Bank Holidays: 15 से 30 अक्टूबर तक 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, घर से निकलने से पहले देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
Bank Holidays: अक्टूबर का महीना खत्म होने में अब करीब 15 दिन बाकी हैं. ऐसे में अगर आप बैंक जाकर कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले छुट्टियों की सूची जरूर देख लें. 15 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक कई दिन बंद रहेंगे. इस दौरान दुर्गा पूजा, दशहरा, लक्ष्मी पूजा और करवा चौथ जैसे त्योहार पड़ रहे हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की सूची के मुताबिक, अलग-अलग शहरों में बैंक अवकाश की तारीखें अलग हो सकती हैं. इसलिए बैंक जाने से पहले अपने शहर की छुट्टी की जानकारी जरूर जांच लें.
15 से 30 अक्टूबर तक कब-कब बंद रहेंगे बैंक?
अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में बैंक छुट्टियों की तारीखें इस प्रकार हैं:
17 अक्टूबर, शनिवार
महा सप्तमी के अवसर पर अगरतला में बैंक बंद रहेंगे. यह महीने का तीसरा शनिवार है, इसलिए इस दिन अन्य शहरों में बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे.
18 अक्टूबर, रविवार
रविवार होने के कारण देशभर में बैंक बंद रहेंगे.
19 अक्टूबर, सोमवार
महा नवमी और आयुध पूजा के अवसर पर अगरतला, आइजोल, भुवनेश्वर, चेन्नई, गुवाहाटी, इम्फाल, ईटानगर, कोहिमा, कोलकाता, पटना, रांची और शिलांग में बैंक बंद रहेंगे.
20 अक्टूबर, मंगलवार
विजया दशमी और दशहरा के मौके पर गंगटोक और इम्फाल को छोड़कर लगभग पूरे देश में बैंक बंद रहने का उल्लेख छुट्टियों की सूची में है.
21 अक्टूबर, बुधवार
विजया दशमी के अवसर पर अगरतला, बेंगलुरु, गंगटोक, गुवाहाटी, कोच्चि, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे.
22 और 23 अक्टूबर, गुरुवार और शुक्रवार
दुर्गा पूजा और दसैं के अवसर पर सिक्किम की राजधानी गंगटोक में बैंक बंद रहेंगे.
24 अक्टूबर, शनिवार
महीने का चौथा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक बंद रहेंगे.
25 अक्टूबर, रविवार
रविवार के साप्ताहिक अवकाश के चलते सभी शहरों में बैंक बंद रहेंगे। इस दिन ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लक्ष्मी पूजा का विशेष अवकाश भी है.
26 अक्टूबर, सोमवार
लक्ष्मी पूजा, एसेशन डे और वाल्मीकि जयंती के अवसर पर अगरतला, चंडीगढ़, जम्मू, शिमला और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे.
29 अक्टूबर, गुरुवार
करवा चौथ के अवसर पर शिमला में बैंक बंद रहेंगे.
ध्यान दें: बैंक की छुट्टियां राज्य और शहर के हिसाब से अलग-अलग होती हैं. ऊपर दी गई तारीखों और शहरों की जानकारी को अपने बैंक की आधिकारिक छुट्टी सूची या RBI के कैलेंडर से जरूर मिलान कर लें.
बैंक बंद होने पर भी कर सकेंगे पैसों का लेनदेन
बैंक शाखाएं बंद होने के बावजूद ग्राहकों को कई डिजिटल बैंकिंग सेवाएं मिलती रहेंगी. आप घर बैठे UPI ऐप्स के जरिए पैसे भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिल और अन्य भुगतान भी ऑनलाइन किए जा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकाल सकते हैं। बैंक के मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए बैलेंस चेक करने, पैसे ट्रांसफर करने और दूसरी उपलब्ध सेवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.
बैंक जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारों के दौरान बैंक जाने की योजना बनाने से पहले अपने शहर की छुट्टी की जानकारी जरूर जांच लें. डिजिटल सेवाएं आम तौर पर उपलब्ध रहती हैं, लेकिन तकनीकी खराबी या रखरखाव के कारण कभी-कभी लेनदेन में परेशानी आ सकती है. वहीं, चेक से जुड़े कुछ काम, दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य ऐसे कार्य जिनमें बैंक कर्मचारियों की जरूरत होती है, शाखा बंद रहने पर पूरे नहीं हो पाएंगे। इसलिए जरूरी बैंकिंग कामों को छुट्टी से पहले निपटा लेना बेहतर रहेगा.
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चरनोई की भूमि को बंजर बताकर स्वराज शूटिंग्स को कर दी आवंटित, वहां खड़े हैं दो हजार से ज्यादा वृक्ष, हाई कोर्ट पहुंचा मामला
नीमच जिला प्रशासन ने चरनोई की भूमि को बंजर बता राजस्थान के उद्योगपति को फैक्ट्री विस्तार के लिए आवंटित कर दी, एक पर्यावरण प्रेमी ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका लगाई तो खुलासा हुआ कि उस जमीन पर दो हजार से ज्यादा वृक्ष खड़े हैं।
खुलासे में सामने आया कि ग्राम सोनियाना में जो जमीन को स्वराज शूटिंग्स को आवंटित की गई थी वह चरनोई की जमीन है और इसी जमीन को सरकारी टीम ने सांठ गांठ कर, दस्तावेजों में हेरफेर कर बंजर और अनुपयोगी बताया। मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद स्वराज शूटिंग्स को मिलने वाली जमीन का मामला अटक गया है।
नीमच जिले के धामनिया-झंझावाड़ा औद्योगिक पार्क में भीलवाड़ा के उद्योगपति मोहम्मद साबिर खान की कंपनी स्वराज शूटिंग्स को फैक्टरी विस्तार के लिए ग्राम सोनियाना में 52 बीघा जमीन आवंटित की गई थी। यह आवंटन वर्ष 2021-22 में तत्कालीन कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने किया था। ग्राम सोनियाना में जिस जमीन को आवंटित किया गया, पटवारी और तहसीलदार की टीम ने बंजर और अनुपयोगी बताया था जबकि जमीन चरनोई की है, जो खनन जमीन के बदले वृक्ष लगाने के लिए दी गई थी।
जिस जमीन को प्रशासन ने बंजर बताया वहां खड़े 2 हजार से ज्यादा पेड़
यह खुलासा हुआ है पर्यावरण प्रेमी जितेंद्र मेघवाल के प्रयासों से। ग्राम जमुनिया कला के जितेंद्र मेघवाल द्वारा सोनियाना में चरनोई की जमीन पर स्वराज शूटिंग्स कंपनी द्वारा अंधाधुंध तरीके से वृक्ष काटे जाने का विरोध किया ओर इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों को की गई लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो हजारों हरे-भरे वृक्षों को बचाने लिए जितेंद्र मेघवाल ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई साथ एनजीटी में भी शिकायत की गई। हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और पता चला कि जिस जमीन को प्रशासन की टीम ने बंजर बताया था वहां दो हजार से ज्यादा वृक्ष मौजूद है और जमीन चरनोई की है। यह खुंलासा होने के बाद स्वराज शूटिंग्स को आवंटित जमीन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले चरनोई की भूमि- फिर आवंटन कैसे
तत्कालीन कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने दिनांक 30-5- 2022 को एमपीआईडीसी को आवंटित जमीन को चरनोई की बताते हुए आवंटन निरस्त करते हुए पुन: चरनोई की घोषित की गई। बाद में कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने अपने आदेश को पलटते हुए 23-7- 2021 के आवंटन के आदेश को यथावत रखा।
वन विभाग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
नीमच के वन विभाग द्वारा इस जमीन को लेकर एक रिपोर्ट दी गई। यह रिपोर्ट मौके पर जाकर वन कर्मियों ने तैयार की और बताया कि जमीन पर 2370 वृक्ष सागवान, आंवला और नीम के हैं जो जीवित अवस्था में है, साथ ही 55 वृक्ष जमीन पर गिरे पड़े पाए गए , जो ठूंठ बन गए थे। वन विभाग की रिपोर्ट बताती है कि यह जंगल की जमीन थी और इस जमीन पर दो हजार से ज्यादा जीवित वृक्ष है।
इन्होंने बताई बंजर जमीन- पेश की झूठी रिपोर्ट
वर्ष 2021 में जीरन की तत्कालीन तहसीलदार श्रद्धा त्रिवेदी, राजस्व निरीक्षक पंकज श्रीवास्तव, पटवारी, सीमा पंवार, संदेश चेलावत, हिमांशु तिवारी, सुनील कोरी और सोनियाना के तत्कालीन सरपंच-सचिव ने दिनांक 30-5-2022 को जमीन को बंजर और अनुपयोगी बताकर झूठी रिपोर्ट पेश की। इस मामले में याचिकाकर्ता जितेंद्र मेघवाल ने एफआईआर के लिए नीमच पुलिस अधीक्षक को आवेदन भी दिया है।
फैक्टरी को सौंप दी चरनोई की जमीन
पर्यावरण प्रेमी जितेंद्र मेघवाल का कहना है कि सोनियाना में खनन के बदले इस जमीन को चरनोई के लिए दिया गया था। हमने वहां दो से ढाई हजार पौधे लगाए जो वृक्ष बन गए हैं। वन विभाग ने भी रिपोर्ट वृक्ष होन की रिपोर्ट दी है। चरनोई की जमीन को कैसे स्वराज शुटिंग्स को दी गई। यह आवंटन है, हम हाई कोर्ट पहुंच गए हैं।
एमडी को किया मैसेज, जवाब नहीं आया
जमीन आवंटन को लेकर स्वराज शुटिंग्स के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहम्मद साबिर खान से संपर्क किया गया और उन्हें मैसेज पर पूरा विवरण भेजा गया लेकिन उन्होंने अपना पक्ष रखने के लिए कोई जवाब नहीं दिया।
कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट
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