Responsive Scrollable Menu

अफ्रीकी देश जिबूती के पास नाव डूबी, 109 की मौत:116 लापता, 305 लोग सवार थे; इथियोपिया के 80 से ज्यादा नागरिक बचाए गए

अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी नाव डूबने से 109 लोगों की मौत हो गई, जबकि 116 लोग लापता हैं। नाव में करीब 305 लोग सवार थे। हादसे में 80 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संस्था (IOM) के मुताबिक, सभी जीवित बचे लोग इथियोपिया के नागरिक हैं। हादसा 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात जिबूती के ओबॉक शहर के उत्तर में हुआ। IOM के मुताबिक, हादसे के बाद अब तक 109 शव बरामद किए गए हैं। इनमें 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। बच्चों में 9 लड़कियां और 6 लड़के हैं। नाव अचानक समुद्र में डूब गई हादसे में बचे लोगों ने बताया कि नाव जिबूती से यमन जा रही थी। इसी दौरान वह समुद्र में पलट गई। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए IOM की टीमें जिबूती के अधिकारियों के साथ काम कर रही हैं। जिबूती में IOM के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कोइसाक ने कहा कि यह जानमाल का बेहद दुखद नुकसान है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने लोगों को खोया है या अब भी उनकी खबर का इंतजार कर रहे हैं। बेहतर जिंदगी की तलाश में खतरनाक समुद्री रास्ता अपनाते हैं लोग IOM के मुताबिक, गरीबी, असुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के कारण कई लोग रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में यह खतरनाक समुद्री रास्ता अपनाते हैं। प्रवासी जिबूती से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पार करके यमन पहुंचने की कोशिश करते हैं। इसके बाद उनका लक्ष्य खाड़ी देशों तक पहुंचना होता है। इस रास्ते पर समुद्र में नाव डूबने और जान जाने का खतरा बना रहता है। IOM ने कहा कि मध्य पूर्व में अस्थिरता के बावजूद लोग बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में यह जोखिम भरी यात्रा कर रहे हैं। IOM के मुताबिक, 2025 में अफ्रीका से यमन जाने वाले समुद्री रास्ते पर 900 से ज्यादा प्रवासियों की मौत हो गई या वे लापता हो गए। इस रास्ते से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या भी 2024 के मुकाबले 18% बढ़ गई। मार्च 2026 में भी जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी एक नाव डूब गई। इस हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई, जबकि 45 लोग लापता हो गए। नाव में 300 से ज्यादा लोग सवार थे। पिछले महीने इंडोनेशिया में फेरी डूबी, 80 से ज्यादा मौतें इससे पहले पिछने महीने इंडोनेशिया में यात्री फेरी डूबने से 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने फेरी चलाने वाली कंपनी के 3 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। विर्गो ट्रांसपोर्ट 8 नाम की फेरी सुराबाया से बोर्नियो द्वीप जा रही थी। इसमें 213 यात्री और 30 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के बाद 108 लोगों को बचाया गया, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। इंडोनेशिया में 17 हजार से ज्यादा द्वीप हैं। यहां आने-जाने के लिए नावों और फेरी का इस्तेमाल आम है। सुरक्षा में लापरवाही और खराब मौसम के कारण यहां अक्सर समुद्री हादसे होते हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ईरान के 19 जहाज श्रीलंका के पास फंसे:खाना-पानी और ईंधन की कमी, अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से मदद करने से बच रही सरकार श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान के 19 जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर खाने-पीने के सामान, पानी और ईंधन की कमी हो गई है। इसके बावजूद श्रीलंका सरकार फिलहाल उनकी मदद करने से बच रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Continue reading on the app

पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में इमरान की पार्टी की सरकार बर्खास्त:इमरजेंसी लगी; पूर्व पीएम की रिहाई के लिए राज्य के CM मार्च निकाल रहे थे

पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने रविवार को खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लगा दी और सरकार बर्खास्त कर दी। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इसकी घोषणा की। यहां इमरान खान की पार्टी PTI की सरकार है। खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी पूर्व पीएम की रिहाई की मांग को लेकर समर्थकों के साथ इस्लामाबाद की ओर 4 अक्टूबर से मार्च निकाल रहे थे। अब उन्हें अपना पद छोड़ना होगा। शहबाज सरकार का आरोप है कि PTI सरकार प्रांत में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जानबूझकर सहयोग नहीं कर रही है। पाक सरकार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगी। PTI बोली- फैसले से हिंसा और बढ़ सकती है इमरजेंसी लगाने का फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई आपात कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक में प्रांत की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के तहत इमरजेंसी और गवर्नर शासन लागू करने का फैसला किया। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी PTI ने इस कदम का विरोध किया है। पार्टी अध्यक्ष गौहर अली खान ने इसे अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि प्रांत के अधिकार कमजोर करके शांति और स्थिरता नहीं लाई जा सकती। इमरान खान के करीबी सहयोगी और PTI प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने इस फैसले को ‘हास्यास्पद’ बताया। उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तान की एकमात्र वैध रूप से चुनी गई सरकार है। बुखारी ने कहा कि इस फैसले से हिंसा, अस्थिरता और आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का रास्ता खुला था लेकिन सरकार के इस कदम से लगता है कि वह बातचीत करना ही नहीं चाहती थी। इससे पहले इमरान खान के समर्थकों के प्रदर्शन कई बार हिंसक हो चुके हैं। 2024 में हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों की भी मौत हुई थी। इमरजेंसी और गवर्नर शासन का क्या मतलब है? पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 232 के तहत युद्ध, दूसरे देश के हमले या देश के अंदर बिगड़े ऐसे हालात में इमरजेंसी लगाई जा सकती है, जिन्हें प्रांतीय सरकार संभाल न पा रही हो। इमरजेंसी लगने पर केंद्र सरकार को प्रांत के मामलों में दखल देने और कुछ मुद्दों पर कानून बनाने के ज्यादा अधिकार मिल जाते हैं। वहीं, अनुच्छेद 234 के तहत जब किसी प्रांत की सरकार संविधान के मुताबिक काम नहीं कर पाती, तो वहां गवर्नर शासन लगाया जा सकता है। इसके लिए राष्ट्रपति के फैसले को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक से मंजूरी लेनी होती है। मंजूरी नहीं मिलने पर गवर्नर शासन दो महीने बाद खत्म हो जाता है। मंजूरी मिलने पर भी इसे एक बार में दो महीने के लिए ही बढ़ाया जा सकता है। यह व्यवस्था कुल छह महीने से ज्यादा नहीं चल सकती। पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले में अनुच्छेद 233 का इस्तेमाल नहीं किया है। यह अनुच्छेद इमरजेंसी के दौरान नागरिकों के कुछ बुनियादी अधिकारों पर रोक लगाने से जुड़ा है। PTI और सरकार के बीच बातचीत नाकाम रही 73 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने से जुड़े आरोपों समेत 100 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। लॉन्ग मार्च PTI और केंद्र सरकार के बीच बातचीत के दो दौर नाकाम होने के बाद शुरू हुआ था। बातचीत इस मुद्दे पर टूट गई कि प्रदर्शन खत्म करने से पहले इमरान खान से मिलने दिया जाए। PTI पहले इमरान से मुलाकात चाहती थी, जबकि सरकार की शर्त थी कि पार्टी पहले प्रदर्शन खत्म करे। केंद्र सरकार ने पहले ही चेतावनी दी थी कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई और मार्च के तय रास्तों पर शिपिंग कंटेनर लगाकर सड़कें बंद कर दी गईं। अब आपातकाल लगाकर PTI सरकार को ही बर्खास्त कर दिया गया है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में 4 प्रांतों के 15 हिस्से करने की तैयारी:पंजाब-सिंध में नवाज और भुट्टो परिवार कमजोर होंगे पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर देश के 4 प्रांतों को 12 से 15 हिस्सों में बांटकर सियासत का पूरा गणित बदलना चाहते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

वर्ल्ड कप में रोहित को किया आउट, अब 30 की उम्र में ही ये गेंदबाज रिटायर, दिल तोड़ने वाली है वजह

सिर्फ 30 साल की उम्र में स्कॉटलैंड के तेज गेंदबाज ब्रैड व्हील ने संन्यास का ऐलान किया. उन्होंने सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट से ही नहीं बल्कि हर स्तर के क्रिकेट से संन्यास ले लिया. Fri, 16 Oct 2026 19:04:12 +0530

  Videos
See all

News18 UP Mega Survey: BJP विधायक Sidharth Nath Singh सर्वे पर क्या बोले? CM Yogi |UP Election 2027 #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-16T14:45:25+00:00

Hanuman Ansh | न वैनिटी वैन, न लग्जरी… कैसे शूट हुई ‘हनुमान अंश’ #shorts #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-16T14:40:36+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers