मध्यप्रदेश में बिजली कटौती पर सियासत तेज, जयवर्धन सिंह का सरकार पर हमला, बोले- पहले किसानों को निर्बाध बिजली दीजिए
एक ओर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर अघोषित बिजली कटौती को लेकर कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग परेशान हैं। इसका सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में रबी की फसल की बुवाई शुरू हो चुकी है और फसलों की सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में बिजली की अनियमित आपूर्ति और अघोषित कटौती के बीच किसानों के सामने खेतों की सिंचाई करना बड़ी चुनौती बन गया है।
बिजली संकट को लेकर विपक्ष भी किसानों के साथ मिलकर कई जिलों में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या सरकार के 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के दावों पर सवाल खड़े करती है। वहीं, अब कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने बिजली संकट पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
बिजली कटौती पर जयवर्धन सिंह ने सरकार को घेरा
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुये भाजपा सरकार के 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों पर सवाल उठाते हुये कहा कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था की हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि रबी की फसल, विशेषकर सरसों की बुवाई शुरू हो चुकी है। किसानों ने सिंचाई के लिये कुओं में मोटरें लगा दी हैं लेकिन लोड शेडिंग के नाम पर 10 घंटे से अधिक की अघोषित और अनियमित बिजली कटौती की जा रही है। इससे प्रदेशभर के किसान परेशान हैं और कई गांवों में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
जयवर्धन सिंह की ऊर्जा मंत्री से अपील
कांग्रेस विधायक ने कहा कि कहा कि शारदीय नवरात्रि के दौरान संध्या आरती के समय भी बिजली कटौती की अनेक शिकायतें सामने आ रही हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। जयवर्धन सिंह ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से अपील करते हुए कहा, माननीय ऊर्जा मंत्री जी, सीताराम-सीताराम, सीताराम कहिए। जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिए। लेकिन पहले किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करिए।
जयवर्धन सिंह सिंह ने लिखा था पत्र
बता दें कि जयवर्धन सिंह 12 अक्टूबर को ऊर्जा विभाग के मुख्य सचिव को इस संबंध में एक पत्र भी लिख चुके हैं। पत्र के जरिये जयवर्धन सिंह ने बिजली कटौती से अवगत कराया था। उन्होंंने कहा था कि शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है, रबी की फसल की बोवनी का समय है, ऐसे में किसानों को कृषि कार्यों के लिए नियमित विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में गुना जिले सहित मध्य प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति चिताजनक बनी हुई है। लोडशेडिंग के नाम पर कभी भी अघोषित एवं अनिश्चित समय के लिए बिजली काट दी जाती है, जिससे आम नागरिकों, किसानों, व्यापारियों एवं विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सध्या आरती एवं पूजा-अर्चना के समय बिजली कटौती होने से धार्मिक आयोजनों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। कांग्रेस नेता ने विभाग सचिव से मांग की कि प्रदेश में में हो रही अघोषित बिजली कटौती को रोककर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये निर्देश जारी करें।
भाजपा सरकार के 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों की यह है हकीकत!
रबी की फसल, विशेषकर सरसों की बुवाई शुरू हो चुकी है। किसान कुओं में मोटर जमा चुके हैं, लेकिन लोड शेडिंग के नाम पर 10 घंटे से अधिक की अघोषित एवं अनियमित बिजली कटौती हो रही है। पूरे प्रदेश में परेशान किसान गाँव-गाँव में सड़क जाम कर विरोध जता रहे हैं।
शारदीय नवरात्रि में संध्या आरती के समय भी बिजली कटौती की अनेकों शिकायतें हैं।
मैंने इस गंभीर समस्या के संबंध में अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई की माँग की है।
माननीय ऊर्जा मंत्री जी,
सीताराम सीताराम, सीताराम कहिए।
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिए॥
लेकिन पहले किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करिए।— Jaivardhan Singh (@JVSinghINC) October 15, 2026
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