ग्वालियर में स्वच्छता संवाद: 'सड़क पर थूका या कचरा फैलाया तो लगेगा जुर्माना', GIIT के छात्रों ने उठाई मांग
न्यूज नेशन और ग्वालियर नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे देश के 'सबसे बड़े स्वच्छता संवाद' की गूंज अब शहर के शैक्षणिक संस्थानों में सुनाई दे रही है. यह अभियान ग्वालियर के प्रसिद्ध जीआईआईटी (GIIT) कॉलेज कैंपस पहुंचा. इस दौरान कॉलेज के भावी इंजीनियर्स और छात्र-छात्राओं ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़ा और कड़ा सुझाव देते हुए मांग की है कि सड़क पर थूकने या कचरा फैलाने वालों पर नगर निगम द्वारा सख्त जुर्माना लगाया जाना चाहिए, ताकि लोग जिम्मेदारी समझें.
संवाद की शुरुआत करते हुए संवाददाता विनोद शर्मा ने जीआईआईटी के बेहद खूबसूरत और हरे-भरे कैंपस की सराहना की. उन्होंने कहा कि देश की दशा और दिशा बदलने में युवा इंजीनियर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की चेयरमैन रीता शर्मा ने उपस्थित प्रोफेसर्स और छात्र-छात्राओं को स्वच्छता की सामूहिक शपथ दिलाई. सभी ने संकल्प लिया कि वे घरों का कचरा सड़कों पर नहीं फेंकेंगे, गीला-सूखा कचरा अलग डस्टबिन में रखकर नगर निगम की गाड़ी में ही देंगे और 'सिंगल-यूज़ प्लास्टिक' व पॉलिथीन का पूरी तरह बहिष्कार कर कपड़े के थैलों का उपयोग करेंगे.
इस अभियान के दौरान युवाओं ने सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन का बहिष्कार कर कपड़े के थैलों का उपयोग करने की बात कही. वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा ने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्रों से कुछ तकनीकी और इनोवेटिव सुझावों की उम्मीद है जो ग्वालियर को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर ला सकें. छात्रों द्वारा जुर्माना लगाने की इस मांग को नगर निगम के अधिकारी आगामी रणनीतियों में शामिल कर सकते हैं.
GIIT कैंपस में गूंजा 'स्वच्छता संवाद', छात्रों ने ली स्वच्छता की शपथ; नगर निगम को दिए अहम सुझाव
ग्वालियर नगर निगम और न्यूज नेशन के 'स्वच्छता संवाद' अभियान के तहत ग्वालियर इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (GIIT) के परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों और चेयरमैन ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शहर को स्वच्छ बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
कार्यक्रम की शुरुआत में छात्रों और शिक्षकों ने स्वच्छता की शपथ ली, जिसमें कचरा सही जगह पर डालने और सिंगल-यूज प्लास्टिक व पॉलिथीन का उपयोग न करने का संकल्प लिया गया. संवाद के दौरान छात्रों ने सुझाव दिया कि इंदौर की तर्ज पर ग्वालियर में भी खुले में कचरा फेंकने और थूकने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाना चाहिए. इसके अलावा, सड़कों के छोटे-छोटे गड्ढों को तुरंत ठीक कराने पर भी जोर दिया गया ताकि गंदगी न फैले.
नगर निगम की ओर से इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप के लिए आमंत्रित किया गया, जिससे वे तकनीकी कौशल के जरिए स्वच्छता कार्यों में अपना योगदान दे सकें. इस हरे-भरे और जीवंत कैंपस में गौशाला और विभिन्न पक्षियों की मौजूदगी ने पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संदेश दिया.
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