Ankita Bhandari Murder Case: Dushyant Gautam की नियुक्ति पर प्रदर्शन, रिहाई के बाद दी चेतावनी
अंकिता भंडारी हत्याकांड से कथित तौर पर जुड़े एक ‘‘वीआईपी’’ की संवैधानिक पद पर नियुक्ति रोकने की मांग को लेकर यहां इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता को बृहस्पतिवार तड़के हिरासत में लिया गया हालांकि उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। अंकिता के माता-पिता को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे। हिरासत के दौरान अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को गौतम की नियुक्ति रद्द करने की 24 घंटे की समयसीमा दी।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया था और उन्हें सुबह करीब पांच बजे रिहा कर दिया। अंकिता के पिता ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। अंकिता के परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत में गौतम की अहम भूमिका थी।
सितंबर 2022 में हुई इस हत्या के समय गौतम भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी थे। अंकिता के पिता ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘हम सरकार को दुष्यंत की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का वक्त देते हैं। यदि सरकार हमारी मांग नहीं मानती है, तो देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।’’ अंकिता के माता-पिता के अलावा कांग्रेस के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, जिनमें पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा, सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब शामिल हैं।
बाद में इन सभी को रिहा कर दिया गया। अंकिता के माता-पिता का कहना है कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है और इसके पूरा होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। भाजपा नेता गौतम का नाम अंकिता के परिवार और कार्यकर्ताओं की ओर से बार-बार इस मामले में कथित रूप से जुड़े उस ‘‘वीआईपी’’ के तौर पर उठाया जाता रहा है, जिसकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। अंकिता ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। उनकी 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी।
चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को दोषी ठहराया गया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
पुलकित भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है। अंकिता हत्याकांड उस समय राजनीतिक रूप से चर्चा में आया, जब अपराध में एक अज्ञात ‘‘वीआईपी’’ के कथित तौर पर शामिल होने के आरोप सामने आए थे। अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहलू की जांच की मांग की है।
गौतम ने इन आरोपों से इनकार किया है और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गौतम की नियुक्ति उन्हें बचाने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी का तर्क है कि राज्यपाल पद पर रहते हुए किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती।
गौतम भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। वह उत्तराखंड में पार्टी के प्रभारी के रूप में भी काम कर चुके हैं।
स्वदेशी तकनीक से मजबूत होगी सैन्य ताकत, Rajnath Singh ने IITs और DRDO संग मांगा तालमेल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी क्षमता के बीच बढ़ते गहरे संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) अपने शैक्षणिक अनुसंधान को रक्षा क्षेत्र की परिचालन संबंधी (operational) जरूरतों और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालकर देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। रक्षा मंत्री दिल्ली में आईआईटी-कानपुर के ‘ग्रेटर देन अस’ (Greater Than Us) धनसंग्रह अभियान (fundraising campaign) की शुरुआत के अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
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दिल्ली में आईआईटी-कानपुर के ‘ग्रेटर देन अस’ धनसंग्रह अभियान की शुरुआत के अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने तेजी से बदलते युद्ध परिदृश्य के बीच स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास और उसके इस्तेमाल में तेजी लाने के लिए सशस्त्र बलों, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), शैक्षणिक संस्थानों, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी उद्योग के बीच करीबी सहयोग का भी आह्वान किया।
सिंह ने कहा कि सरकार की आत्मनिर्भर भारत के लिये प्रतिबद्धता उसके विकसित भारत के दृष्टिकोण के केंद्र में है। इसका उद्देश्य एक ऐसा राष्ट्र बनाना है जो तकनीकी रूप से सक्षम, आर्थिक रूप से प्रतिस्पर्धी, नवोन्मेषी और आत्मविश्वास से भरपूर हो तथा जो केवल ज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपभोक्ता न होकर उनके सृजन में भी ‘‘सक्रिय योगदानकर्ता’’ बने। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियां, मानवरहित प्लेटफॉर्म, उन्नत सेंसर, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष आधारित प्रौद्योगिकियां ‘‘सैन्य परिदृश्य को बदल रही हैं’’।
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