Punjab में 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान ने एक साल में बदली तस्वीर, फरवरी 2026 तक 49,436 तस्करों की हुई गिरफ्तारी
कभी नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहे पंजाब में अब उसी संकट के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की कहानी लिखी जा रही है. 1 मार्च 2025 से शुरू हुआ ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान अब महज सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है. मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि नशा तस्करों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं बचेगी और एक साल के भीतर आंकड़े इस इरादे की पुष्टि करते नजर आते हैं.
तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
फरवरी 2026 तक 49,436 तस्करों की गिरफ्तारी और 34 हजार से अधिक एफआईआर दर्ज होना इस अभियान की तीव्रता को दर्शाता है. 1,961 किलो हेरोइन, 607 किलो अफीम, 27.5 क्विंटल पोस्ता, 47.57 लाख नशीली गोलियां और 28 किलो ICE की बरामदगी ने ड्रग नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचाई है.
इसके अलावा 548 तस्करों की 263 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई. सरकार का संदेश साफ है नशे का कारोबार अब फायदे का सौदा नहीं रहा.
सीमा सुरक्षा में तकनीक का इस्तेमाल
सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी को रोकने के लिए तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर जैसे सीमावर्ती जिलों में एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. यह रणनीति दिखाती है कि सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर टेक्नोलॉजी आधारित समाधान अपना रही है.
साइबर फ्रॉड के 80 करोड़ रुपये फ्रीज कर यह भी संकेत दिया गया कि अपराध चाहे किसी भी रूप में हो, कार्रवाई व्यापक होगी.
आतंक और गैंगस्टर गठजोड़ पर वार
नशे के साथ जुड़े आतंक और गैंगस्टर नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई की गई। 2025 में 12 आतंकी घटनाएं सुलझाई गईं और 50 मॉड्यूल सदस्य गिरफ्तार हुए. इंटरनल सिक्योरिटी विंग ने 19 मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर 131 लोगों को पकड़ा, जबकि एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 416 मॉड्यूल तोड़कर 992 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया. यह दर्शाता है कि अभियान केवल नशे तक सीमित नहीं, बल्कि उससे जुड़े आपराधिक ढांचे को भी निशाना बना रहा है.
राजनीतिक सीमाओं से परे समर्थन
पंजाब के राज्यपाल Gulab Chand Kataria ने भी इस अभियान की सराहना की है. जब सरकार और राज्यपाल कई मुद्दों पर मतभेदों में रहे हों, तब यह प्रशंसा एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है कि नशे के खिलाफ लड़ाई को व्यापक समर्थन मिल रहा है.
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