काम नहीं तो वेतन नहीं, तमिलनाडु सरकार ने क्यों दी कर्मचारियों को चेतावनी?
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताओं के विरोध में 12 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके कारण बैंकिंग और अन्य जनसेवा क्षेत्रों पर असर पड़ने की संभावना है।
अमूल एआई से डेयरी क्षेत्र में डिजिटल क्रांति, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया नई पहल का उद्घाटन
गुजरात के आनंद में विश्वविख्यात सहकारी संस्था अमूल द्वारा विकसित ‘अमूल एआई’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित यह पहल कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।
The AI Revolution in India's Dairy Heartland!
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) February 11, 2026
Launched the Amul Artificial Intelligence (AI) in Anand today.
This AI initiative is a game-changer: It is a platform using Artificial Intelligence to provide 24x7 personalized support to 36 lakh milk producers, aiming to boost… pic.twitter.com/kkEyIYShix
36 लाख दुग्ध उत्पादकों और 18,500 से अधिक गांवों से जुड़े अमूल ने सहकारी तंत्र को तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में यह अभिनव कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था में तकनीक की अहम भूमिका रही है। जिस तरह UPI ने डिजिटल लेन-देन में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाया, उसी तरह अमूल एआई डेयरी क्षेत्र में नई क्रांति लाएगा।
Amul AI’s power comes from integrating the data of over 200 Crore milk purchase transactions and records for 3 Crore animals. It uses state-of-the-art tech, including GPUs provided by @GoI_MeitY, to deliver hyper-personalized advice.
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) February 11, 2026
Happy to learn that Amul AI will be showcased… pic.twitter.com/RIJtw070kL
राज्य सरकार और केंद्र सरकार की किसान-हितैषी नीतियों के चलते डेयरी क्षेत्र को विशेष बल मिला है। हालिया व्यापार समझौतों में डेयरी उत्पादों को बाहर रखकर करोड़ों दुग्ध उत्पादकों के हितों की रक्षा की गई है। साथ ही, 20 हजार पशु चिकित्सकों की तैयारी के लिए विशेष प्रावधान और महिलाओं के खातों में 94 प्रतिशत भुगतान सीधे जमा होना आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार, सहकार और तकनीक का यह संगम गुजरात को वैश्विक डेयरी हब बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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