महिलाओं के फैशन में 'न्यू लुक' क्रांति, डियोर ने जानें कैसे बदला नैरेटिव
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। वैश्विक फैशन इतिहास में न्यू लुक ने बड़ी धमक के साथ वर्षों पहले कदम रखा था। 12 फरवरी 1947 का ही वो दिन था जो एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज हो गया। इसी दिन फ्रांस के युवा लेकिन दूरदर्शी फैशन डिजाइनर क्रिश्चियन डियोर ने पेरिस में अपना पहला फैशन कलेक्शन प्रस्तुत किया, जिसे बाद में न्यू लुक के नाम से जाना गया।
यह केवल कपड़ों का एक नया कलेक्शन भर नहीं था, बल्कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद टूट चुकी उम्मीदों, सादगी और अभाव से जूझ रही दुनिया के लिए सौंदर्य, आत्मविश्वास और नारीत्व की पुनर्परिभाषा थी।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप में फैशन पर कठोर प्रतिबंध थे। कपड़े सादे, सीधे और उपयोगितावादी हो गए थे। कपड़ों में कपड़े की कमी, डिजाइन में कुछ नया नहीं था और रंगों में फीकेपन का दौर था। ऐसे समय में क्रिश्चियन डियोर ने महिलाओं के पहनावे को फिर से भव्यता और कोमलता देने का साहसिक प्रयास किया। उनके डिजाइन में पतली कमर, उभरे हुए कंधे, घेरदार स्कर्ट और मुलायम कपड़ों का प्रयोग था, जो युद्धकालीन फैशन से बिल्कुल विपरीत था।
डियोर ने अपने फैशन दर्शन को शब्दों में व्यक्त करते हुए कहा था, “मैंने महिलाओं को फूलों की तरह गढ़ा—नरम कंधेबेल की तरह पतली कमर और फूलों की तरह खुलती स्कर्ट दी।” यह कथन केवल एक विचार नहीं था, बल्कि उस सौंदर्यबोध का प्रतीक था जिसे डियोर दुनिया के सामने लाना चाहते थे। उनके कपड़े स्त्री सौंदर्य, आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का उत्सव थे।
इस फैशन शो के बाद अमेरिकी फैशन पत्रिका हार्पर बाजार की संपादक कार्मेल स्नो ने कहा, “यह तो एक क्रांति है, प्रिय क्रिश्चियन! आपके परिधानों में बिल्कुल नया लुक है।” यही कथन आगे चलकर “न्यू लुक” का नाम बना और फैशन इतिहास में अमर हो गया। इस प्रतिक्रिया ने यह स्पष्ट कर दिया कि डियोर का कलेक्शन केवल फ्रांस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक फैशन की दिशा बदल देगा।
हालांकि शुरुआत में ‘न्यू लुक’ को लेकर आलोचनाएं भी हुईं। कुछ लोगों ने इसे युद्ध के बाद के कठिन समय में अत्यधिक विलासिता बताया, तो कुछ ने इसे महिलाओं को फिर से पारंपरिक स्त्री भूमिकाओं में बांधने का प्रयास कहा। इसके बावजूद, इस शैली ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की और यूरोप तथा अमेरिका में फैशन उद्योग को नई ऊर्जा दी।
‘न्यू लुक’ ने फैशन हाउस ऑफ डियोर की नींव को मजबूत किया और पेरिस को एक बार फिर दुनिया की फैशन राजधानी के रूप में स्थापित किया।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सोने में जोरदार तेजी, 10 ग्राम का भाव 1.57 लाख रुपए के पार
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। सोने की कीमत में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली है, जिससे 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम फिर से 1.57 लाख रुपए के पार पहुंच गया है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 1,067 रुपए बढ़कर 1,57,322 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जो कि पहले 1,56,255 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
22 कैरेट सोने की कीमत 1,43,130 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,44,107 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम 1,17,191 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,17,992 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
दूसरी तरफ, चांदी की कीमत 7,349 रुपए बढ़कर 2,66,449 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि इससे पहले मंगलवार को 2,59,100 रुपए प्रति किलो थी।
हाजिर बाजार के साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.94 प्रतिशत बढ़कर 1,58,284 रुपए और चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 3.91 प्रतिशत बढ़कर 2,62,435 रुपए हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.10 प्रतिशत बढ़कर 5,086 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 4.35 प्रतिशत बढ़कर 83 डॉलर प्रति औंस हो गई है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि एमसीएक्स पर सोने में 1,700 रुपए की तेजी देखने को मिली। यह दिखाता है कि अमेरिका के बेरोजगारी और नॉन-फॉर्म पेरोल के आंकड़ों से पहले निवेशकों ने पॉजिशन बना ली है।
उन्होंने आगे कहा कि सोने के लिए सपोर्ट 1,55,000 रुपए के आसपास है, जबकि रुकावट का स्तर 1,60,000 रुपए से लेकर 1,62,000 रुपए के बीच है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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