जबलपुर में गहरे नाले में गिरी स्विफ्ट कार, पुलिस ने शीशा तोड़कर चालक को बचाया
एक तरफ बारिश ने जहां लोगों को राहत दी है। वहीं दूसरी तरफ कुछ हादसों की जानकारी भी सामने आ रही है। जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र में भी एक ऐसे ही घटना देखने को मिली। यहां एक अनियंत्रित कार सड़क किनारे गहरे नाले में गिर गई।
जानकारी के मुताबिक के लिए घटना जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति बंगले के सामने मुख्य सड़क पर हुई है। यह कार महाराजपुर से आधारताल की तरफ जा रही थी। अचानक का अचानक का नियंत्रण बिगड़ा और यह 15 फीट गहरे नाले में गिर गई।
कांच तोड़कर चालक को निकाला
इस घटना के वक्त संयोगवश आधारताल थाना पुलिस का पेट्रोलिंग वाहन वाहन से गुजर रहा था। कार के नाले में गिरते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शीशा तोड़कर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। जानकारी के मुताबिक प्रशांत सिंह अपनी कार एमपी 20 सीएफ 2972 से अधारताल जा रहे थे तभी संतुलन बिगड़ने से ये हादसा हो गया।
क्रेन से निकाली कार
घटना के तुरंत बाद कार चालक को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बाहर निकाल लिया। उन्हें हल्की फुल्की खरोंच आई है। वहीं कोशिश के बाद कार को क्रेन की मदद से बाहर निकाल लिया गया। हादसे में कुछ बड़ा हताहत नहीं हुआ है। अधारताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार के मुताबिक पुलिस ने मामला संज्ञान में लिया है। दुर्घटना का कारण पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
MP छात्रसंघ चुनाव: हाईकोर्ट के हस्तक्षेप पर उमंग सिंघार ने जताया आभार, बीजेपी पर छात्रों के अधिकार छीनने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की कार्रवाई का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लाखों छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए वह हाईकोर्ट का आभार व्यक्त करते हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भाजपा सरकार ने पिछले नौ वर्षों तक छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष छात्रों से चुनाव शुल्क वसूला जाता रहा, लेकिन उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि जब हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा तब सरकार को अदालत के समक्ष सितंबर में छात्रसंघ चुनाव कराने का आश्वासन देना पड़ा।
उमंग सिंघार ने बीजेपी पर लगाए आरोप
उमंग सिंघार ने कहा है कि भाजपा सरकार युवाओं की आवाज़ से डरती है, इसलिए लोकतंत्र की पहली पाठशाला माने जाने वाले विश्वविद्यालयों में छात्र नेतृत्व को कमजोर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एमपी में नौ साल तक युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश की गई, लेकिन नई पीढ़ी जेन ज़ी अपने अधिकारों के प्रति बेहद जागरूक है और अब किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र में अधिकार किसी सरकार की कृपा से नहीं, बल्कि संविधान से मिलते हैं। प्रदेश का युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सजग है और छात्रसंघ चुनाव समय पर कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
क्या है मामला
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में कई वर्षों से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने का मुद्दा उठाया गया था। याचिका में यह भी कहा गया कि छात्रों से चुनाव मद में शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन चुनाव नहीं कराए जा रहे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा, जिसके बाद सरकार ने अदालत को बताया कि प्रदेश में आगामी सितंबर में छात्रसंघ चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है।
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