चुनाव होते हैं, जहां लोग अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हैं। सत्ता में बदलाव के लिए यही वैध तरीके हैं। लेकिन आप इस प्रक्रिया में विश्वास नहीं करते। आप अराजकता और अव्यवस्था में विश्वास करते हैं। आज, प्रशांत भूषण ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर यह बात स्वीकार कर ली है। यह स्पष्ट है और माना भी जा चुका है कि यह मानसिकता—चाहे वह राहुल गांधी की हो, प्रशांत भूषण की हो, या उनके पूरे समूह की—एक खास तरह की सोच को दर्शाती है। मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि वे अपने खुद के नेता को भी नहीं बदल पाए हैं। जब से राहुल गांधी उनके नेता बने हैं, तब से वे एक भी चुनाव नहीं जीत पाए हैं। गुजरात और मध्य प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों तक, कांग्रेस सालों से सत्ता से बाहर है। वे अपने नेता को तो बदल नहीं सकते, लेकिन सत्ता परिवर्तन करने निकल पड़े हैं। यही राहुल गांधी और गांधी परिवार की सच्चाई है। इन गद्दारों ने खुद को विदेशी ताकतों के हाथों बेच दिया है।

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पात्रा की ये टिप्पणियां भूषण की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आईं। भूषण ने सरकार बदलने की मांग का बचाव करते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसी मांग करना जायज है। गुरुवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए भूषण ने कहा कि नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार बदलने की मांग करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन तो ज़रूर होगा। हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। क्या इसमें कुछ गलत है?” भूषण ने यह भी सवाल उठाया कि बीजेपी सत्ता परिवर्तन की मांग पर आपत्ति क्यों जता रही है, जबकि पार्टी ने खुद भी अतीत में सरकारों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सत्ता परिवर्तन के लिए कई बार विरोध-प्रदर्शन किए हैं, और अब वे कह रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन के लिए साजिश रची जा रही है। भूषण ने आगे तर्क दिया कि केवल सरकार बदलने की मांग करना कोई अपराध नहीं माना जा सकता। राजद्रोह (sedition) के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना तब तक अपराध नहीं है, जब तक कि उसमें हिंसा शामिल न हो या सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश न की गई हो।
 

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30 साल की ब्लॉगर को 75 साल के बुजुर्ग से हुआ प्यार, 45 साल के फासले के बीच रचाई सगाई!

Auraiya Love Story: यूपी के औरैया में 30 साल की सोशल मीडिया ब्लॉगर रीना ने 75 वर्षीय राम सागर से सगाई की। 45 साल के उम्र के अंतर वाली इस प्रेम कहानी के बाद शादी की तारीख नवरात्रि के बाद तय होगी।

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  Sports

चौथे T20 में हार के बाद बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेने की Sunil Gavaskar की नसीहत

वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पर ध्यान देने की सलाह मिली है। भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर का मानना है कि टीम को लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी होगी। उनके मुताबिक, पिछले मुकाबले में संजू सैमसन को छोड़कर बाकी बल्लेबाज अपनी अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सके। वहीं, भारतीय गेंदबाजों की अनुभवहीनता भी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में मेहमान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने सिर्फ 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 9 छक्के लगाए। भारत दौरे पर यह उनका चौथा शतक था, जबकि टी20 श्रृंखला में उन्होंने दूसरी बार शतक बनाया। उनके अलावा शिमरॉन हेटमायर ने 12 गेंदों पर 33 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे। शेरफेन रदरफोर्ड ने भी 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।

भारत को उम्मीद थी कि ओस के कारण दूसरी पारी में बल्लेबाजी आसान होगी और टीम बड़े लक्ष्य को हासिल कर लेगी। इससे पहले वेस्टइंडीज ने दूसरी टी20 में 250 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया था। लेकिन भारतीय बल्लेबाजी इस बार उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। संजू सैमसन ने 22 गेंदों पर 56 रन बनाकर तेज शुरुआत दी। उनकी पारी में 6 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। हालांकि, उनके अलावा शुरुआती बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।

अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। ईशान किशन कीमा पॉल की गेंदबाजी के सामने अपना विकेट गंवा बैठे, जबकि श्रेयस अय्यर भी शतक लगाने के बाद से लगातार अच्छी पारी खेलने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके बाद तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने 70 रन की साझेदारी करके भारत की उम्मीदें जगाईं। तिलक ने 25 गेंदों पर 43 रन बनाए, जबकि नीतीश ने 20 गेंदों पर 41 रन की पारी खेली। दोनों के आउट होने के बाद भारत की मुश्किलें बढ़ गईं। कीमा पॉल ने 41 रन देकर 5 विकेट लिए और वेस्टइंडीज की जीत में अहम भूमिका निभाई। अंतिम ओवर में अर्शदीप सिंह के हाथ पर गेंद लगने के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। भारत लक्ष्य से 25 रन पीछे रह गया।

जियोस्टार के कार्यक्रम ‘क्रिकेट लाइव’ में गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम को सबसे पहले लक्ष्य का पीछा करने के तरीके में सुधार करना चाहिए। उनके मुताबिक, ओस वाली पिच पर लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम जैसी आक्रामक बल्लेबाजी की उम्मीद थी, लेकिन भारत ऐसा नहीं कर पाया। उन्होंने अभिषेक शर्मा की पारी को उनके स्तर के मुताबिक कमजोर बताया और कहा कि बल्लेबाजों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

गावस्कर ने भारतीय गेंदबाजी पर भी बात की। उनका कहना है कि टीम के कई गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए हैं और उन्हें अनुभव हासिल करने के लिए मुश्किल हालात का सामना करना पड़ेगा। बल्लेबाजों से चौके-छक्के खाने के बाद ही वे अपनी गलतियों को समझकर सुधार कर सकेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि टीम बल्लेबाजी की जिम्मेदारी से बच सकती है।

गावस्कर ने निर्णायक मुकाबले के लिए सुझाव दिया कि भारत को पहले बल्लेबाजी करते हुए 240 से 250 रन बनाने चाहिए और फिर वेस्टइंडीज को कम स्कोर पर रोकने की कोशिश करनी चाहिए। गौरतलब है कि श्रृंखला के इस अहम पड़ाव पर भारतीय टीम के सामने बल्लेबाजी में निरंतरता लाने और गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ाने की चुनौती है। निर्णायक मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए सभी खिलाड़ियों को मिलकर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

Thu, 15 Oct 2026 22:05:00 +0530

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