रिकॉर्ड गिरावट के बाद हल्की बढ़त, फिर भी वैश्विक बाजार में चांदी की कमी
ब्रिटिश नागरिकता और पाकिस्तानी कनेक्शन, आजमगढ़ के मदरसे का मौलाना विदेश में बैठक लेता रहा सैलरी
ED Rain in Azamgarh: प्रवर्तन निदेशालय ने संत कबीरनगर जिले में ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. ईडी लखनऊ जोनल की टीम ने खलीलाबाद मीट मंडी स्थित मौलाना के घर पर छापेमारी की. जिसमें कई अहम सुराग मिले हैं. छापेमारी के दौरान सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की गई. इस दौरान ईडी की टीम ने मौलाना की पत्नी और बहू से पूछताछ की.
मौलाना पर विदेशों से फंडिंग का आरोप
मौलाना शमशुल हुदा पर विदेशी फंडिंग लेने का आरोप है. जिसके जरिए उनसे मदरसे का निर्माण कराया और अन्य संपत्तियां बनाईं. इसके साथ ही एटीएस की जांच में मौलाना का पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया है. वहीं ईडी की टीम ने विदेशी फंडिंग को लेकर जांच शुरू की है. बता दें कि मौलाना शमशुल हुआ आजमगढ़ के एक मदरसे में शिक्षक था. उसने साल 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता लेती. तभी से वह ब्रिटेन में रह रहा है. लेकिन ब्रिटेन में बैठकर भी वह सैलरी लेता रहा. उसके खिलाफ फेमा के तहत खलीलाबाद कोतवाली में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है.
2007 में ब्रिटेन चला गया था मौलाना शमशुल हुदा
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने मौलाना के अस्थाई आवास पर छापेमारी की, जो आजमगढ़ के मुबारकपुर में स्थित है. संतकबीरनगर का रहने वाला मौलाना शमशुल हुदा खान 12 जुलाई 1984 को आजमगढ़ के मदरसा ‘दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम’ में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त हुआ था. लेकिन साल 2007 में वह ब्रिटेन चला गया और 2013 में उसे ब्रिटेन की नागरिकता मिल गई.
इस मामले में सरकार ने उसके मदरसे की मान्यता रद्द कर दी. यही नहीं इस मामले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन पांडे, गाजियाबाद के डीएमओ साहित्य निकट सिंह, बरेली के लालमन और अमेठी के प्रभात कुमार को निलंबित किया जा चुका है. सभी पर आजमगढ़ में तैनाती के दौरान मौलाना को लाभ पहुंचाने का आरोप है.
ब्रिटेन में बैठकर लेता रहा सरकार से वेतन
बता दें कि मौलाना ने 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता हासिल कर ली. लेकिन साल 2017 तक वह मदरसे से आलिया सेक्शन के शिक्षक के रूप में वेतन लेता रहा. यही नहीं विभाग की मिलीभगत से उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी ले ली. इस मामले में उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है. उसने इस दौरान 16 लाख 59 हजार 555 रुपये सरकारी धनराशि प्राप्त की. इस मामले में मौलाना की पत्नी, बेटे और बहू के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं.
पाकिस्तान का दौरा कर चुका है मौलाना
एटीएस की जांच में पता चला है कि मौलाना शमशुल हुदा 2007 से ही संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था. इस्लामी प्रचार के नाम पर वह पाकिस्तान के कई शहरों की यात्रा कर चुका है. जहां उसने मौलवियों और धार्मिक संगठनों के संपर्क भी किया. इसके साथ ही वह भारत में जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं और कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के भी संपर्क में रहा है.
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