'मुझे लगता है कि हम...', श्रेयस अय्यर ने बताया इन खिलाड़ियों से हुई गलती, जिसका फायदा उठाकर मैच जीत गई वेस्टइंडीज
Shreyas Iyer Statement: भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथा टी-20 मैच हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में खेला गया. इस मैच में वेस्टइंडीज की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 248 रनों का लक्ष्य निर्धारित किया, लेकिन भारतीय टीम इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई. टीम इंडिया ने 9 विकेट पर 223 रन बनाए और तभी 3 गेंद शेष रहते हुए ही कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम इंडिया को वापस बुला लिया और भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा. इस करारी हार के बाद कैप्टन श्रेयस अय्यर ने जहां अपने बल्लेबाजों की तारीफ की, वहीं गेंदबाजों को सीधे तौर पर इस हार का जिम्मेदार ठहराया. आइए जानते हैं कि अय्यर ने मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में क्या-क्या कहा...
श्रेयस अय्यर ने किसे ठहराया हार का जिम्मेदार?
???? SHREYAS IYER DECLARES INDIA’S INNINGS WITH 3 BALLS LEFT AGAINST WEST INDIES! ????
— Central Cricket (@arshdeep3444) October 14, 2026
Captain Shreyas Iyer made a rare decision in the 4th T20 against West Indies, declaring India’s innings with 3 balls still remaining.
Arshdeep Singh was struggling with a shoulder injury and… pic.twitter.com/h2shaYOrwR
वेस्टइंडीज के दिए 248 रनों के मिले लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय क्रिकेट टीम 9 विकेट के नुकसान पर 19.3 ओवरों में 223 रन ही बना पाई. फिर, कप्तान श्रेयस अय्यर ने चौंकाने वाला फैसला लिया और अपनी टीम को 3 गेंद शेष रहते हुए ही वापस बुला लिया और भारत को हार का सामना करना पड़ा.
भारत के प्रदर्शन और लक्ष्य का पीछा करते समय कहां कमी रह गई, इस पर श्रेयस अय्यर ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा, "सब कुछ गेंदबाजी से शुरू हुआ. मुझे लगता है कि हम अपनी लाइन और लेंथ को सही ढंग से लागू नहीं कर पाए. 250 रनों का पीछा करते समय आपको एक पैटर्न को फॉलो करना होता है. टारगेट का पीछा करते समय हमारी स्ट्रैटजी अच्छी थी, लेकिन बदकिस्मती से हम गेंदबाजी में अपनी स्ट्रैटजी को सही से लागू नहीं कर पाए और यहीं पर हम थोड़े पीछे रह गए."
West Indies level the series 2-2.
— BCCI (@BCCI) October 14, 2026
An important decider awaits in Bengaluru on Saturday.
Scorecard ▶️ https://t.co/ksuQbTW6n5#TeamIndia | #INDvWI | @mflone_ pic.twitter.com/i7juMPuEe9
अभिषेक शर्मा की जमकर की तारीफ
क्या अभिषेक शर्मा के शुरुआत में स्ट्राइक पर न होने से भारत की शुरुआत पर असर पड़ा? इसपर अय्यर ने कहा, "ऐसा नहीं है, उस समय भी हमारा रन रेट 12 प्रति ओवर चल रहा था. बात बस इतनी है कि उन्होंने अपनी योजनाओं को बहुत अच्छे से लागू किया. पिच से भी थोड़ी मदद मिल रही थी. गेंद कभी-कभी उछल रही थी और उन्होंने फील्ड का भी बहुत अच्छा इस्तेमाल किया. इसलिए उन्हें पूरा क्रेडिट मिलना चाहिए, उनकी स्ट्रैटजी का इम्प्लीमेंट एकदम सटीक था."
Century of Maximums ????????@IamSanjuSamson's memorable feat ????
— BCCI (@BCCI) October 14, 2026
Updates ▶️ https://t.co/ksuQbTW6n5#TeamIndia | #INDvWI | @mflone_ pic.twitter.com/Wy1Y9j0TV0
पिच के बारे में भी बोले श्रेयस अय्यर
पिच के धीमे होने और बीच के ओवरों में अतिरिक्त उछाल मिलने पर बात करते हुए कैप्टन श्रेयस अय्यर ने कहा, "हां, गेंद थोड़ी रुक कर आ रही थी और उछाल भी ज्यादा मिल रहा था. लेकिन मुझे लगता है कि हमारे गेंदबाजों को यह बात समझ आ गई थी. वे गेंदबाज हैं और उन्होंने फील्ड के हिसाब से जिस तरह से गेंदबाजी की, वह बहुत महत्वपूर्ण था, खासकर बीच के ओवरों में. भले ही मोमेंटम हमारी तरफ आ गया था, लेकिन बीच-बीच में वापसी करने की हमारी क्षमता शानदार रही. मुझे यकीन है कि पांचवां मैच काफी दिलचस्प होगा."
ईरान ने स्टारलिंक को बताया 'युद्ध का हथियार', इंटरनेट नियंत्रण को लेकर सरकार सख्त; इस्तेमाल करने पर हो सकती है जेल
US-Iran War: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने इंटरनेट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम करना तेज कर दिया है. इसके साथ ही इस्लामिक सरकार ने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने और अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट तक आम लोगों की पहुंच पर और सख्ती करने के भी संकेत दिए हैं.
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि स्टारलिंक का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है. वहीं, आलोचकों के मुताबिक, इन प्रतिबंधों से लोगों के लिए स्वतंत्र रूप से जानकारी हासिल करना और देश के भीतर की घटनाओं को दुनिया तक पहुंचाना मुश्किल हो सकता है.
बता दें कि ईरान में स्टारलिंक के इस्तेमाल को गैरकानूनी घोषित किया गया है. सेवा के टर्मिनल रखने, उनका उपयोग करने या उनकी आपूर्ति करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. यही नहीं आरोपों की गंभीरता के आधार पर सजा और भी कठोर हो सकती है.
इंटरनेट पर सरकारी नियंत्रण की बढ़ती कोशिश
बता दें कि ईरान की करीब नौ करोड़ आबादी को हाल के दिनों में इंटरनेट से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है. जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2026 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान देशभर में इंटरनेट सेवाएं बाधित की गई थीं. इसके बाद अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने पर भी इंटरनेट पहुंच पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे. सरकार का तर्क है कि साइबर हमलों से संवेदनशील सूचनाओं, सरकारी डेटाबेस और राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं. हालांकि, इंटरनेट सेवाओं पर लगातार पाबंदियों के चलते कारोबार, संचार और आम नागरिकों की सूचना तक पहुंच प्रभावित हो रही है.
स्टारलिंक दुश्मन देशों के लिए बड़ा हथियार
ईरान की सुप्रीम नेशनल साइबरस्पेस काउंसिल के सचिव मोहम्मद अमीन अघामिरी ने स्टारलिंक को दुश्मन देशों के लिए एक रणनीतिक उपकरण बताया है. उनके मुताबिक, इसका इस्तेमाल सूचनाएं जुटाने, निगरानी करने और सैन्य गतिविधियों के समन्वय के लिए किया जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास ऐसे सिस्टम हैं, जिनकी मदद से स्टारलिंक टर्मिनलों को निष्क्रिय किया जा सकता है. हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन उपकरणों को रोकने के लिए कौन-सी तकनीक इस्तेमाल की जा रही है.
जैमिंग से लेकर टर्मिनल जब्त करने तक की तैयारी
तेहरान के एक दूरसंचार विशेषज्ञ ने अल जजीरा को बताया कि ईरानी अधिकारी स्टारलिंक की सेवाओं को बाधित करने के लिए कई तरीके अपना रहे हैं. इनमें सिग्नल जाम करने वाले उपकरणों का इस्तेमाल, टर्मिनल की शुरुआती सेटिंग में रुकावट डालना और कनेक्शन से जुड़े तकनीकी संकेतों की पहचान करना शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों की कोशिश केवल इंटरनेट सिग्नल को बाधित करने तक सीमित नहीं है.
बल्कि गश्ती दलों और ड्रोन की मदद से टर्मिनलों का पता लगाने, उन्हें जब्त करने और उनकी बिक्री से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं. बता दें कि ईरान सरकार इस तकनीक को अपने सहयोगी देशों के साथ साझा करने की संभावना भी जता चुकी है. इससे संकेत मिलता है कि तेहरान स्टारलिंक को केवल घरेलू इंटरनेट सेवा के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक सुरक्षा चुनौती के तौर पर देख रहा है.
प्रदर्शनकारियों तक पहुंची थी स्टारलिंक की तकनीक
बता दें कि स्टारलिंक ईरान में इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि यह पारंपरिक इंटरनेट नेटवर्क और स्थानीय दूरसंचार ढांचे पर निर्भर हुए बिना कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकता है. ऐसे में सरकारी प्रतिबंधों के बावजूद इसके जरिए सूचनाएं और वीडियो देश से बाहर भेजना संभव हो सकता है. साल 2022 से ईरान में स्टारलिंक टर्मिनलों की तस्करी के जरिए पहुंचने की खबरें सामने आती रही हैं.
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माना जाता है कि देश में हजारों डिवाइस लाए गए हैं, हालांकि इनकी वास्तविक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने जून में दावा किया था कि 2021-22 के दौरान उनके कार्यकाल में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए हजारों स्टारलिंक डिवाइस गुप्त रूप से ईरान भेजे गए थे.
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