India Gate पर विरोध प्रदर्शन के दौरान Ankita Bhandari के माता-पिता को किया गया हिरासत में लिया गया, कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया
दिल्ली पुलिस ने 2022 में उत्तराखंड में हत्या का शिकार बनीं 19 वर्षीय अंकिता भंडारी के माता-पिता को गुरुवार तड़के इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अंकिता के माता-पिता सिक्किम के नए राज्यपाल की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें सुबह करीब 4 बजे हिरासत में लिया गया और सुबह 5 बजे के आसपास छोड़ दिया गया। उनकी प्रमुख मांग है कि सिक्किम के नए राज्यपाल की नियुक्ति को तब तक रोक दिया जाना चाहिए, जब तक कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की अपनी जांच पूरी नहीं कर लेती।
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए, अंकिता की मां ने कहा कि अगर उन्हें इंडिया गेट पर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे घर से ही भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। उनके पिता ने कहा, "अगर यह नियुक्ति रद्द नहीं की जाती है, तो पूरे देश के लोग सड़कों पर उतर आएंगे और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।"
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अंकिता ऋषिकेश के वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी और 22 सितंबर को चिल्ला नहर से उनका शव बरामद हुआ था। अब तक, रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य (जो पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे हैं) और दो अन्य लोगों को दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
कांग्रेस ने अंकिता के माता-पिता का समर्थन किया, सरकार पर निशाना साधा
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कांग्रेस पार्टी अंकिता के माता-पिता के समर्थन में आगे आई है और सिक्किम के नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के कई नेताओं ने वहां विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने "युवतियों को वहां से घसीटते हुए हटा दिया"।
बुधवार को, लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और उनके लिए न्याय की मांग की। राहुल ने X पर एक पोस्ट में हिंदी में लिखा, "जहाँ बलात्कारियों और हत्यारों का स्वागत माला पहनाकर किया जाता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है - वहाँ ऐसी महिला-विरोधी BJP से किसी उम्मीद की क्या ही अपेक्षा की जा सकती है।"
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उन्होंने आगे कहा, "आज अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर, अपने घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं। मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं - उनके दुख में भी और न्याय की इस लड़ाई में भी।"
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Ankita Bhandari Murder Case: Dushyant Gautam की नियुक्ति पर प्रदर्शन, रिहाई के बाद दी चेतावनी
अंकिता भंडारी हत्याकांड से कथित तौर पर जुड़े एक ‘‘वीआईपी’’ की संवैधानिक पद पर नियुक्ति रोकने की मांग को लेकर यहां इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता को बृहस्पतिवार तड़के हिरासत में लिया गया हालांकि उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। अंकिता के माता-पिता को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे। हिरासत के दौरान अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को गौतम की नियुक्ति रद्द करने की 24 घंटे की समयसीमा दी।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया था और उन्हें सुबह करीब पांच बजे रिहा कर दिया। अंकिता के पिता ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। अंकिता के परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत में गौतम की अहम भूमिका थी।
सितंबर 2022 में हुई इस हत्या के समय गौतम भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी थे। अंकिता के पिता ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘हम सरकार को दुष्यंत की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का वक्त देते हैं। यदि सरकार हमारी मांग नहीं मानती है, तो देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।’’ अंकिता के माता-पिता के अलावा कांग्रेस के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, जिनमें पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा, सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब शामिल हैं।
बाद में इन सभी को रिहा कर दिया गया। अंकिता के माता-पिता का कहना है कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है और इसके पूरा होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। भाजपा नेता गौतम का नाम अंकिता के परिवार और कार्यकर्ताओं की ओर से बार-बार इस मामले में कथित रूप से जुड़े उस ‘‘वीआईपी’’ के तौर पर उठाया जाता रहा है, जिसकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। अंकिता ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। उनकी 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी।
चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को दोषी ठहराया गया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
पुलकित भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है। अंकिता हत्याकांड उस समय राजनीतिक रूप से चर्चा में आया, जब अपराध में एक अज्ञात ‘‘वीआईपी’’ के कथित तौर पर शामिल होने के आरोप सामने आए थे। अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहलू की जांच की मांग की है।
गौतम ने इन आरोपों से इनकार किया है और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गौतम की नियुक्ति उन्हें बचाने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी का तर्क है कि राज्यपाल पद पर रहते हुए किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती।
गौतम भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। वह उत्तराखंड में पार्टी के प्रभारी के रूप में भी काम कर चुके हैं।
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