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Parliament में विपक्ष के हंगामे का NDA ने निकाला तोड़, Mangal Milan Meeting में बनाया गया Master Plan

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने हंगामे को ही अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक रणनीति बना लिया है। लेकिन जब दोनों सदनों में लगातार शोर-शराबे के कारण विधायी कामकाज प्रभावित हो रहा है, तब सत्तापक्ष ने भी जवाबी रणनीति का शंखनाद कर दिया है। मंगलवार को संसद परिसर में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ इसी रणनीतिक तैयारी का केंद्र बनी, जहां अगले दस दिनों के सत्र के लिए ऐसी विस्तृत फ्लोर रणनीति तैयार की गई, जिससे सरकार न केवल अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ा सके, बल्कि विपक्ष को संसद के भीतर ही राजनीतिक तौर पर जबरदस्त तरीके से घेर सके। संकेत साफ हैं। जहां विपक्ष का पूरा दांव हंगामे पर टिका है, वहीं एनडीए अब समन्वय, आंकड़ों और संगठित संसदीय प्रबंधन के सहारे विपक्ष को उसी के मैदान में धराशायी करने की तैयारी में है।

हम आपको बता दें कि संसद पुस्तकालय भवन के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित इस साप्ताहिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और एनडीए के घटक दलों के सांसद मौजूद रहे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी प्रधानमंत्री मोदी की बगल में बैठे दिखाई दिए। यह बैठक ऐसे समय हुई जब बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा को झटका लगा है, लेकिन बैठक का पूरा फोकस आगामी संसदीय रणनीति और सरकार के एजेंडे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर रहा।

इसे भी पढ़ें: एनडीए सांसदों के सत्रीय 'मंगल मिलन' के सियासी मायने

हम आपको यह भी बता दें कि हाल के दिनों में इस बैठक का नाम ‘मंगल मिलन’ रखा गया है और अब यह एनडीए के संसदीय समन्वय का सबसे महत्वपूर्ण मंच बन चुकी है। संसद सत्र के दौरान प्रत्येक मंगलवार को होने वाली इस बैठक में सरकार के विधायी एजेंडे, सदन में विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का रुख, सांसदों की भागीदारी और सहयोगी दलों की भूमिका तय की जाती है। शिवसेना, जनता दल (यूनाइटेड), तेलुगु देशम पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी, जद(एस), राष्ट्रवादी सहयोगी दलों सहित सभी घटकों के बीच बोलने की जिम्मेदारियां भी इसी मंच पर बांटी जाती हैं ताकि सदन में सरकार का पक्ष एकजुट और प्रभावी ढंग से रखा जा सके।

हम आपको बता दें कि आज की बैठक का एक बड़ा हिस्सा सरकार की उपलब्धियों को सांसदों तक विस्तार से पहुंचाने पर केंद्रित रहा। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खेल क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 2014 में अपनाई गई नई खेल नीति के बाद भारत ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है और स्वर्ण पदकों सहित कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार का उद्देश्य इन उपलब्धियों को केवल खेल तक सीमित नहीं रखना, बल्कि इन्हें नए भारत की बदलती तस्वीर के रूप में जनता तक पहुंचाना भी है।

रोजगार के मुद्दे पर भी सांसदों के सामने विस्तृत आंकड़े रखे गए। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बताया कि बैठक में यह जानकारी साझा की गई कि 2004 से 2014 के बीच संप्रग सरकार के कार्यकाल में जहां केवल 2.89 करोड़ युवाओं को रोजगार मिला, वहीं 2014 से 2026 के बीच लगभग 17.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और उनके प्रभाव पर भी विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया गया ताकि सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में इन तथ्यों के साथ जनता के बीच जा सकें।

बैठक में एनडीए के भीतर बढ़ते समन्वय की झलक भी दिखाई दी। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी ने मुस्कुराते हुए कहा, "मंगल मिलन में मंगल ही होता है।" वहीं तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में आए वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय पहली बार इस बैठक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वह देश के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं और एनसीपीआई पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने एनडीए की इस संगठित कार्यप्रणाली को सकारात्मक अनुभव बताया। इससे पहले भी एनसीपीआई के सांसदों ने एनडीए की संसदीय व्यवस्था और अनुशासित प्रणाली की सराहना की थी।

राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह बैठक विपक्ष की रणनीति के जवाब में एनडीए की जवाबी चाल भी थी। जहां विपक्ष सदन नहीं चलने देने की रणनीति पर कायम है, वहीं सरकार अब हर मुद्दे पर तथ्य, आंकड़े और समन्वित संसदीय प्रबंधन के साथ मैदान में उतरने जा रही है। यही वजह है कि अगले दस दिनों के लिए फ्लोर मैनेजमेंट को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई है, ताकि विधेयकों को पारित कराने के साथ-साथ हर बहस में सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।

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BSEB D.El.Ed Exam 2026: चीफ एग्जामिनर और को-एग्जामिनर के नियुक्ति पत्र 5 अगस्त को होंगे जारी

BSEB D.El.Ed Exam 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने D.El.Ed (Face-to-Face) परीक्षा 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए चीफ एग्जामिनर (Chief Examiner) और को-एग्जामिनर (Co-Examiner) की नियुक्ति का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। नियुक्ति पत्र 5 अगस्त 2026 से बोर्ड के आधिकारिक D.El.Ed पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

यह नियुक्तियां D.El.Ed प्रशिक्षण सत्र 2024-26 (द्वितीय वर्ष) और 2025-27 (प्रथम वर्ष) के सैद्धांतिक विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए की गई हैं।

17 अगस्त को सुबह 9 बजे करनी होगी रिपोर्टिंग
बोर्ड के निर्देशों के अनुसार सभी नियुक्त चीफ एग्जामिनर और को-एग्जामिनर को 17 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजे अपने आवंटित मूल्यांकन केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा।

ऐसे डाउनलोड करें Appointment Letter
संबंधित D.El.Ed संस्थान के प्राचार्य अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से नियुक्ति पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।

  • आधिकारिक पोर्टल deledteacher.biharboardonline.org पर जाएं।
  • संस्थान की User ID और Password से लॉगिन करें।
  • D.El.Ed 2026 Examiner Appointment Letter सेक्शन खोलें।
  • संबंधित Chief Examiner या Co-Examiner का नियुक्ति पत्र डाउनलोड करें।
  • उसका प्रिंट निकालें।
  • नियुक्त व्याख्याता को नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराएं।
  • उन्हें मूल्यांकन केंद्र पर समय से भेजना सुनिश्चित करें।

प्राचार्यों और व्याख्याताओं के लिए जरूरी निर्देश
बिहार बोर्ड ने सभी संस्थानों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वे नियुक्ति पत्र डाउनलोड कर संबंधित व्याख्याताओं को उपलब्ध कराएं और उन्हें मूल्यांकन कार्य के लिए समय पर कार्यमुक्त करें। वहीं, नियुक्त व्याख्याताओं को भी अपने संस्थान से विधिवत अवकाश स्वीकृत कराकर निर्धारित तिथि और समय पर मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचना होगा।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने पर बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 की धारा 9 और 10 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित प्राचार्य और नियुक्त व्याख्याता दोनों जिम्मेदार माने जाएंगे।

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  Sports

गुस्से और बदले की आग में जल रहे बेन स्टोक्स का क्या है अगला प्लान? इंग्लैंड टीम को लेकर जाहिर कर दिए इरादे

ben stokes england coaching: इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा है कि भविष्य में वह इंग्लैंड टीम के हेड कोच बनना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने जो रूट को दोबारा टेस्ट कप्तान बनाए जाने को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की है. स्टोक्स ने अपने आखिरी टेस्ट मैच के बाद भी कहा था कि उनके डिप्टी हैरी ब्रूक को ही अगला टेस्ट कप्तान बनाया जाना चाहिए. अब उन्होंने एक बार फिर इसी बात को दोहराया है. Tue, 4 Aug 2026 18:32:47 +0530

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