Gut Health के नाम पर बढ़ रहा है सेहत पर खतरा! डॉक्टर से जानें कौन सी वायरल ड्रिंक हेल्दी
Gut Health Tips: आजकल सोशल मीडिया पर हेल्थ से जुड़े कई ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहे हैं. इनमें एप्पल साइडर विनेगर के शॉट्स और अलग-अलग तरह के 'गट हेल्थ ड्रिंक्स' शामिल हैं. लोग मानते हैं कि ये ड्रिंक्स पेट साफ करते हैं, गैस कम करते हैं, वजन घटाने में मदद करते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं. मगर डॉक्टर के अनुसार, इन ड्रिंक्स का रोजाना या गलत तरीके से सेवन करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है.
Apple Cider Vinegar क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
इस बारे में आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन विभाग के डॉक्टर विक्रम जीत सिंह बताता हें कि एप्पल साइडर विनेगर काफी खट्टा और तेज होता है. कई लोग सुबह खाली पेट एक या दो चम्मच इसे सीधे पी लेते हैं, यह सोचकर कि इससे बैली फैट को तेजी से कम करेगा या इससे पेट साफ हो जाएगा. एक्सपर्ट कहते हैं कि एप्पल साइडर विनेगर को बिना पानी में मिलाए शॉट की तरह पीना गले और पेट को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे एसिडिटी, सीने में जलन, पेट दर्द और गले में जलन की समस्या हो सकती है.
इन्हें नहीं पीना चाहिए विनेगर
डॉक्टर कहते हैं कि जिन लोगों को पहले से गैस, अल्सर या एसिड रिफ्लक्स की परेशानी है तो उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के एप्पल साइडर विनेगर का सेवन नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, सिरके का तेज एसिड दांतों की ऊपरी परत (इनैमल) को भी धीरे-धीरे कमजोर कर सकता है.
ये भी पढ़ें: कौन सा इंजेक्शन है Mounjaro? जिससे बॉलीवुड के सेलेब्स घटा रहे अपना वजन, जानिए कैसे करता है काम
कोम्बुचा भी हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं
कोम्बुचा ड्रिंक भी इन दिनों काफी लोकप्रिय है. लोग इसे आंतों की सफाई के लिए फायदेमंद मानते हैं. लेकिन डॉ. सिंह के अनुसार, हर किसी के लिए कोम्बूचा ड्रिंक सुरक्षित नहीं होती है. बाजार में मिलने वाले कुछ ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है. घर पर बनाया गया कोम्बुचा अगर सही तरीके से तैयार न किया जाए तो उसमें भी हानिकारक बैक्टीरिया बन सकते हैं. इससे पेट में संक्रमण, दस्त या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
अदरक, एलोवेरा और नींबू शॉट्स का भी रखें ध्यान
अदरक शॉट्स, एलोवेरा जूस और नींबू शॉट्स भी खाली पेट लेने का ट्रेंड काफी बढ़ा हुआ है. हालांकि ये प्राकृतिक चीजें हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में लेने से इसके भी नुकसान हो सकते हैं. अधिक मात्रा में अदरक एसिडिटी को बढ़ा सकता है और पेट में जलन कर सकता है. एलोवेरा जूस पेट साफ करने का काम करता है, लेकिन इसे रोजाना पीने से दस्त और कमजोरी हो सकती है. वहीं, नींबू पानी भी खाली पेट पीना हर किसी के लिए सही नहीं है. इससे पेट में ऐंठन और मरोड़ हो सकते हैं.
पेट को स्वस्थ रखने का सही तरीका क्या है?
डॉक्टर बताते हैं कि अच्छे पाचन के लिए सादा और पारंपरिक खानपान सबसे बेहतर होता है. घर का बना खाना, दाल, सब्जियां, दही और फल हर किसी के लिए पर्याप्त और फायदेमंद होता है. तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी पेट को स्वस्थ रखता है.
कोई शॉर्टकट नहीं
एक्सपर्ट कहते हैं कि अच्छे पाचन का कोई शॉर्टकट नहीं होता है. एप्पल साइडर विनेगर के शॉट्स और वायरल गट ड्रिंक्स भले ही आकर्षक लगते हो लेकिन वे हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं हैं.
ये भी पढ़ें- दिल की बीमारी की पहचान हुई तेज, AI डिजिटल स्टेथोस्कोप से तुरंत चलेगा रोग का पता, समय रहते होगा इलाज
पीएम मोदी भारत में जिन नीतियों को प्रमोट कर रहे वे भारतीयों के लिए फायदेमंद हैं: इजरायली राजदूत
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। इजरायल और हमास के बीच ट्रंप के 20 सूत्रीय समझौते के तहत दूसरे चरण की प्रक्रिया जारी है। ट्रंप की अध्यक्षता में इस बोर्ड में कई देश शामिल हो चुके हैं, वहीं कई देश अब भी इसमें शामिल होने के फैसले पर विचार कर रहे हैं। भारत उनमें से एक है।
इस बीच भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने आईएएनएस से खास बातचीत में बताया कि ट्रंप का 20 सूत्रीय संघर्ष विराम समझौता गाजा में कितना असरदार है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो वहां कैसे हालात होंगे। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक स्तर पर पीएम मोदी के नेतृत्व और प्रभाव को लेकर भी बातें की।
गाजा में संघर्ष विराम कितना असरदार है? इसपर इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने आईएएनएस से कहा, गाजा के लिए 20-सूत्रीय ट्रंप प्लान, मुझे लगता है कि इस समय हमारे पास गाजा में बाकी चुनौतियों को डिप्लोमैटिक तरीके से हल करने का सबसे अच्छा मौका है। जब मिलिट्री की बात आती है तो इजरायल ने काफी अच्छा काम किया है और हम हमास की ज्यादातर मिलिट्री मशीन को खत्म करने में कामयाब रहे हैं। हमने गाजा के आधे से ज्यादा इलाके पर कब्जा कर लिया है और इस 20-पॉइंट प्लान को अपनाकर, हमास डीमिलिटराइज करने के लिए तैयार है।
उन्होंने आगे कहा, हम चाहते हैं कि वे डिप्लोमैटिक तरीकों से डीमिलिटराइज करें। उन्हें यही करना है। बदकिस्मती से, अब वे इससे पीछे हट रहे हैं, लेकिन हमें भरोसा है कि अमेरिका और बोर्ड ऑफ पीस के देश हमास पर डीमिलिटराइज करने के लिए दबाव डालेंगे ताकि हम गाजा पट्टी के पुर्ननिर्माण में लग सकें, क्योंकि जब तक आतंकवादी संगठन उस जगह पर कब्जा बनाए रखेंगे और इलाके में स्थिरता के लिए खतरा बने रहेंगे, तब तक कोई भी गाजा पट्टी में निवेश करने के लिए राजी नहीं होगा।
समझौते के हिसाब से हमास के हथियार डालने की शर्तों को लेकर रूवेन अजार ने कहा, हम डिप्लोमेसी को एक मौका देना चाहते हैं। हमारा मानना है कि हमास पर हथियार छोड़ने के लिए दबाव डालना न सिर्फ सही है, बल्कि यह एक अच्छा विकल्प भी है क्योंकि अगर यह फेल हो जाता है तो हमें वापस मिलिट्री सॉल्यूशन का सहारा लेना होगा, जिससे हम बचना चाहते हैं।
हमास के गुर्गों को मार गिराने के पीछे इजरायल के कारणों को लेकर भारत में इजरायली राजदूत ने कहा, बदकिस्मती से, समय-समय पर हमास येलो लाइन में घुसकर, हमारी सेना को कमजोर करने और उन पर हमला करके या अपनी क्षमताओं को फिर से बनाने की कोशिश करके सीजफायर तोड़ता रहता है और इजरायल सीजफायर की उस शर्त पर टिका हुआ है जो इस तरह की गतिविधि की इजाजत नहीं देती। इसलिए, जब हम ऐसी गतिविधियां देखते हैं, तो हम तुरंत कार्रवाई करते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ईरान को हमले की धमकी दे चुके हैं। वहीं ईरान ने भी तगड़ा जवाब देने का ऐलान किया। अमेरिकी हमले को लेकर ईरान में हालात पर रूवेन अजार ने कहा, हमें अभी नहीं पता कि यह हमला होगा या नहीं। मुझे लगता है कि डिप्लोमेसी के जरिए बाकी चुनौतियों को सुलझाने की सच्ची कोशिश हो रही है। इजरायल ने साफ कहा है कि हम उन सभी क्षमताओं को खत्म करने की मांग करते हैं जो ईरान ने इजरायल को खत्म करने के लिए बनाई हैं। उन्होंने ऐसा करने की कसम खाई है।
इजरायली राजदूत ने कहा कि उस प्लान को पूरा करने के लिए ईरान ने जो भी तरीके बनाए हैं, उन्हें खत्म करना होगा, यानी मुख्य रूप से उनका मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, और उनके प्रॉक्सी, आतंकवादी संगठनों को उनका समर्थन जो मिडिल ईस्ट के अलग-अलग हिस्सों से लगातार इजरायल पर हमला कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक बहुत जरूरी डेवलपमेंट है, क्योंकि भारत जितना ज्यादा खुलेगा, आर्थिक सहयोग के उतने ही ज्यादा मौके मिलेंगे। इजरायल भी अमेरिकी बाजार से बहुत जुड़ा हुआ है। हमें अपने विदेशी निवेश का लगभग 80 फीसदी अमेरिका से मिलता है और इजरायल अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा इनोवेशन हब है। यही वजह है कि जब सिस्टम खुलता है, तो यह इजरायली, भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के लिए एक साथ काम करने के ज्यादा मौके बनाता है।
वैश्विक स्तर पर पीएम मोदी के नेतृत्व और प्रभाव को लेकर इजरायली राजदूत ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में जिन नीतियों को प्रमोट कर रहे हैं, वे भारतीय लोगों के लिए बहुत फायदेमंद रही हैं। सच तो यह है कि करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं। सच तो यह है कि यह देश बहुत तेजी से बन रहा है। सच तो यह है कि आपके पास सस्टेनेबल ग्रोथ है जो नए उद्योग बना रही है, इनोवेशन कर रही है, एकेडमिक रिसर्च कर रही है। यह हमारे लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि हम लोकतंत्र, मुक्त व्यापार, बोलने की आजादी के मूल्यों को साझा करते हैं और जितना भारत मजबूत होगा, इजरायल भी उतना ही मजबूत होगा।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation























