तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इससे पहले आज, रेड्डी ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उन्हें ईसा और मूसी नदियों के संगम पर प्रस्तावित "गांधी सरोवर परियोजना" के शिलान्यास समारोह में आमंत्रित किया, जो फरवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाला है। रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक का विवरण साझा करते हुए कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को स्थल के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी और याद दिलाया कि महात्मा गांधी की अस्थियों को फरवरी 1948 में दो नदियों के संगम पर विसर्जित किया गया था।
एक्स पर पोस्ट में कहा कि आज दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मेरी मुलाकात हुई। मैंने उन्हें फरवरी के आखिरी सप्ताह में ईसा और मूसी नदियों के संगम पर प्रस्तावित 'गांधी सरोवर परियोजना' के शिलान्यास समारोह में आमंत्रित किया। मैंने माननीय केंद्रीय मंत्री जी को इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि समझाई। मैंने उन्हें याद दिलाया कि फरवरी 1948 में महात्मा गांधी की अस्थियों को ईसा और मूसी नदियों के संगम पर विसर्जित किया गया था। उन्होंने राजनाथ सिंह को आगे बताया कि 'गांधी सरोवर' परियोजना राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना का हिस्सा है।
रेड्डी ने आगे कहा कि भविष्य में इस स्थल पर स्थित बापू घाट को शिक्षा, संस्कृति, आध्यात्मिकता और पर्यावरण जागरूकता के विश्व स्तरीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस बैठक में तेलंगाना कांग्रेस के कई सांसद भी उपस्थित थे। रेड्डी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि मैंने श्री राजनाथ सिंह को सूचित किया कि 'गांधी सरोवर' परियोजना जन सरकार द्वारा शुरू की गई मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना के अंतर्गत चलाई जा रही है। मैंने श्री राजनाथ सिंह को समझाया कि भविष्य में इस क्षेत्र में स्थित बापू घाट को शिक्षा, संस्कृति, आध्यात्मिकता और पर्यावरण के विश्व स्तरीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस बैठक में तेलंगाना कांग्रेस के कई सांसद उपस्थित थे।
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को फटकार लगाते हुए कहा कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचते हुए वे न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकते। अदालत ने माल्या को भारत लौटने के अपने इरादे को स्पष्ट करने का अंतिम मौका दिया। माल्या की याचिका में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम और उनकी भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली पीठ विजय माल्या की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम और उन्हें भगोड़ा घोषित करने की कार्यवाही की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी। पीठ ने कहा कि वह इस बात को दर्ज करने के लिए इच्छुक है कि माल्या अदालत के अधिकार क्षेत्र से बच रहे हैं और इसलिए वे अपनी याचिका में राहत की उम्मीद नहीं कर सकते।
अदालत ने कहा, "आपको लौटना होगा। यदि आप नहीं लौटते हैं, तो हम आपकी याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। आप अदालती प्रक्रिया से बच रहे हैं, इसलिए जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचते हुए आप न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकते। फिर भी, निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए, हम मामले को खारिज नहीं कर रहे हैं और आपको एक और मौका दे रहे हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, विदेश मंत्रालय (MEA) ने दोहराया कि सरकार भारत में वांछित आर्थिक भगोड़ों को मुकदमे का सामना करने के लिए वापस लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हालांकि इसमें कई कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं, सरकार विजय माल्या और ललित मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल नामों सहित आर्थिक अपराधियों की वापसी के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम भारत में कानून द्वारा वांछित और भगोड़े लोगों को देश में वापस लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। इसमें कई कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं, लेकिन हम उन्हें वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं ताकि वे यहां की अदालतों में मुकदमे का सामना कर सकें। माल्या और मोदी दोनों पर भारत में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है।
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 31 अक्टूबर, 2025 तक, भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत कुल 15 व्यक्तियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। इनमें से नौ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल थे, जिसके परिणामस्वरूप 26,645 करोड़ रुपये का मूलधन का नुकसान हुआ। 31 अक्टूबर, 2025 तक इन ऋणों पर अर्जित ब्याज 31,437 करोड़ रुपये है, जबकि अपराधियों से 19,187 करोड़ रुपये वसूल किए जा चुके हैं।
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