धार तालाब हादसा: सहेली को बचाने कूदी 14 साल की बच्ची, दोनों की डूबने से दर्दनाक मौत
धार जिले के धरमपुरी थाना क्षेत्र के उटावद गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां तालाब में नहाने गई दो नाबालिग बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। बताया जा रहा है कि पहले 13 वर्षीय बच्ची का पैर फिसला और वह गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के लिए उसकी 14 वर्षीय सहेली बिना कुछ सोचे तालाब में कूद गई, लेकिन दोनों की जान नहीं बच सकी।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर बताती है कि बारिश के मौसम में तालाब, नदी और गहरे जलाशयों के पास थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उटावद गांव में कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार यह घटना धार जिले के धरमपुरी थाना क्षेत्र के उटावद गांव की है। गांव का छोटा तालाब बच्चों के नहाने का स्थान बना हुआ था। सोमवार को 13 वर्षीय सोनाक्षी और 14 वर्षीय गायत्री वहां नहाने पहुंची थीं। इसी दौरान सोनाक्षी का अचानक पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई।
सोनाक्षी को डूबता देखकर गायत्री ने बिना देर किए उसे बचाने की कोशिश की और तालाब में कूद गई। लेकिन तालाब में पानी ज्यादा गहरा होने के कारण दोनों बच्चियां बाहर नहीं निकल सकीं और डूब गईं।
छोटे भाई ने गांव पहुंचकर दी जानकारी
घटना के समय पास में खेल रहा एक छोटा बच्चा पूरी घटना देखकर घबरा गया। वह तुरंत गांव पहुंचा और परिजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब की ओर दौड़े।
ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही धरमपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बच्चियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है।
गांव में पसरा मातम
उटावद गांव में इस हादसे के बाद हर कोई स्तब्ध है। जिन बच्चियों की हंसी कुछ देर पहले तक पूरे मोहल्ले में गूंज रही थी, उनकी अचानक मौत ने सभी को झकझोर दिया। दोनों परिवारों के घरों पर लोगों की भीड़ लगी रही और हर किसी की आंखें नम थीं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में तालाब में पानी काफी गहरा हो जाता है। ऐसे समय बच्चों को अकेले तालाब में जाने से रोकना बहुत जरूरी है।
अगस्त-सितंबर का राशन एक साथ मिलेगा, 2 बार बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी; खाद्य मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मध्य प्रदेश के राशनकार्ड धारकों के लिए काम की खबर है। अगस्त और सितम्बर महीने की राशन सामग्री का एकमुश्त वितरण 31 अगस्त तक किया जाएगा। इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को अहम निर्देश जारी किए हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को उचित मूल्य दुकानों से अगस्त एवं सितम्बर की राशन सामग्री का एकमुश्त वितरण 31 अगस्त तक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गये हैं। उचित मूल्य दुकानों पर राशन सामग्री प्रदाय एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करने और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमित्ता पाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गये हैं।
मंत्री राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राशन सामग्री का शत् प्रतिशत उठाव 15 अगस्त तक पूरा कर उचित मूल्य दुकानों में भण्डारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के अनुबंधित परिवहनकर्ताओं के माध्यम से दुकानों पर राशन सामग्री का प्रदाय समय पर सुनिश्चित करायें। इसकी जीपीएस के माध्यम से मॉनिटरिंग भी करें।
कितना मिलेगा राशन
- अन्त्योदय अन्न योजना के हितग्राहियों को 35 किग्रा प्रति परिवार राशन दिया जाता है। इसमें गेहूं व चावल शामिल हैं।
- इसके अलावा प्राथमिकता परिवार श्रेणी में आने वाले हितग्राहियों को 5 किग्रा प्रति सदस्य राशन मिलता है।
- साथ ही दोनों श्रेणी के हितग्राहियों को एक किग्रा नमक प्रति परिवार भी दिया जाता है।
- ध्यान रहे पीओएस मशीन में अगस्त एवं सितम्बर की राशन सामग्री को वितरित करते समय दो बार बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा।
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