इस हफ्ते 9 आईपीओ में निवेश का मौका:HD फायर और फ्यूजन CX जैसी कंपनियां शामिल; जानिए प्राइस बैंड और लिस्टिंग की तारीखें
आज यानी सोमवार 12 दिसंबर से शुरू होने वाले हफ्ते में मेनबोर्ड सेगमेंट में 6 कंपनियों के आईपीओ खुल रहे हैं। इसके अलावा SME सेगमेंट में भी 3 IPO में निवेश कर सकते हैं। 1. HD फायर प्रोटेक्ट: ₹712 करोड़ का IPO, पूरा ऑफर फॉर सेल तारीख: ये आईपीओ 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड: प्राइस बैंड 258 से 271 रुपए प्रति शेयर है। लॉट साइज 55 शेयरों का है। इश्यू साइज: यह पूरा 712 करोड़ रुपए का इश्यू ऑफर फॉर सेल है। लिस्टिंग: स्टॉक की लिस्टिंग 21 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। 90 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट करती है कंपनी 1997 में बनी HD फायर प्रोटेक्ट सुरक्षा से जुड़े इक्विपमेंट्स और सिस्टम बनाती और सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स में स्प्रिंकलर्स, अलार्म वॉल्व्स, डेल्यूज वॉल्व्स, फोम सिस्टम्स, मॉनिटर्स, नोजल्स, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम्स और गैस सेपरेशन सिस्टम शामिल हैं। कंपनी ऑयल एंड गैस, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, पावर, हैवी इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मा, डेटा सेंटर्स, हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर को अपनी सेवाएं देती है। कंपनी 90 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट करती है और महाराष्ट्र में इसके दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। 2. फ्यूजन CX: ₹702 करोड़ का IPO, फ्रेश शेयर और OFS का मिक्स तारीख: यह आईपीओ 14 अक्टूबर को खुलेगा और 16 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड: ₹275 से ₹289 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 51 शेयरों का है। इश्यू साइज: कुल इश्यू साइज ₹702 करोड़ का है। इसमें ₹500 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹202 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। लिस्टिंग: 22 अक्टूबर को इसकी लिस्टिंग संभावित है। 13 देशों में 40 डिलीवरी सेंटर्स, मुनाफा दोगुना होकर ₹170 करोड़ पहुंचा फ्यूजन CX कस्टमर एक्सपीरियंस और बिजनेस प्रोसेस सॉल्यूशंस देती है। इसके 13 देशों में 40 डिलीवरी सेंटर्स हैं। इसके ग्राहकों में फॉर्च्यून 1000 की 22 कंपनियां हैं। कंपनी टेलीकॉम, हेल्थकेयर, ट्रैवल, BFSI और रिटेल जैसे सेक्टर्स में काम करती है। 3. सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज: 2.76 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल तारीख: यह आईपीओ 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड: अभी तक इसके प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ। इश्यू साइज: यह पूरा इश्यू 2.76 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) है। लिस्टिंग: शेयरों का अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को और लिस्टिंग 23 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। 76 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल होते हैं कंपनी के प्रोडक्ट 2001 में बनी सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज (SMT) वैस्कुलर और हार्ट इंटरवेंशन से जुड़े मेडिकल डिवाइसेस बनाती है। इसके पोर्टफोलियो में कोरोनरी स्टेंट, बैलून्स, रीनल स्टेंट और पेरीफेरल ड्रग-कोटेड बैलून्स शामिल हैं। इसके प्रॉडक्ट्स 76 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल होते हैं। 4. बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशन का ₹2,533 करोड़ का आईपीओ पावर ट्रांसमिशन और गियरबॉक्स सॉल्यूशंस में लीडर बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख टेक्नोलॉजी-ड्रिवन कंपनियों में से एक है। यह मैकेनिकल और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल पावर ट्रांसमिशन और इंडस्ट्रियल ड्राइव सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी हाई-प्रिसिजन और मिशन-क्रिटिकल गियरबॉक्स व ड्राइव सिस्टम्स का डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग करती है, जिनका इस्तेमाल कई बड़ी इंडस्ट्रीज में होता है। 5. जेटवर्क: ₹5,012 करोड़ का बड़ा आईपीओ ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग मार्केटप्लेस है जेटवर्क 2017 में स्थापित जेटवर्क एक 'एसेट-लाइट' टेक-ड्रिवन ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म है। ये 'Zetwerk OS' के जरिए कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल्स, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और ऑटोमेशन जैसे सेक्टर्स में कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स से जोड़ता है। 6. टोनबो इमेजिंग इंडिया: ₹852.18 करोड़ का आईपीओ ग्लोबल डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स OEM है कंपनी दिसंबर 2003 में बनी टोनबो इमेजिंग एक ग्लोबल डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स OEM है। यह कंपनी डिफेंस और सिक्योरिटी सेक्टर्स के लिए एडवांस्ड इलेक्ट्रो-ऑप्टिक, इन्फ्रारेड (EO/IR), एम्बेडेड विजन, कम्युनिकेशन, गाइडेंस और सर्विलांस सिस्टम्स बनाती है। मेनबोर्ड के अलावा इस हफ्ते SME प्लेटफॉर्म पर भी दो कंपनियों के IPO आ रहे हैं… 1. रविता इंजीनियरिंग: ₹116 करोड़ का IPO, नए शेयर जारी होंगे तारीख: यह आईपीओ 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड: ₹105 से ₹112 प्रति शेयर तय किया गया है। न्यूनतम निवेश: रीटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 2,400 शेयर (2 लॉट) है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से इसमें न्यूनतम ₹2,68,800 का निवेश करना होगा। इश्यू साइज: यह ₹116.05 करोड़ का फ्रेश इश्यू है। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कोई शेयर नहीं बेचा जा रहा है। यानी पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा। लिस्टिंग: NSE SME प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 21 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। OM सेवाएं भी देती है कंपनी दिसंबर 2007 में बनी रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड एक इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस कंपनी है। कंपनी अपने बनाए प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ थर्ड-पार्टी कंपनियों द्वारा लगाए गए सिस्टम्स के लिए ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस (OM) सेवाएं भी मुहैया कराती है। कंपनी मुख्य रूप से 3 सेक्टर्स में काम करती है: ऑनशोर: कमर्शियल बिल्डिंग्स, हॉस्पिटैलिटी, कॉर्पोरेट और इंडस्ट्रियल यूनिट्स। ऑफशोर: ऑयल रिग्स, समुद्री प्लेटफॉर्म्स और अन्य ऑफशोर मरीन इंस्टॉलेशंस। डेटा सेंटर: डेटा सेंटर्स के लिए स्पेशलाइज्ड कूलिंग और एयर-फ्लो सिस्टम्स। 2. वैभव व्यापार: ₹42.10 करोड़ का SME IPO तारीख: यह आईपीओ 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड: कंपनी ने इसका प्राइस बैंड ₹51 से ₹54 प्रति शेयर तय किया है। न्यूनतम निवेश: रीटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 4,000 शेयर (2 लॉट) है। ऊपरी प्राइस बैंड पर रीटेल निवेशकों को न्यूनतम ₹2,16,000 का निवेश करना होगा। इश्यू साइज: यह पूरा ₹42.10 करोड़ का फ्रेश इश्यू है। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा नहीं है, यानी आईपीओ से जुटाई गई पूरी रकम सीधे कंपनी को मिलेगी। अलॉटमेंट और लिस्टिंग: शेयरों का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होगा। इसके बाद NSE SME प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 21 अक्टूबर को होने की संभावना है। लोन फ्रंट एप के जरिए डिजिटल लेंडिंग करती है कंपनी फरवरी 2009 में बनी वैभव व्यापार लिमिटेड एक NBFC यानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। कंपनी अपने मोबाइल एप लोन फ्रंट के जरिए पर्सनल लोन देती है। इसका मुख्य फोकस भारत के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में पहली बार लोन लेने वाले ग्राहकों पर है। 3. शेल्स इंडिया: ₹59.97 करोड़ का SME आईपीओ कन्फेक्शनरी प्रॉडक्ट्स बनाती है कंपनी शेल्स इंडिया लिमिटेड चॉकलेट, जेली, बेक्ड ट्रीट्स और दूसरे कन्फेक्शनरी प्रॉडक्ट्स बनाती है। इसके पास 250 से ज्यादा SKUs का एक मजबूत पोर्टफोलियो है। इसके अलावा कंपनी अर्बन, सेमी-अर्बन और रूरल मार्केट में फूड व बेकरी इंग्रीडिएंट्स की सप्लाई भी करती है। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में भारतीय-बाजार से ₹44,166 करोड़ निकाले: 2026 में निकासी ₹3 लाख करोड़ पार; वजह- US बॉन्ड यील्ड और क्रूड के दाम बढ़े विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने का सिलसिला जारी है। अक्टूबर महीने में विदेशी निवेशकों ने अब तक इक्विटी मार्केट से ₹44,166 करोड़ की निकासी की है। इसके साथ ही साल 2026 में अब तक FPIs का कुल नेट आउटफ्लो बढ़कर ₹3.04 लाख करोड़ से ज्यादा हो चुका है। पूरी खबर पढ़ें…
जियो-बीपी का पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा:नई कीमतें आज से लागू; हरियाणा में एक लीटर पेट्रोल ₹109 और डीजल ₹97 का हुआ
रिलायंस इंडस्ट्रीज की हिस्सेदारी वाली कंपनी जियो-बीपी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया है। इस साल कंपनी ने पहली बार कीमतें बढ़ाई हैं। नई कीमतें रविवार से लागू हो गई हैं। इसके बाद पंजाब में जियो-बीपी के पंपों पर पेट्रोल करीब ₹108.54 और डीजल ₹99.19 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, हरियाणा में पेट्रोल की कीमत करीब ₹109.80 और डीजल की ₹97.75 प्रति लीटर हो गई है। जियो-बीपी कीमतें बढ़ाने वाली देश की दूसरी तेल कंपनी पिछले 10 दिनों में जियो-बीपी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने वाली देश की दूसरी तेल कंपनी है। इससे पहले 3 अक्टूबर को रोसनेफ्ट के समर्थन वाली नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया था। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने इसकी जानकारी दी थी। जियो-बीपी ने सितंबर में एक बार में डीजल की बिक्री 50 लीटर तक सीमित कर दी थी। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने 1 अक्टूबर को कहा था कि सरकार निजी रिफाइनरी कंपनियों के साथ डीजल की बिक्री पर लगी इन पाबंदियों का मुद्दा उठाएगी और उन्हें हटाने के लिए कहेगी। 3 अक्टूबर: नायरा का पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा नायरा एनर्जी ने 3 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई हैं। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया है। नई कीमतें शनिवार सुबह से ही लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद भोपाल में एक लीटर पेट्रोल ₹119.54 और डीजल ₹102.64 का हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई तेजी के बाद रिटेल कीमतों और बढ़ती लागत के बीच के अंतर को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। रूस-यूक्रेन जंग और मिडिल ईस्ट तनाव से सप्लाई घटी मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। इस सप्लाई संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें काफी बढ़ गई हैं। कंपनियों को एक्सपोर्ट में फायदा, देश में बेचने पर घाटा ग्लोबल मार्केट में कीमतें ज्यादा होने के कारण भारतीय रिफाइनरियों के लिए देश में सस्ता तेल बेचने के बजाय विदेश में एक्सपोर्ट करना ज्यादा फायदेमंद हो गया है। रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, 9 सितंबर तक प्राइवेट कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹5 प्रति लीटर और डीजल पर ₹23 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था। अब क्रूड ऑयल 107 डॉलर के पार जाने से यह घाटा बढ़ गया है। इससे पहले रिलायंस-बीपी ने अप्रैल में भी ऐसी ही पाबंदियां लगाई थीं। सरकारी कंपनियों को रोजाना ₹530 करोड़ का नुकसान प्राइवेट पंपों पर पाबंदी के बाद अब ग्राहकों की भीड़ इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी कंपनियों के पेट्रोल पंपों की तरफ रुख कर रही है। देश के रिटेल फ्यूल मार्केट में इन तीनों कंपनियों की 90% हिस्सेदारी है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, सरकारी रिफाइनरियां लागत से कम कीमत पर फ्यूल बेचने के कारण रोजाना करीब ₹530 करोड़ का नुकसान उठा रही हैं। ------------ पेट्रोल-डीजल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रिलायंस और नायारा ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित की:क्रूड 107 डॉलर पार होने से घाटा बढ़ा; नायरा पंपों पर एक गाड़ी में सिर्फ 200L डीजल मिलेगा महंगे कच्चे तेल और स्थिर रिटेल कीमतों की वजह से रिलायंस-बीपी और नायरा एनर्जी जैसी प्राइवेट कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित कर दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक नायारा के आउटलेट्स पर अब एक गाड़ी में अधिकतम 200 लीटर डीजल और 30 लीटर पेट्रोल ही भरा जा रहा है। वहीं रिलायंस ने कितनी बिक्री पर पाबंदी लगाई है ये साफ नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
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