सोना-चांदी खरीदारों के लिए राहत, कीमतों में आई गिरावट
नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। सोना और चांदी खरीदारों के लिए खुशखबरी है। गुरुवार को कीमती धातुओं की कीमत में गिरावट देखने को मिली है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,672 रुपए कम होकर 1,55,650 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,57,322 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
22 कैरेट सोने की कीमत 1,44,107 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,42,575 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम 1,17,992 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,16,738 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का दाम 7,316 रुपए कम होकर 2,59,133 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,66,449 रुपए प्रति किलो था।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार दोपहर 12 बजे और शाम को 5 बजे कीमतें जारी की जाती हैं।
हाजिर के साथ वायदा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.47 प्रतिशत कम होकर 1,58,055 रुपए हो गई है। चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.83 प्रतिशत कम होकर 2,58,192 रुपए हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। खबर लिखे जाने तक सोना 5,100 डॉलर प्रति औंस पर सपाट और चांदी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 83 डॉलर के आसपास कर रहा था।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा के उम्मीद से मजबूत होने के कारण सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। एमसीएक्स पर सोने के लिए सपोर्ट 1,56,000 रुपए पर और रुकावट का स्तर 1,60,000 रुपए पर है। अब बाजार की नजर अमेरिका से सीपीआई आंकड़े पर है, जो कि शुक्रवार की शाम को जारी होगा। इससे ही सोने की आगे की दिशा तय होगी।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
शेख हसीना ने बांग्लादेश चुनाव को बताया ‘ढोंग’, जनता से खारिज करने की अपील
ढाका, 12 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को हुए 13वें संसदीय चुनाव को “ढोंग”, “अवैध” और “असंवैधानिक” करार दिया है। उन्होंने महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय सहित नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि जनता ने इस चुनाव को खारिज कर दिया है।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा कराए गए “कथित” चुनाव की निंदा करते हुए हसीना ने आरोप लगाया कि सत्ता पर “अवैध और असंवैधानिक” तरीके से काबिज प्रशासन ने एक “सुनियोजित नाटक” रचा। उन्होंने कहा कि अवामी लीग की भागीदारी के बिना कराए गए इस “वोटरलेस” चुनाव में लोगों के मतदान अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की पूरी तरह अनदेखी की गई।
अवामी लीग के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में हसीना ने कहा, “11 फरवरी की शाम से ही मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोट खरीदना, पैसे बांटना, बैलेट पर मुहर लगाना और एजेंटों से परिणाम पत्रों पर हस्ताक्षर कराना शुरू हो गया। 12 फरवरी की सुबह तक देशभर के अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदाता उपस्थिति नगण्य रही, जबकि राजधानी और अन्य क्षेत्रों के कई केंद्रों पर कोई मतदाता नहीं था।”
उन्होंने चुनाव आयोग के हवाले से कहा कि सुबह 11 बजे तक, यानी मतदान शुरू होने के साढ़े तीन घंटे बाद, केवल 14.96 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला। हसीना ने कहा, “यह बेहद कम मतदान प्रतिशत स्पष्ट रूप से दिखाता है कि अवामी लीग के बिना हुए चुनाव को जनता ने व्यापक रूप से नकार दिया।”
हसीना ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले अवामी लीग के मतदाताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ लगातार हमले, गिरफ्तारियां और डराने-धमकाने की घटनाएं हुईं, ताकि उन्हें मतदान केंद्रों से दूर रखा जा सके।
उन्होंने कहा, “सभी धमकियों और उत्पीड़न के बावजूद लोगों ने इस धोखाधड़ी वाले चुनाव को खारिज कर दिया, जिससे अधिकांश मतदान केंद्र खाली रहे। इसके अलावा, खासकर ढाका शहर में मतदाता सूचियों में असामान्य वृद्धि देखी गई, जो गंभीर सवाल खड़े करती है और बेहद संदिग्ध है।”
अवामी लीग ने इस “वोटरलेस, अवैध और असंवैधानिक” चुनाव को रद्द करने की मांग की है। पार्टी ने “हत्यारी-फासीवादी यूनुस सरकार” के इस्तीफे, शिक्षकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों सहित सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई और सभी “झूठे मामलों” को वापस लेने की मांग की।
साथ ही, अवामी लीग ने अपनी गतिविधियों पर लगी रोक हटाने और एक निष्पक्ष अंतरिम सरकार की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने की मांग की है, ताकि जनता के मतदान अधिकार बहाल किए जा सकें।
--आईएएनएस
डीएससी
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