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Indian Bank को Q2 में बड़ा फायदा, शुद्ध लाभ 15% चढ़कर पहुंचा ₹3462 करोड़

सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 15 प्रतिशत बढ़कर 3,462 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 3,018 करोड़ रुपये था। बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 23,059 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 19,077 करोड़ रुपये थी।

सितंबर तिमाही में बैंक की ब्याज आय बढ़कर 19,106 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 16,590 करोड़ रुपये थी। संपत्ति की गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दूसरी तिमाही में कुल कर्ज का 1.61 प्रतिशत रहीं, जो एक साल पहले 2.6 प्रतिशत थीं। इसी तरह, शुद्ध एनपीए यानी फंसा कर्ज सितंबर, 2026 के अंत में घटकर 0.14 प्रतिशत रहा, जो सितंबर, 2025 के अंत में 0.16 प्रतिशत था।

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South Indian Bank को दूसरी तिमाही में 426 करोड़ रुपये का मुनाफा

साउथ इंडियन बैंक का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 21 प्रतिशत बढ़कर 426 करोड़ रुपये हो गया। बैंक ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। केरल स्थित निजी क्षेत्र के इस बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 351 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

साउथ इंडियन बैंक ने शेयर बाजार को भेजी सूचना में बताया कि चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 3,264 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2,923 करोड़ रुपये थी। बैंक की ब्याज आय भी समीक्षाधीन तिमाही में बढ़कर 2,796 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2025-26 की सितंबर तिमाही में 2,407 करोड़ रुपये थी। परिसंपत्ति की गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात सितंबर, 2026 के अंत तक घटकर 1.24 प्रतिशत रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2.93 प्रतिशत था।

इसी तरह, शुद्ध एनपीए यानी फंसे कर्ज का अनुपात भी सितंबर, 2026 के अंत तक घटकर 0.09 प्रतिशत रह गया, जो सितंबर, 2025 के अंत में 0.56 प्रतिशत था।

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  Sports

Jasprit Bumrah पर निर्भरता और दिशाहीन बॉलिंग, क्या T20 World Cup जीत पाएगी Team India?

भारतीय क्रिकेट टीम ने इस साल T20 विश्व कप का किताब एक बार फिर से अपने नाम किया है। यह लगातार दूसरा मौका है जब टीम इंडिया ने यह किताब जीता था। हालांकि, उसके बाद टीम इंडिया में कई परिवर्तन हुए। सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया। हालांकि वर्तमान स्थिति में देखें तो टीम इंडिया कई मौके पर लड़खड़ाती हुई नजर आ रही है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया ने आयरलैंड और इंग्लैंड में बेहद खराब प्रदर्शन किया। वर्तमान में देखें तो अपनी ही जमीन पर वेस्टइंडीज के खिलाफ भी लड़खड़ाती हुई नजर आ रही है। वर्तमान में देखें तो टीम इंडिया में ऐसी कई कमजोरी नजर आती है जो उसके 2028 T20 वर्ल्ड कप अभियान को कमजोर कर सकती है। T20 वर्ल्ड कप 2018 का आयोजन ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होना है।

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बल्लेबाजी में ये है कमजोरी

अगर टीम इंडिया को क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखना है तो समय रहते अपनी गलतियों और कमजोरियों को दूर करनी होगी। वर्तमान में देखें तो टीम इंडिया अपने ओपनिंग बल्लेबाजों पर ज्यादा डिपेंडेंट है। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी ऐसे खिलाड़ी हैं जो मौका मिलने पर टीम को एक अच्छी शुरुआत दिलाने में कामयाब हो जा रहे हैं। इसके अलावा ईशान किशन भी तीसरे नंबर पर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। लेकिन उसके बाद के खिलाड़ियों में निरंतरता की कमी देखी जा रही है जिसकी वजह से मिडिल ऑर्डर कमजोर सा दिखाई दे रहा है। ऐसे में टीम इंडिया वर्तमान में कई प्रयोग कर रही है। लेकिन विश्व कप जीतने के लिए मिडिल ओवर में स्थिरता बेहद जरूरी है।

ऑलराउंडर पर भी ज्यादा जोर

टीम इंडिया में वर्तमान में देखें तो ऑलराउंडर पर भी ज्यादा जोर दिया जा रहा है। यही कारण है कई प्रयोग हो रहा है। शिवम दुबे के अलावा वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, नमम धीर जैसे खिलाड़ियों को T20 में कई मौके दिए जा रहे हैं। कई बार यह खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन कई बार यह फ्लॉप होते हैं जिसका असर सीधे-सीधे टीम के प्रदर्शन पर पड़ता है। पहले हार्दिक पांड्या की उपस्थिति में कम से कम ऑलराउंडर का स्टॉल भरा रहता था। वर्तमान में हार्दिक पांड्या टीम में नहीं है। लेकिन अगर वह अपनी फिटनेस को साबित करने में कामयाब हो जाते हैं तो टीम की बड़ी समस्या सॉल्व हो सकती है।
 


गेंदबाजी बड़ी कमजोरी

टीम के लिए सबसे बड़ी कमजोरी वर्तमान में देखें तो गेंदबाजी है। जसप्रीत बुमराह अगर नहीं खेल रहे होते हैं तो गेंदबाजी बेहद ही कमजोर और दिशाहीन नजर आती है। अर्शदीप सिंह अनुभवी और सीनियर खिलाड़ी जरूर है। लेकिन बड़े मौके पर वह कुछ खास कमाल दिखाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। हाल के दिनों में का फॉर्म भी ऊपर-नीचे हो रहा है। इसके अलावा अर्शदीप के साथ टीम में किस गेंदबाज को मौका दिया जाए, यह बड़ा सवाल रह रहा है। मयंक यादव, प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया। लेकिन अब तक इन्होंने कुछ खास कमाल नहीं किया है। यही कारण है कि न्यूजीलैंड दौरे के लिए अनुभवी भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद टीम इंडिया में वापसी कराई गई है।

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स्पिनर्स कौन होंगे?

स्पिनर्स की बात करें तो अक्षर पटेल नियमित खेलते नजर आते हैं। लेकिन उनके साथ दूसरा स्पिनर कौन होगा यह बड़ा सवाल रहता है? कभी टीम में वॉशिंगटन सुंदर होते हैं तो कभी कुलदीप यादव को मौका मिल जाता है। इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती ने बीच में अच्छा खेल दिखाया था। अगला विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होना है जहां तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी। ऐसे में टीम इंडिया को तेज गेंदबाजी पर खास ध्यान देना होगा। इसके अलावा फील्डिंग में भी टीम इंडिया लगातार कई बड़े मौके पर कैच छोड़ रही है जिसका नुकसान टीम को होता है। इसमें भी सुधार की जरूरत है।

Thu, 15 Oct 2026 18:37:00 +0530

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