हाल में हुए एफटीए देश के दुनिया के साथ व्यापार करने के तरीके में संरचनात्मक बदलाव को दिखाते हैं: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत के हाल में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (एफटीए) खासकर अमेरिका के साथ हुआ अंतरिम व्यापार समझौता, देश के दुनिया के साथ व्यापार करने के तरीके में संरचनात्मक बदलाव को दिखाते हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट (जीबीएस) 2026 में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में किसानों के हितों की पूरी तरीके से रक्षा की है।
उन्होंने संबोधन में कहा कि जब हम अमेरिका के साथ ट्रेड डील के लिए बातचीत कर रहे थे, उसमें हम एक चीज को लेकर बिल्कुल स्पष्ट थे कि हमें अपने किसानों के हितों की रक्षा करनी है।
गोयल ने कहा, जिन क्षेत्रों में हमारे देश में उत्पादन सबसे अधिक है और हमारा देश आत्मनिर्भर है, उन क्षेत्रों को इस डील से बाहर रखा गया है।
उन्होंने आगे कहा,हमने किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की है, संभवतः स्थानीय कृषि उत्पादों के 95 प्रतिशत से अधिक हिस्से की।
गोयल ने आगे कहा कि वे लंबे समय से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि भारत का कपड़ा क्षेत्र विकास क्यों नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा, हम वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों से भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे। अब, कपड़ा क्षेत्र यूरोप के लिए बिना किसी शुल्क के खुला है और संयुक्त राज्य अमेरिका ने रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, इसलिए हम बाकी दुनिया से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
उन्होंने पहले कहा था कि भारत को अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते के तहत वस्त्र निर्यात पर वही लाभ मिलेंगे जो बांग्लादेश को अपने समझौते के माध्यम से मिले थे। वस्त्र निर्यातकों को बांग्लादेश के समान व्यवहार का आश्वासन दिया गया था।
इस कार्यक्रम में गोयल ने इस बात पर भी जोर दिया कि एफटीए एक स्पष्ट ढांचे पर आधारित होते हैं, जिसमें विश्वास, पारदर्शिता और समयबद्ध निश्चितता शामिल है।
केंद्रीय मंत्री ने भारत-ईएफटीए समझौते का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे नई दिल्ली व्यापार साझेदारी के स्वरूप को फिर से परिभाषित कर रही है। यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफॉर्म एक्सप्रेसको मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है। आगे कहा, आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और आने वाले वर्षों में यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।
--आईएएनएस
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Punjab में 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान ने एक साल में बदली तस्वीर, फरवरी 2026 तक 49,436 तस्करों की हुई गिरफ्तारी
कभी नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहे पंजाब में अब उसी संकट के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की कहानी लिखी जा रही है. 1 मार्च 2025 से शुरू हुआ ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान अब महज सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है. मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि नशा तस्करों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं बचेगी और एक साल के भीतर आंकड़े इस इरादे की पुष्टि करते नजर आते हैं.
तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
फरवरी 2026 तक 49,436 तस्करों की गिरफ्तारी और 34 हजार से अधिक एफआईआर दर्ज होना इस अभियान की तीव्रता को दर्शाता है. 1,961 किलो हेरोइन, 607 किलो अफीम, 27.5 क्विंटल पोस्ता, 47.57 लाख नशीली गोलियां और 28 किलो ICE की बरामदगी ने ड्रग नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचाई है.
इसके अलावा 548 तस्करों की 263 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई. सरकार का संदेश साफ है नशे का कारोबार अब फायदे का सौदा नहीं रहा.
सीमा सुरक्षा में तकनीक का इस्तेमाल
सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी को रोकने के लिए तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर जैसे सीमावर्ती जिलों में एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. यह रणनीति दिखाती है कि सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर टेक्नोलॉजी आधारित समाधान अपना रही है.
साइबर फ्रॉड के 80 करोड़ रुपये फ्रीज कर यह भी संकेत दिया गया कि अपराध चाहे किसी भी रूप में हो, कार्रवाई व्यापक होगी.
आतंक और गैंगस्टर गठजोड़ पर वार
नशे के साथ जुड़े आतंक और गैंगस्टर नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई की गई। 2025 में 12 आतंकी घटनाएं सुलझाई गईं और 50 मॉड्यूल सदस्य गिरफ्तार हुए. इंटरनल सिक्योरिटी विंग ने 19 मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर 131 लोगों को पकड़ा, जबकि एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 416 मॉड्यूल तोड़कर 992 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया. यह दर्शाता है कि अभियान केवल नशे तक सीमित नहीं, बल्कि उससे जुड़े आपराधिक ढांचे को भी निशाना बना रहा है.
राजनीतिक सीमाओं से परे समर्थन
पंजाब के राज्यपाल Gulab Chand Kataria ने भी इस अभियान की सराहना की है. जब सरकार और राज्यपाल कई मुद्दों पर मतभेदों में रहे हों, तब यह प्रशंसा एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है कि नशे के खिलाफ लड़ाई को व्यापक समर्थन मिल रहा है.
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