पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, CM भगवंत मान ने जनता को समर्पित किए 154 नए आम आदमी क्लीनिक
पंजाब सरकार ने राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चब्बेवाल के गांव हरखोवाल में आयोजित एक जनसभा के दौरान, 154 नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए. इसके साथ ही राज्य में इन क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1,244 हो गई है. सरकार की इस पहल का उद्देश्य लोगों को उनके घरों के नजदीक सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल राजनीतिक नारों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना है. नए क्लीनिकों के माध्यम से मरीजों को मुफ्त दवाइयां, चिकित्सकीय परामर्श और जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.
मुफ्त दवाइयां और जांच की सुविधा
मुख्यमंत्री के अनुसार, नए क्लीनिकों में 107 प्रकार की दवाइयां और 47 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे विशेष रूप से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें इलाज के खर्च के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
नए क्लीनिकों में से 36 अमृतसर, 26 पटियाला, 17 लुधियाना, 12 गुरदासपुर, 11 जालंधर और 10 मोहाली जिले में स्थापित किए गए हैं. शेष क्लीनिक अन्य जिलों में खोले गए हैं, जिससे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया गया है.
सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, पहले से संचालित 1,090 आम आदमी क्लीनिकों में अब तक 6.48 करोड़ से अधिक ओपीडी दर्ज की गई हैं. इन केंद्रों पर मरीजों को मुफ्त दवाइयों और जांच सेवाओं का लाभ मिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं के प्रति लोगों की बढ़ती भागीदारी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विश्वास बढ़ने का संकेत है.
मुख्यमंत्री सेहत योजना से 10 लाख रुपये तक के इलाज का प्रावधान
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सेहत योजना भी शुरू की है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस योजना के तहत 54.20 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं. पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा देने का प्रावधान है.
इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसी परिवार को जरूरी चिकित्सा सेवाओं से वंचित न रहना पड़े. सरकार के अनुसार, बड़ी संख्या में लाभार्थी इस योजना के तहत इलाज करा चुके हैं.
स्वास्थ्य विभाग में 5,388 युवाओं को रोजगार
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 5,388 युवाओं को रोजगार देने की जानकारी दी है. इनमें मेडिकल ऑफिसर, विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सें और मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर शामिल हैं. सरकार का कहना है कि चिकित्सा और पैरामेडिकल कर्मचारियों की नियुक्तियों से स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों का विस्तार, मुफ्त दवाइयां, जांच सेवाएं और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों का हिस्सा हैं. इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, सांसद राज कुमार चब्बेवाल, विधायक ईशान चब्बेवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे.
ग्वालियर में स्वच्छता संवाद: 'सड़क पर थूका या कचरा फैलाया तो लगेगा जुर्माना', GIIT के छात्रों ने उठाई मांग
न्यूज नेशन और ग्वालियर नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे देश के 'सबसे बड़े स्वच्छता संवाद' की गूंज अब शहर के शैक्षणिक संस्थानों में सुनाई दे रही है. यह अभियान ग्वालियर के प्रसिद्ध जीआईआईटी (GIIT) कॉलेज कैंपस पहुंचा. इस दौरान कॉलेज के भावी इंजीनियर्स और छात्र-छात्राओं ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़ा और कड़ा सुझाव देते हुए मांग की है कि सड़क पर थूकने या कचरा फैलाने वालों पर नगर निगम द्वारा सख्त जुर्माना लगाया जाना चाहिए, ताकि लोग जिम्मेदारी समझें.
संवाद की शुरुआत करते हुए संवाददाता विनोद शर्मा ने जीआईआईटी के बेहद खूबसूरत और हरे-भरे कैंपस की सराहना की. उन्होंने कहा कि देश की दशा और दिशा बदलने में युवा इंजीनियर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की चेयरमैन रीता शर्मा ने उपस्थित प्रोफेसर्स और छात्र-छात्राओं को स्वच्छता की सामूहिक शपथ दिलाई. सभी ने संकल्प लिया कि वे घरों का कचरा सड़कों पर नहीं फेंकेंगे, गीला-सूखा कचरा अलग डस्टबिन में रखकर नगर निगम की गाड़ी में ही देंगे और 'सिंगल-यूज़ प्लास्टिक' व पॉलिथीन का पूरी तरह बहिष्कार कर कपड़े के थैलों का उपयोग करेंगे.
इस अभियान के दौरान युवाओं ने सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन का बहिष्कार कर कपड़े के थैलों का उपयोग करने की बात कही. वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा ने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्रों से कुछ तकनीकी और इनोवेटिव सुझावों की उम्मीद है जो ग्वालियर को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर ला सकें. छात्रों द्वारा जुर्माना लगाने की इस मांग को नगर निगम के अधिकारी आगामी रणनीतियों में शामिल कर सकते हैं.
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