ChatGPT के खिलाफ 8 अमेरिकी राज्यों ने किया मुकदमा, युवाओं को नुकसान पहुंचाने समेत कई आरोप
ChatGPT lawsuit: अमेरिका में चैट जीपीटी के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. अमेरिका के आठ राज्यों ने ओपनएआई के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. इन राज्यों का आरोप है कि कंपनी का एआई चैटबॉट ChatGPT अपने उपयोगकर्ताओं, खासकर किशोरों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है. राज्यों ने दावा किया है कि चैटबॉट खतरनाक व्यवहार को बढ़ावा दे सकता है और कुछ मामलों में लोगों को खुद को या दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसा सकता है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोवा, कंसास, एरिजोना, अर्कांसस, इडाहो, मोंटाना, नेब्रास्का और वेस्ट वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल ने अपनी-अपनी राज्य अदालतों में मुकदमे दायर किए हैं. इन मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि ChatGPT को इस तरह बनाया गया है कि उपयोगकर्ता उस पर आसानी से भरोसा करने लगते हैं. हालांकि, राज्यों का दावा है कि इसका इस्तेमाल भ्रम फैलाने, खतरनाक व्यवहार को बढ़ावा देने और सामूहिक गोलीबारी जैसी हिंसक घटनाओं की योजना बनाने में मदद के लिए भी किया जा सकता है.
???? OpenAI sued by 8 states alleging ChatGPT coached children to harm themselves, others
— Wolf Brief (@wolfbrief_) October 15, 2026
Attorneys general from the states, which include Iowa, Kansas and Arizona, filed the lawsuits independently in state courts, claiming ChatGPT is designed to be agreeable and engaging to earn… pic.twitter.com/VxPrUs9Z2M
ChatGPT की सुरक्षा पर उठाए सवाल
मुकदमों में ओपनएआई पर आरोप लगाया गया है कि उसने ChatGPT की सुरक्षा को लेकर उपयोगकर्ताओं को गुमराह किया और राज्य के उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन किया. राज्यों का यह भी कहना है कि कंपनी के उत्पादों से लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है.
राज्य सरकारों ने अदालतों से ऐसे आदेश जारी करने की मांग की है, जिनसे ओपनएआई को ChatGPT के काम करने के तरीके में बदलाव करने के लिए बाध्य किया जा सके. उनकी मांग है कि कंपनी ऐसे एआई मॉडल विकसित न करे, जो खुद में सुधार कर सकें, जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि वे मानवीय मूल्यों और सुरक्षा के अनुरूप काम करते हैं.
ओपनएआई के खिलाफ बढ़ रही कानूनी चुनौतियां
रिपोर्ट के मुताबिक, आठ राज्यों की यह संयुक्त पहल किसी एआई कंपनी के खिलाफ अमेरिकी राज्य सरकारों की सबसे बड़ी समन्वित कानूनी कार्रवाइयों में से एक है. इससे पहले फ्लोरिडा के अटॉर्नी जनरल ने जून में ओपनएआई के खिलाफ इसी तरह का मुकदमा दायर किया था. इन राज्यों ने कंपनी से हर्जाने के साथ-साथ राज्य कानूनों के कथित उल्लंघन के लिए आर्थिक जुर्माना लगाने की भी मांग की है. ओपनएआई के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया.
निजी लोगों ने भी दर्ज किया मुकादमा
कंपनी को निजी लोगों की ओर से दायर कई अन्य मुकदमों का भी सामना करना पड़ रहा है. इन मामलों में आरोप लगाया गया है कि ChatGPT ने कुछ उपयोगकर्ताओं को सामूहिक गोलीबारी या अन्य हिंसक घटनाओं की योजना बनाने में मदद की. ताजा मुकदमों से एआई की सुरक्षा, उसके इस्तेमाल और कंपनियों की जवाबदेही को लेकर अमेरिका में कानूनी बहस और तेज होने की संभावना है.
गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत? पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खान-पान और घंटों एक जगह बैठकर काम करने की वजह से पेट संबंधी समस्या आम हो गई है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए पवनमुक्तासन बेहद सरल और प्रभावी आसन बताया गया है। यह आसन शरीर में मौजूद दूषित वायु को बाहर निकालकर पेट को साफ रखता है और मन को शांति प्रदान करता है।
पवनमुक्तासन संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है... पवन यानी हवा, मुक्त यानी छोड़ना, और आसन यानी योग की मुद्रा। इसका मतलब यह ऐसा योगासन है जो शरीर से गैस या अपच को बाहर निकालने में मदद करता है। यही कारण है कि इसे अंग्रेजी में वाइंड रिलिजिंग पोज भी कहा जाता है।
पवनमुक्तासन उन योगासनों में एक आसन है, जिसे वायु मुक्ति आसन या गैस रिलीज पोज भी कहा जाता है। यह आसन पेट में जमा गैस को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मददगार साबित होता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय अनुसार, पवनमुक्तासन वात से भी राहत दिलाता है और पेट को बढ़ने से रोकता है। इससे पेट पर आंतरिक दबाव पड़ता है जिससे आसन पाचन क्रिया में सहायक होता है। पाचन क्रिया के अलावा यह पेल्विक रीजन की मांसपेशियों, लिगामेंट्स और टेंडन्स के लिए बहुत लाभदायक होता है।
इसके साथ ही यह आसन शरीर के कोर मसल्स यानी पेट, कमर और पेल्विक हिस्से की मांसपेशियों को टोन करता है। इन हिस्सों की मांसपेशियां जब मजबूत होती हैं, तो शरीर का संतुलन बेहतर होता है और थकावट कम लगती है। यह खासकर महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह आसन पेल्विक हिस्से की ताकत बढ़ाकर मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों में भी मदद कर सकता है।
हालांकि, इस आसन को करने से पहले कुछ सावधानियां भी बतरनी पड़ती है जैसे कि पेट, कमर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट या सर्जरी हुई है तो इस आसन को करने से बचें। गर्भवती महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए। उच्च रक्तचाप या हर्निया के रोगियों को चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
--आईएएनएस
एनएस/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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