Usman Tariq: उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर बवाल, लगे 'चकिंग' के आरोप; क्या ICC के 15 डिग्री नियम का उल्लंघन हो रहा?
Usman Tariq Action controversy: पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारीक इन दिनों अपने अनोखे बॉलिंग एक्शन की वजह से सुर्खियों में हैं। छोटा सा रन-अप, तिरछा एप्रोच, रिलीज से पहले लंबा पॉज और फिर स्लिंग जैसी गेंदबाजी- उनके स्टाइल ने फैंस से लेकर एक्सपर्ट्स तक का ध्यान खींचा। हाल ही में पाकिस्तान की 32 रन की जीत में 3 विकेट लेने के बाद सोशल मीडिया पर उनके एक्शन को लेकर चकिंग का विवाद फिर भड़क गया।
कई यूजर्स ने वीडियो क्लिप रोक-रोककर देखीं, स्क्रीनशॉट्स शेयर किए और दावा किया कि उनकी कोहनी आईसीसी के तय 15 डिग्री लिमिट से ज्यादा मुड़ती है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन ने लाहौर टी20 में आउट होने के बाद उनके एक्शन की नकल कर नाराजगी जताई थी। इंग्लैंड के टॉम बैंटन और पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी सवाल उठाए थे। हालांकि अश्विन ने अंतिम फैसला आईसीसी पर छोड़ा है।
क्या है आईसीसी का नियम?
ICC के नियम साफ हैं कि गेंदबाज की कोहनी गेंद रिलीज करते वक्त 15 डिग्री से ज्यादा नहीं मुड़नी चाहिए। संदिग्ध एक्शन की रिपोर्ट मैच अधिकारियों को करनी होती है। तारीक को पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान 2 बार रिपोर्ट किया गया था। लेकिन दोनों बार टेस्टिंग के बाद उन्हें क्लीन चिट मिल गई।
खुद तारीक ने बताया कि उनकी कोहनी स्वाभाविक रूप से मुड़ती है। मेडिकल भाषा में इसे 'हाइपरमोबाइल एल्बो' कहा जाता है, जिसे डबल जॉइंटेड भी कहते हैं। मुथैया मुरलीधरन और जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों को भी पहले इसी वजह से शक की नजर से देखा गया था लेकिन बाद में यह उनकी प्राकृतिक बनावट साबित हुई।
दिलचस्प बात यह है कि तारीक शुरुआत में तेज गेंदबाज थे। टेनिस बॉल मैच के दौरान चोट के बाद उन्होंने ऑफ स्पिन अपनाई और फिर विकेट मिलने लगे। उनके एक्शन का पॉज बल्लेबाजों की लय बिगाड़ देता है, जिससे गलती की संभावना बढ़ जाती। इंटरनेशनल डेब्यू के सिर्फ 3 महीने में वह 4 मैचों में 11 विकेट ले चुके और उनका इकोनॉमी रेट 6 से कम है।
उनका एक्शन भले अलग दिखे लेकिन आईसीसी ने अब तक इसे अवैध नहीं माना। जब तक आधिकारिक तौर पर कुछ साबित नहीं होता, उन्हें चकर कहना जल्दबाजी ही मानी जाएगी।
राज्य सेवा परीक्षा 2026 के लिए 1.30 उम्मीदवारों ने किया आवेदन, निर्धारित तिथि के बाद लगेगा विलंब शुल्क
राज्य सेवा परीक्षा 2026 को लेकर इस बार युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला है। पिछले कुछ वर्षों में जहां आवेदकों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही थी, वहीं इस साल आवेदन करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार करीब 1 लाख 30 हजार अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए फॉर्म भरा है। आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होकर 9 फरवरी की रात 12 बजे तक चली। खास बात यह रही कि अंतिम दिन ही 5 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने आखिरी समय तक फॉर्म भरे।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें भी सामने आईं। कई उम्मीदवारों ने सर्वर स्लो होने और फीस भुगतान में समस्या आने की बात कही। बावजूद इसके, कुल आवेदनों का आंकड़ा 1.30 लाख तक पहुंच गया, जो पिछले साल से ज्यादा है। वर्ष 2025 में 158 पदों के लिए लगभग 1.18 लाख आवेदन आए थे, जबकि इस बार 155 पदों के लिए 1.30 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यानी इस बार सीटें जरूर कुछ कम हैं, लेकिन प्रतियोगी परीक्षा पिछले साल की तुलना में ज्यादा कड़ी रहने वाली है।
अगर पिछले सालों का रुझान देखें तो 2024 में 110 पदों पर कुल 1.83 लाख लोगों ने आवदेन किया था। जबकि, 2023 में कुल 229 पदों पर 2.30 लाख लोगों ने आवेदन किया था। साल 2022 में 427 पदों पर कुल 2.75 लाख और 2021 में 283 पदों के लिए कुल 3 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किए थे। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बीच के सालों में संख्या में गिरावट आई, वहीं इस बार फिर से हल्की बढ़त देखने को मिली है। प्री परीक्षा 26 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिससे उम्मीदवारों के पास तैयारी के लिए काफी सीमित समय बाकी बचा है।
आयोग ने विलंब शुल्क को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं। निर्धारित तिथि के बाद पहले सात दिनों तक आवेदन करने पर 3 हजार रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके बाद यह राशि सीधे 25 हजार रुपए तक पहुंच जाएगी, जो सामान्य फीस की तुलना में काफी ज्यादा है। इस सख्ती का मकसद उम्मीदवारों को समय सीमा के भीतर आवेदन के लिए प्रेरित करना है। कुल मिलाकर, राज्य सेवा परीक्षा 2026 में बढ़ी हुई आवेदन संख्या यह दिखाती है कि युवाओं का भरोसा अब भी प्रशासनिक सेवाओं पर कायम है और इस बार मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।
(एपी सिंह की रिपोर्ट)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi





















