ईरान ने स्टारलिंक को बताया 'युद्ध का हथियार', इंटरनेट नियंत्रण को लेकर सरकार सख्त; इस्तेमाल करने पर हो सकती है जेल
US-Iran War: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने इंटरनेट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम करना तेज कर दिया है. इसके साथ ही इस्लामिक सरकार ने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने और अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट तक आम लोगों की पहुंच पर और सख्ती करने के भी संकेत दिए हैं.
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि स्टारलिंक का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है. वहीं, आलोचकों के मुताबिक, इन प्रतिबंधों से लोगों के लिए स्वतंत्र रूप से जानकारी हासिल करना और देश के भीतर की घटनाओं को दुनिया तक पहुंचाना मुश्किल हो सकता है.
बता दें कि ईरान में स्टारलिंक के इस्तेमाल को गैरकानूनी घोषित किया गया है. सेवा के टर्मिनल रखने, उनका उपयोग करने या उनकी आपूर्ति करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. यही नहीं आरोपों की गंभीरता के आधार पर सजा और भी कठोर हो सकती है.
इंटरनेट पर सरकारी नियंत्रण की बढ़ती कोशिश
बता दें कि ईरान की करीब नौ करोड़ आबादी को हाल के दिनों में इंटरनेट से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है. जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2026 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान देशभर में इंटरनेट सेवाएं बाधित की गई थीं. इसके बाद अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने पर भी इंटरनेट पहुंच पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे. सरकार का तर्क है कि साइबर हमलों से संवेदनशील सूचनाओं, सरकारी डेटाबेस और राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं. हालांकि, इंटरनेट सेवाओं पर लगातार पाबंदियों के चलते कारोबार, संचार और आम नागरिकों की सूचना तक पहुंच प्रभावित हो रही है.
स्टारलिंक दुश्मन देशों के लिए बड़ा हथियार
ईरान की सुप्रीम नेशनल साइबरस्पेस काउंसिल के सचिव मोहम्मद अमीन अघामिरी ने स्टारलिंक को दुश्मन देशों के लिए एक रणनीतिक उपकरण बताया है. उनके मुताबिक, इसका इस्तेमाल सूचनाएं जुटाने, निगरानी करने और सैन्य गतिविधियों के समन्वय के लिए किया जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास ऐसे सिस्टम हैं, जिनकी मदद से स्टारलिंक टर्मिनलों को निष्क्रिय किया जा सकता है. हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन उपकरणों को रोकने के लिए कौन-सी तकनीक इस्तेमाल की जा रही है.
जैमिंग से लेकर टर्मिनल जब्त करने तक की तैयारी
तेहरान के एक दूरसंचार विशेषज्ञ ने अल जजीरा को बताया कि ईरानी अधिकारी स्टारलिंक की सेवाओं को बाधित करने के लिए कई तरीके अपना रहे हैं. इनमें सिग्नल जाम करने वाले उपकरणों का इस्तेमाल, टर्मिनल की शुरुआती सेटिंग में रुकावट डालना और कनेक्शन से जुड़े तकनीकी संकेतों की पहचान करना शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों की कोशिश केवल इंटरनेट सिग्नल को बाधित करने तक सीमित नहीं है.
बल्कि गश्ती दलों और ड्रोन की मदद से टर्मिनलों का पता लगाने, उन्हें जब्त करने और उनकी बिक्री से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं. बता दें कि ईरान सरकार इस तकनीक को अपने सहयोगी देशों के साथ साझा करने की संभावना भी जता चुकी है. इससे संकेत मिलता है कि तेहरान स्टारलिंक को केवल घरेलू इंटरनेट सेवा के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक सुरक्षा चुनौती के तौर पर देख रहा है.
प्रदर्शनकारियों तक पहुंची थी स्टारलिंक की तकनीक
बता दें कि स्टारलिंक ईरान में इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि यह पारंपरिक इंटरनेट नेटवर्क और स्थानीय दूरसंचार ढांचे पर निर्भर हुए बिना कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकता है. ऐसे में सरकारी प्रतिबंधों के बावजूद इसके जरिए सूचनाएं और वीडियो देश से बाहर भेजना संभव हो सकता है. साल 2022 से ईरान में स्टारलिंक टर्मिनलों की तस्करी के जरिए पहुंचने की खबरें सामने आती रही हैं.
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माना जाता है कि देश में हजारों डिवाइस लाए गए हैं, हालांकि इनकी वास्तविक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने जून में दावा किया था कि 2021-22 के दौरान उनके कार्यकाल में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए हजारों स्टारलिंक डिवाइस गुप्त रूप से ईरान भेजे गए थे.
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भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर:फुलटॉस डालकर पिच को दोष न दें, कैरेबियाई पेसर की खेल भावना पर सवाल उठाए
दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर चौथे टी-20 में टीम इंडिया की हार पर भड़क गए। उन्होंने कहा- ‘भारत की हार की वजह खराब गेंदबाजी थी, पिच नहीं।’ गावस्कर ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं। उन्होंने कहा कि गेंदबाज अपने प्लान को एक्सिक्यूट नहीं कर पाएं, तो पिच को दोष नहीं दे सकते। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में प्लान को सही तरह लागू नहीं करना भारी पड़ा। बुधवार को भारतीय टीम को हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ 24 रन से हार मिली। इससे पहले भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला कराने वाली पिचों की मांग कर चुके हैं। गावस्कर ने कहा- बॉलर्स की कमियों के कारण बड़ा स्कोर बना प्लेयर्स ने बताया कि गेंद पिच पर रुककर आ रही थी राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिली। खिलाड़ियों ने बताया कि गेंद कभी-कभी पिच पर रुककर आई और उछाल भी दिखा। हालांकि, गावस्कर का कहना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। शमार जोसेफ ने अर्शदीप को बाउंसर मारी गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की खेल भावना पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान शमार ने अर्शदीप सिंह को बाउंसर मारी, जोकि उनके कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे। इसके बावजूद शमार ने अर्शदीप की बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी। उन्होंने एक और बाउंसर मारी। इस पर गावस्कर ने कमेंट्री में कहा- वह स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय 'अर्शदीप को निशाना बना रहे है', जबकि स्टंप्स पूरी तरह असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप खेल जारी रखने में असमर्थ रहे। वह 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। -------------------------------------------- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… श्रेयस अय्यर बोले- गेंदबाजों ने प्लान पर अमल नहीं किया, होप ने पिच को कठिन बताया कप्तान श्रेयस अय्यर ने बुधवार को टीम इंडिया की हार पर कहा- भारतीय गेंदबाजों ने अपनी लाइन और लेंथ पर सही तरीके से अमल नहीं किया। यही वह जगह थी, जहां हम थोड़ा पीछे रह गए। पढ़ें पूरी खबर
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