उज्जैन में दशहरा पर जलेंगे 101 फीट के दो रावण, एक राजा तो दूसरा राक्षसी अवतार में आएगा नजर
नवरात्रि के बीच अब दशहरा को लेकर तैयारी जोर शोर से चल रही है। 20 अक्टूबर को देशभर में दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी कई जगहों पर रावण दहन किया जाता है। इस बार 101 फीट के दो पुतले कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं।
शहर में दशहरा मैदान, कार्तिक मेला ग्राउंड और शास्त्री नगर सहित अन्य जगहों पर भी रावण दहन होता है। ये तीन मुख्य स्थान है जहां शहरवासी एकत्रित होते हैं। दशहरा मैदान और कार्तिक मेला परिसर के लिए 101 फीट के दो रावण तैयार किए जा रहे हैं। कारीगर इन्हें अंतिम रूप दे रहे हैं।
3D डिजाइन में बन रहा वाटरप्रूफ रावण
जानकारी के मुताबिक इस बार दोनों जगह के रावणों को 3D डिजाइन में तैयार किया गया है। इन्हें वाटरप्रूफ बनाया जा रहा है ताकि अगर मौसम बिगड़ता है तो इन पर कोई असर ना हो पाए। कई बार रावण दहन से पहले होने वाली बारिश के चलते पुतले गीले हो जाते हैं। इस वजह से दहन सही तरीके से नहीं हो पाता है।
25 दिन से चल रहा काम
इन विशाल रावण के पुतले को बनाने का काम 25 दिन से 8 कारीगरों की टीम कर रही है। दोनों लगभग पूरे हो चुके हैं और फिनिशिंग का काम किया जा रहा है। इस बार की डिजाइन रावण दहन देखने आने वाले लोगों को आकर्षित करने वाली है।
क्या होगी थीम
रावण दहन की थीम की बात करें तो शिप्रा तट स्थित कार्तिक मेला परिसर के लिए 101 फीट ऊंचा रावण राजा के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके हाथों में कांटेदार पारंपरिक हथियार दिखाई देगा। वहीं दशहरा मैदान का रावण राक्षसी सिंह के राजा के रूप में दिखाई देगा। पुतला राजा की तरह सजाया गया है और चेहरे पर राक्षसी छवि दिखाई गई है। बड़े बड़े दांत और मुकुट पर सींग दिख रहे हैं।
पशुपालन विभाग भर्ती घोटाले में पूर्व IAS योगेश कुमार गिरफ्तार, सपा सरकार से है कनेक्शन
उत्तर प्रदेश के पशुधन विभाग में हुई भर्ती में गड़बड़ी के मामले में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी योगेश कुमार पर शिकंजा कस गया है. आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने लखनऊ निवासी रिटायर्ड आईएएस योगेश कुमार को इस भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया है. सपा सरकार के कार्यकाल में वे विभाग के प्रमुख सचिव रहे थे.
यह मामला वर्ष 2014 की उस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें पशुधन विभाग के 1,198 पदों पर नियुक्तियां की गई थीं. इस प्रकरण की रिपोर्ट वर्ष 2017 में सौंपी गई थी. मामला आने के लगभग नौ साल बाद अब यह कार्रवाई हुई है.
भर्ती के समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, इसलिए गिरफ्तारी के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं. भर्ती में किस स्तर पर और किस तरह की अनियमितता हुई इस पर EOW की ओर से अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में मिलने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.
खबर अपडेट की जा रही है
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News
News Nation









