सौरव दास को जेल नंबर 2 तो आशुतोष रांका को जेल नंबर 4, तिहाड़ में अलग-अलग रहेंगे CJP नेता
CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल में अलग-अलग रखा गया है. सौरव दास जेल नंबर 2 में हैं जबकि आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में भेजा गया है. दोनों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. पुलिस का आरोप है कि दोनों नेताओं ने पहले शांति बनाए रखने के लिए मुचलका भरा था और उसकी शर्तों का उल्लंघन किया. इसी मामले में CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को भी हिरासत में लिया गया था. हालांकि शिंदे नया मुचलका भरने के बाद रिहा हो गए. वहीं रांका और सौरव दास दोनों ने पटियाला हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है.
Explainer: रिटायरमेंट के बाद क्या जज और चुनाव आयुक्त लड़ सकते हैं चुनाव, क्या हैं नियम?
Explainer:किसी जज, मुख्य चुनाव आयुक्त या दूसरे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के रिटायर होने के बाद क्या वह तुरंत राजनीति में आ सकता है या सरकार में कोई नया पद संभाल सकता है? इस सवाल के जवाब में अक्सर दो साल के कूलिंग पीरियड की चर्चा होती है लेकिन भारत में सभी पदों के लिए ऐसा कोई एक जैसा नियम नहीं है. कुछ पदों के लिए संविधान ने दूसरी सरकारी नियुक्तियों पर स्पष्ट रोक लगाई है तो कुछ के लिए खास शर्तें लागू होती हैं. वहीं रिटायर्ड जजों और चुनाव आयुक्तों के राजनीतिक पद स्वीकार करने पर दो साल का कोई सामान्य अनिवार्य कूलिंग पीरियड नहीं है. जानिए संविधान के अनुच्छेद से लेकर संबंधित कानूनों तक, रिटायरमेंट के बाद किन पदों पर क्या नियम लागू होते हैं.
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