T20 World Cup 2026 में इन 2 खिलाड़ियों ने मचाया धमाल, धमाकेदार प्रदर्शन से टॉप पर बनाई जगह
T20 World Cup 2026: भारत और श्रीलंका में की संयुक्त मेजबानी में खेला जा रहा आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप अपने शुरुआती दौर में है. आज टूर्नामेंट का छठा दिन है और 6 टीमों के बीच मुकाबले खेले जाने वाले हैं. इसमें भारत और श्रीलंका के मैच में फैंस को देखने के लिए मिलने वाले हैं. भारत नामीबिया से और श्रीलंका ओमान से भिड़ने वाली है. उससे पहले आज हम आपको टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ियों के बारे में बताने वाले हैं.
सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट हैं. उन्होंने अब तक सिर्फ 2 मैच खेले हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 2 हाफ सेंचुरी की मदद से 154 रन निकले हैं. उनका हाईएस्ट स्कोर 89* रहा है. सीफर्ट के बल्ले से 19 चौके और 6 छक्के भी निकले हैं. भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव 1 अर्धशतक के साथ 84 रन बनाकर टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय हैं.
A dominant display with the bat from Tim Seifert powered New Zealand to a comprehensive victory over UAE ????
— ICC (@ICC) February 10, 2026
He is the @aramco POTM ????️ pic.twitter.com/6apG7kBENG
सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज अमेरिका (USA) शैडली वैन शल्कविक बने हुए हैं. उन्होंने अब तक 2 मैच खेले हैं. इस दौरान शल्कविक ने 8 ओवर में 50 रन खर्च करते हुए कुल 8 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान उनका बेस्ट प्रदर्शन 4/25 रहा है. भारत के मोहम्मद सिराज टूर्नामेंट में 1 मैच में 3 विकेट लेकर सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय बने हुए हैं.
Shadley van Schalkwyk in T20wc 2026
— ΉΛZZ メ???? (@CricketInWhites) February 10, 2026
Vs India: 4-0-25-4 eco 6.25
Vs Pakistan: 4-0-25-4 eco 6.25
And he is 37 years old! pic.twitter.com/WcOVLeRw8P
आज शाम कोलंबो के आर प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में भारत और नामीबिया के बीच होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 18वें मैच में इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के पास टूर्नामेंट में अपने रिकॉर्ड बेहतर करने का मौका होगा. ऐसे में सूर्यकुमार यादव जहां अपने रनों में इजाफा करना चाहेंगे तो वहीं मोहम्मद सिराज अपने विकेटों की संख्या बढ़ाकर टॉप पहुंचने का सपना देखेंगे.
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बांग्लादेश समझौते का भारत और अमेरिका के बीच व्यापार अधिशेष पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यह 90 अरब डॉलर पार कर सकता है: एसबीआई
नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद भारत का व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) सालाना 90 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। गुरुवार को जारी एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भारत को हर साल कम से कम 45 अरब डॉलर का अतिरिक्त फायदा हो सकता है, जो देश की जीडीपी का लगभग 1.1 प्रतिशत है। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 3 अरब डॉलर की बचत भी हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप और ब्रिटेन के साथ हुए समझौतों के बाद अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता भारत को एक खास रणनीतिक स्थिति में पहुंचाता है। इससे भारत और उसके निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा, जबकि देश अपने संवेदनशील क्षेत्रों में कोई बड़ा समझौता नहीं कर रहा है।
एसबीआई के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा कि शुरुआती अनुमान के अनुसार भारतीय निर्यातक एक वर्ष में शीर्ष 15 उत्पादों का निर्यात अमेरिका को 97 अरब डॉलर तक बढ़ा सकते हैं। अन्य उत्पादों को मिलाकर यह आंकड़ा 100 अरब डॉलर से भी अधिक हो सकता है। वहीं अमेरिका से भारत में हर साल 50 अरब डॉलर से अधिक का आयात होने की संभावना है (सेवाओं को छोड़कर)।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष 40.9 अरब डॉलर था। वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-दिसंबर) में यह 26 अरब डॉलर रहा और आने वाले समय में यह सालाना 90 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है।
अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते पर भी रिपोर्ट में चर्चा की गई है। अमेरिका भारत से लगभग 7.5 अरब डॉलर का कपड़ा आयात करता है और लगभग इतनी ही मात्रा में बांग्लादेश से भी आयात करता है। हालांकि दोनों देशों से आयात किए जाने वाले उत्पाद अलग-अलग प्रकार के होते हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिका बांग्लादेश से अधिक मात्रा में परिधान (बुने हुए नहीं) आयात करता है, जबकि अन्य तैयार वस्त्रों का आयात भारत से अधिक मात्रा में होता है।
हाल ही में अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते में बांग्लादेशी सामान पर टैरिफ घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही एक शर्त भी रखी गई है कि अगर बांग्लादेश अमेरिका से कपास और मानव निर्मित फाइबर आयात करेगा, तो कुछ मात्रा में उसके कपड़ा उत्पादों पर शून्य टैरिफ लागू होगा। इससे यह आशंका जताई गई कि भारतीय कपड़ा निर्यातकों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका से कच्चा माल आयात करना भारत की तुलना में महंगा पड़ेगा, इसलिए भारत की प्रतिस्पर्धा क्षमता कमजोर नहीं होगी। अगर अमेरिका की कपास बांग्लादेश को निर्यात की जाने वाली भारत की 10 प्रतिशत कपास और 2 प्रतिशत मानव निर्मित फाइबर की जगह ले भी ले, तो भारत को केवल लगभग 1 अरब डॉलर का छोटा नुकसान हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यूरोप के साथ हुए हालिया समझौते से भारत के लिए 260 अरब डॉलर के कपड़ा बाजार में बिना शुल्क (जीरो ड्यूटी) प्रवेश का रास्ता खुल गया है। इससे भारतीय कपड़ा उद्योग को बड़ा फायदा मिल सकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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